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Lakhimpur Kheri News: मोहल्लों में डंप किया जा रहा कूड़ा, फिर भी कर रहे वसूली

Tue, 24 Oct 2023 11:31 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 24 Oct 2023 11:31 PM IST
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Garbage is being dumped in localities, yet recovery is being done
सिकन्दर
लखीमपुर खीरी। नगर पालिका शहर को साफ सुथरा रखने के लिए घर-घर कूड़ा कलेक्शन करवा रही है। इसके लिए बाकायदा पचास रुपये भी लिए जा रहे हैं, बावजूद इसके सफाई कर्मचारी कूड़े को मोहल्ले में ही डंप कर रहे हैं। मोहल्ले के लोगों ने कूड़ा कलेक्शन चार्ज बंद करने की मांग की है।
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नगरीय चुनाव संपन्न होने के बाद चुनी गई शहर की सरकार ने लोगों को सुविधाएं देने का वादा किया। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए कर्मचारी तैनात किए गए हैं, बावजूद इसके मोहल्ला गोटैय्याबाग में गंदगी की भरमार है। यहां पर कर्मचारी डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का कार्य तो कर रहे हैं, लेकिन कूड़े को डंपिंग प्वाइंट तक न पहुंचाकर उसे मोहल्ले में ही डंप किया जा रहा है। ऐसे में लोगों को बदबू के साथ ही गंभीर बीमारियां पनपने का खतरा बना हुआ है।
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मोहल्ले के सभासद से लेकर नगर पालिका के अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन आज तक इस समस्या का समाधान नहीं हो सका है। मोहल्लेवासियों का कहना है कि कूड़ा उठाने के नाम पर घरों से निर्धारित फीस 50 रुपये की भी वसूली की जा रही है। जब मोहल्ले में ही कूड़े का ढेर लगाना है तो रुपये किस बात के लिए जा रहे हैं।
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जब से नगर पालिका ने कूड़ा कलेक्शन के नाम पर रसीदें काटनी शुरू की हैं, तब से लगातार रुपया दिया जा रहा है, लेकिन कूड़ा घर से ले जाने के बाद ही थोड़ी दूर पर खाली पड़े मैदान में डंप किया जा रहा है। ऐसे में यह योजना महज कागजों तक में ही सीमित दिखाई दे रही है। - सिकंदर


सोचा था कि कूड़े का पैसा लिया जा रहा है तो मोहल्ले से गंदगी खत्म हो जाएगी, लेकिन पैसा दिए जाने के बाद भी हम लोग गंदगी के बीच रहने को मजबूर हैं। कई बार इसकी शिकायत भी की गई, लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं किया जा सका है। - आसिफ

हर महीने पचास रुपये की रसीद काटी जा रही है, लेकिन कूड़ा निस्तारण को लेकर अधिकारी सजग नहीं दिखाई दे रहे। कर्मचारी घरों से कूड़ा लेकर मोहल्ले के खाली प्लाट में ही डाल देते हैं। कूड़ा सड़ने की वजह से काफी बदबू आती है, जिससे उठना-बैठना और सांस लेना दूभर हो जाता है। - हसीब




डोर टू डोर कूड़ा लेने वाले कर्मचारी आते हैं। इसके लिए उन्हें हर महीने रुपये भी दिए जा रहे हैं, लेकिन कर्मचारी मनमानी करते हुए सारा कूड़ा यहीं मोहल्ले में ही डाल देते हैं। पास में ही मस्जिद है, गंदगी होने से इबादत में भी दिक्कत होती है। रुपये देने के बाद सुविधा न मिले तो क्या फायदा। - रहमत अली

सिकन्दर

सिकन्दर

सिकन्दर

सिकन्दर

सिकन्दर

सिकन्दर

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