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Lakhimpur Kheri News: 58 साल में 15 सांसद मिले लेकिन रोडवेज की बस एक भी नहीं

Sat, 30 Mar 2024 01:13 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 30 Mar 2024 01:13 AM IST
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Got 15 MPs in 58 years but not even a single roadways bus
संवाद न्यूज एजेंसी
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लखीमपुर खीरी। भले ही लखीमपुर खीरी प्रदेश का सबसे बड़ा जिला हो, लेकिन परिवहन के मामले में यह बहुत पिछड़ा हुआ है। जिला मुख्यालय लखीमपुर में 58 साल पहले रोडवेज के जिस बस अड्डे की नींव रखी गई, वह आज भी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। जबकि इस दौरान 15 सांसद बदल गए। 1965 में बस अड्डे का भवन दान की भूमि पर बन तो गया, लेकिन यहां वर्कशाप नहीं बन सका। वर्कशाप न बनने की वजह से आज भी रोडवेज के बेड़े में एक भी सरकारी बस नहीं है।
सन 1965 में तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री मुजफ्फर हुसैन ने शहर के बीचोबीच बहादुर नगर क्षेत्र में रोडवेज बस स्टेशन का लोकार्पण किया था। उस वक्त लखीमपुर में सिर्फ बसों का ठहराव था। यहां से बसों का संचालन शुरू होने में भी 31 साल लग गए। 2006 में इस बस अड्डे से कुछ रूटों के लिए अनुबंधित बसों का संचालन शुरू हुआ था। वर्तमान में परिवहन निगम की एक भी बस यहां से संचालित नहीं है, क्योंकि वर्कशाप ही नहीं बना। अभी 88 अनुबंधित बसों का संचालन सीतापुर, लखनऊ, धौरहरा समेत सात रूटों पर हो रहा है। अंतिम बस लखनऊ के लिए रात 9 बजे है। इसके बाद बस नहीं मिलेगी।
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भूमि के दस्तावेज ढूंढे जा रहे
जिस भूमि पर बस अड्डा बना है। वह भूमि 1965 में शहर के दोस्त खां नाम के जमीदार ने दान की थी। ऐसा कहा जा रहा है लेकिन परिवहन निगम के रिकॉर्ड में इस भूमि से संबंधित दस्तावेज नहीं हैं। इसके दस्तावेज ढूंढ जा रहे हैं।
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ये सुविधाएं भी नहीं

- यात्रियों के लिए बैठने के लिए बड़ा हाल नहीं।
- बस का इंतजार करने के लिए यात्रियों के मनोरंजन का साधन नहीं।

- पेयजल की उचित व्यवस्था नहीं, टंकियां पुरानी हैं जहां गंदगी रहती है।
- वाहनों के लिए पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है।


वर्कशॉप के लिए अब तक जमीन नहीं ढूंढ पाया प्रशासन
बस अड्डे को शहर से बाहर शिफ्ट करने के साथ वर्कशॉप बनाने के लिए परिवहन निगम के एमडी कई बार जमीन देखने के लिए कह चुके हैं लेकिन प्रशासन अभी तक जमीन नहीं ढूंढ सका है। प्रशासन को बस अड्डे के लिए जमीन चिह्नित कर परिवहन निगम के अफसरों को रिपोर्ट भेजनी है।


हरदोई मुख्यालय के लिए एक भी बस नहीं
लखीमपुर डिपो का परिक्षेत्र हरदोई है। जहां रोडवेज के आरएम बैठते हैं, लेकिन अपने ही परिक्षेत्र के लिए यहां से बस सेवा नहीं है। लखीमपुर से हरदोई के लिए काफी सवारियां रहती हैं, जिनको टुकड़ों में सफर करना पड़ता है। हरदोई के लिए कई बार बसों के संचालन को लेकर आवाज उठी, लेकिन हुआ कुछ नहीं।


बाइक स्टैंड बन गया रोडवेज
लखीमपुर रोडवेज भवन परिसर में अवैध तरीके से बाइकें खड़ी रहती हैं। जिसकी वजह से यात्रियों को बड़ी समस्या होती है। रोजाना 20 से 25 बाइकें रोडवेज भवन में अंदर खड़ी होती हैं। इस ओर न तो जिम्मेदार अफसर ध्यान दे रहे हैं और न ही खुद बाइक खड़ी करने वाले।

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लखीमपुर डिपो में आए हुए मुझे अभी एक साल हुआ है। आने के बाद यहां काफी कुछ सुधार किया गया है। लखीमपुर रोडवेज का भवन तो काफी पुराना है, लेकिन इसका डिपो करीब वर्ष 2006 में बना है। डिपो पर जो छोटी-छोटी खामियां है, उसको भी दुरुस्त कराया जाएगा।

मुकेश मेहरोत्रा, एआरएम
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