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दुधवा के लिए अब दुर्लभ नहीं रहा ग्राउंड आर्किड का पौधा

Wed, 14 Jul 2021 12:13 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 14 Jul 2021 12:13 AM IST
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Ground orchid plant is no longer rare for Dudhwa
टाइगर रिजर्व के कई इलाकों में इस बार बड़ी संख्या में दिखे फूलों से लदे पौधे
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पीसीसीएफ ने जताई खुशी, बोले-पिछले साल किशनपुर सेंक्चुरी में भी दिखे थे पौधे
बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व में वानस्पतिक संरक्षण और संवर्धन के प्रयासों से टाइगर रिजर्व के कई क्षेत्रों में दुर्लभ कहे जाने वाले ग्राउंड आर्किड पौधों के वंश में विस्तार हुआ है। हाल ही में दौरे पर आए प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) पीके शर्मा ने बड़ी संख्या में पौधों को देखकर खुशी जताई। पिछले साल इसके कुछ पौधे किशनपुर सेंक्चुरी में भी दिखाई दिए थे।
दुर्लभ और संकटग्रस्त प्रजाति का ग्राउंड आर्किड पौधा अब दुधवा के लिए दुर्लभ नहीं रहा। टाइगर रिजर्व की किशनपुर सेंक्चुरी, दक्षिण सोनारीपुर, सठियान समेत कई रेंजों में इस साल यह बड़ी संख्या में पाया गया है। उनमें इन दिनों बैंगनी और सफेद रंग के फूल आ रहे हैं, जो देखने में बेहद खूबसूरत हैं।
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हाल ही में उप्र के पीसीसीएफ पीके शर्मा जब दुधवा के दौरे पर आए तो उन्हें इस पौधों के बारे में बताया गया। इस पर उन्होंने स्वयं इस दुर्लभ पौधे को फलते-फूलते देखा तो उन्होंने दुधवा की वानस्पतिक समृद्धि का लोहा माना और इस प्रजाति के संवर्धन पर खुशी जताई।
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दुनिया के विभिन्न देशों में संकटग्रस्त माना जाता है ग्राउंड आर्किड
इस दुर्लभ वनस्पति को आमतौर पर ग्राउंड आर्किड के नाम से जाना जाता है। इसका वानस्पतिक नाम यूलोफिया ऑब्ट्यूसा है, जो आर्किड की एक प्रजाति है और आर्केडेसी परिवार की सदस्य है। इस दुर्लभ प्रजाति को दुनिया के विभिन्न देशों में संकटग्रस्त माना गया है। साथ ही संकटग्रस्त वनस्पतियों, जीव-जंतुओं के अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए सृजित सभा साइटिस कंवेंशन ऑन इंटरनेशनल ट्रेड की अनुसूची-2 में शामिल किया है। आईसीयूएन की रेड डाटा लिस्ट में भी इसके अत्यंत संकटग्रस्त प्रजाति के तौर पर शामिल किया गया है। यह एक ऐसी प्रजाति है जो मौसमी तौर पर जल प्लावित घास के मैदानों में उगती है।

दुर्लभ और संकटग्रस्त प्रजाति माने जाने वाले ग्राउंड आर्किड प्रजाति के पौधे का विस्तार दुधवा में तेजी से हो रहा है। यह यहां की वानस्पतिक समृद्धि का प्रतीक है।
- संजय पाठक, मुख्य वन संरक्षक/ फील्ड निदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व
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