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गौरैया संरक्षण को ‘दुधवा लाइव’ ने शुरू की गोष्ठियां

Fri, 20 Feb 2015 10:38 PM IST
लखीमपुर खीरी।
लखीमपुर खीरी। Updated Fri, 20 Feb 2015 10:38 PM IST
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अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित ‘दुधवा लाइव’ ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में गौरैया संरक्षण के लिए बैठकें शुरू कर दी हैं। शुक्रवार को मोहम्मदी तहसील के बेलहा फार्म में वन्यजीव प्रेमियों और समाज के विभिन्न वर्गों के साथ ‘दुधवा लाइव’ के संस्थापक केके मिश्र ने बैठक का आयोजन किया। बैठक में मोहम्मदी तहसील में गौरैया बचाओ अभियान की रूपरेखा तैयार की गई।
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बैठक में वन्यजीव विशेषज्ञों ने बताया कि 2010 में ‘दुधवा लाइव’ की ओर से शुरू किए गए गौरैया बचाओ अभियान ने तराई के जिलों के अलावा पूरे भारत और दुनिया में अपना जागरूकता संदेश पहुंचाया। पिछले पांच वर्षों के सतत प्रयासों ने मानव संवेदनाओं को प्रभावित किया। नतीजतन अब खीरी जिले में ही नहीं अन्य जगहों पर भी गौरैया की संख्या में इजाफा हुआ है। इस वर्ष मार्च में ‘दुधवा लाइव’ गौरैया दिवस के साथ गौरैया संरक्षण की मुहिम फिर शुरू करने जा रहा है।
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बैठक में जिले की वन्य जीवन से जुडी संस्थाओं और लोगों से साथ आने की अपील की गई। ‘दुधवा लाइव’ ने गौरैया वर्ष एवं गौरैया दिवस की जो शुरुआत की उससे पक्षियों के संरक्षण में अभूतपूर्व सफलता मिली। लोगों की संवेदनाएं जागीं, उन्होंने घरों में इस चिड़ियों के लिए दाना पानी रखना शुरू कर दिया है।
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‘दुधवा लाइव’ के संस्थापक कृष्ण कुमार मिश्र ने बताया कि आने वाले समय में जिले भर में यह गोष्ठियां आयोजित की जाएंगी और गौरैया की घर वापसी के वे सारे प्रयास किए जाएंगे ताकि यह नन्ही परी हमारे घरों में वापस आएं और आसपास की जैव विविधता स्वस्थ्य हो।

बैठक में रईस अहमद, सतपाल सिंह, तारिक, विक्रम तिवारी, शौकत अली ने भाग लिया।
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‘दुधवा लाइव’ कराएगा पक्षियों की गणना
लखीमपुर खीरी। ‘दुधवा लाइव’ इस बार मोहम्मदी बर्ड काउंट के सह आयोजक के तौर पर गोमती नदी के किनारों पर मौजूद जैव विविधता का अध्ययन करेगा। इसमें नदियों के प्रदूषण और नदियों के किनारों पर हो रहे अतिक्रमण के कारणों का अध्ययन होगा, ताकि भविष्य में खीरी की नदियां और उनमे मौजूद जलीय जैव विवधिता का संरक्षण किया जा सके। यह जानकारी संस्थापक कृष्ण कुमार मिश्र ने दी।
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