{"_id":"5ebad2a68ebc3e90470cf5f5","slug":"gehun-kraya-kendra-lakhimpur-news-bly405626999","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिस्टम में लगाई सेंध..एक-एक व्यक्ति पर हैं कई क्रय केंद्रों के ठेके","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिस्टम में लगाई सेंध..एक-एक व्यक्ति पर हैं कई क्रय केंद्रों के ठेके
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। सरकारी क्रय केंद्रों पर ऑनलाइन प्रक्रिया से गेहूं खरीद और पब्लिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) से भुगतान की व्यवस्था लागू होने के बाद भी माफिया ने सिस्टम में सेंध लगा रखी है। क्रय केंद्रों पर हैंडलिंग और परिवहन ठेकेदारों की बड़ी भूमिका आज भी बनी हुई है, जिसके माध्यम से माफिया आज भी क्रय केंद्रों पर अपनी पकड़ बनाए हुए है। एक ठेकेदार के नाम पर कई-कई क्रय केंद्रों पर माफिया अपने एजेंटों से गेहूं खरीद करवाते हैं। जबकि केंद्र प्रभारी सिर्फ मुखौटा भर हैं और इनका काम लैपटॉप पर ऑनलाइन कार्रवाई पूरी करने में बीतता है।
सरकारी एजेंसियों द्वारा की जाने वाली गेहूं और धान खरीद में लगातार गड़बड़ियों के मामले उजागर होते रहे हैं। कई नामी एजेंसियों के जिला प्रबंधक तक कार्रवाई के लपेटे में आए और उन पर थानों में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गईं। सरकारी खरीद में धांधली को रोकने के लिए इस वर्ष गेहूं खरीद में शत प्रतिशत पारदर्शिता लाने का दावा करते हुए सरकार ने सभी एजेंसियों पर पीएमएफएस से भुगतान करने का नियम कड़ाई से लागू किया हैै। जबकि किसानों का एसडीएम से सत्यापन कराया जाता है। इसके बावजूद इस सीजन में चार क्रय केंद्रों पर गड़बड़ी के मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से तीन मामलों में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई हैं। तीनों मामलों में गड़बड़ी के तार कहीं न कहीं ठेकेदारों से जुड़ रहे हैं। राजापुर मंडी के विपणन शाखा के क्रय केंद्र द्वितीय की केंद्र प्रभारी समेत हैंडलिंग ठेकेदार और उसके एजेंट के खिलाफ पांच दिन पहले रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है। इसमें नामजद आरोपी ठेकेदार के पास आठ क्रय केंद्रों पर हैंडलिंग और परिवहन का ठेका है, जिसमें तीन मोहम्मदी, पलिया के प्रमुख क्रय केंद्र शामिल है। इसी तरह पीसीयू, पीसीएफ आदि एजेंसियों के क्रय केंद्रों पर भी ठेकेदार कई-कई क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीदने की भूमिका में नजर आते हैं।
क्रय केंद्रों पर हैंडलिग और परिवहन के लिए अलग-अलग टेंडर के माध्यम से ठेके दिए जाते हैं। विपणन शाखा के क्रय केंद्रों पर हैंडलिंग और परिवहन के लिए लखनऊ स्थित आरएफसी कार्यालय में टेंडर प्रक्रिया होती है। अन्य एजेंसियां भी अपने अनुसार हैंडलिंग और परिवहन की व्यवस्था करती हैं।
विज्ञापन
-लालमणि पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
विज्ञापन
सरकारी एजेंसियों द्वारा की जाने वाली गेहूं और धान खरीद में लगातार गड़बड़ियों के मामले उजागर होते रहे हैं। कई नामी एजेंसियों के जिला प्रबंधक तक कार्रवाई के लपेटे में आए और उन पर थानों में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गईं। सरकारी खरीद में धांधली को रोकने के लिए इस वर्ष गेहूं खरीद में शत प्रतिशत पारदर्शिता लाने का दावा करते हुए सरकार ने सभी एजेंसियों पर पीएमएफएस से भुगतान करने का नियम कड़ाई से लागू किया हैै। जबकि किसानों का एसडीएम से सत्यापन कराया जाता है। इसके बावजूद इस सीजन में चार क्रय केंद्रों पर गड़बड़ी के मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से तीन मामलों में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई हैं। तीनों मामलों में गड़बड़ी के तार कहीं न कहीं ठेकेदारों से जुड़ रहे हैं। राजापुर मंडी के विपणन शाखा के क्रय केंद्र द्वितीय की केंद्र प्रभारी समेत हैंडलिंग ठेकेदार और उसके एजेंट के खिलाफ पांच दिन पहले रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है। इसमें नामजद आरोपी ठेकेदार के पास आठ क्रय केंद्रों पर हैंडलिंग और परिवहन का ठेका है, जिसमें तीन मोहम्मदी, पलिया के प्रमुख क्रय केंद्र शामिल है। इसी तरह पीसीयू, पीसीएफ आदि एजेंसियों के क्रय केंद्रों पर भी ठेकेदार कई-कई क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीदने की भूमिका में नजर आते हैं।
विज्ञापन
क्रय केंद्रों पर हैंडलिग और परिवहन के लिए अलग-अलग टेंडर के माध्यम से ठेके दिए जाते हैं। विपणन शाखा के क्रय केंद्रों पर हैंडलिंग और परिवहन के लिए लखनऊ स्थित आरएफसी कार्यालय में टेंडर प्रक्रिया होती है। अन्य एजेंसियां भी अपने अनुसार हैंडलिंग और परिवहन की व्यवस्था करती हैं।
विज्ञापन
-लालमणि पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी