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मेरा सतगुरू रखवाला होया शबद से संगत हुई निहाल
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बांकेगंज। कस्बा स्थिति गुरुद्वारा में गुरुवार को श्री बुड्ढ़ा साहिब का जन्मोत्सव धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। महंगापुर गुरुद्धारे से पधारे संत बाबा गुरुनाम सिंह ने धार्मिक प्रवचनों से संगत का ज्ञान बढ़ाया।
कार्यक्रम स्थल गुरुद्धारा प्रांगण से सटे मैदान में पंजाब से आए रागी जत्थों के कीर्तन की गूंज से पंडाल में बैठी संगत ने वाहे गुरू का गुणगान किया। फगवाड़ा (पंजाब) से आए टाडी जत्था के भाई सुखविंदर सिंह अनमोल और डेरा पठाना से कवीसरी जत्था के भाई सुच्चा सिंह ने तू विसरहि तां सभु को लागू चीति आवहि तां सेवा सुनाई। साथ ही चीति आवै तां सदा दइआला लोगन किआ वेचारे, बुरा भला कहु किस नो कहिए सगले जीअ तुमारे सुनाकर संगत को निहाल कर दिया। वहीं महंगापुर से आए रागी जत्था के भाई हीरा सिंह ने मेरा सतगुरु रखवाला होया शबद से संगत को भाव-विभोर कर दिया। नथलमपुर (पंजाब) से आए कीर्तनी जत्था के बाबा परमप्रीत सिंह के धार्मिक कीर्तन से पंडाल गूंज उठा। चोहला साहिब पंजाब से पधारे कथा वाचक गियानी हरजीत सिंह की धार्मिक कथा सुनकर पंडाल में बैठी संगत ने जो बोले सो निहाल का गुणगान किया। महंगापुर गुरुद्वारा के बाब गुरुनाम सिंह की अगुवाई में भक्तों ने संगत में कार सेवा से पुण्य उठाया। दीवान की समाप्ति अरदास व बुड्ढ़ा साहिब के सुख आसान से की गई। फिर गुरू का लंगर अटूट बांटा गया। कार्यक्रम में कमेटी प्रधान अमरजीत सिंह, सतनाम सिंह, मंजीत सिंह,बलदेव सिंह आदि का सहयोग रहा।
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कार्यक्रम स्थल गुरुद्धारा प्रांगण से सटे मैदान में पंजाब से आए रागी जत्थों के कीर्तन की गूंज से पंडाल में बैठी संगत ने वाहे गुरू का गुणगान किया। फगवाड़ा (पंजाब) से आए टाडी जत्था के भाई सुखविंदर सिंह अनमोल और डेरा पठाना से कवीसरी जत्था के भाई सुच्चा सिंह ने तू विसरहि तां सभु को लागू चीति आवहि तां सेवा सुनाई। साथ ही चीति आवै तां सदा दइआला लोगन किआ वेचारे, बुरा भला कहु किस नो कहिए सगले जीअ तुमारे सुनाकर संगत को निहाल कर दिया। वहीं महंगापुर से आए रागी जत्था के भाई हीरा सिंह ने मेरा सतगुरु रखवाला होया शबद से संगत को भाव-विभोर कर दिया। नथलमपुर (पंजाब) से आए कीर्तनी जत्था के बाबा परमप्रीत सिंह के धार्मिक कीर्तन से पंडाल गूंज उठा। चोहला साहिब पंजाब से पधारे कथा वाचक गियानी हरजीत सिंह की धार्मिक कथा सुनकर पंडाल में बैठी संगत ने जो बोले सो निहाल का गुणगान किया। महंगापुर गुरुद्वारा के बाब गुरुनाम सिंह की अगुवाई में भक्तों ने संगत में कार सेवा से पुण्य उठाया। दीवान की समाप्ति अरदास व बुड्ढ़ा साहिब के सुख आसान से की गई। फिर गुरू का लंगर अटूट बांटा गया। कार्यक्रम में कमेटी प्रधान अमरजीत सिंह, सतनाम सिंह, मंजीत सिंह,बलदेव सिंह आदि का सहयोग रहा।
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