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Lakhimpur Kheri News: पिता-पुत्र सहित चार दोषियों को सात साल की कैद, जुर्माना भी
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लखीमपुर खीरी। पुरानी रंजिश के चलते ग्रामीण को पीट-पीटकर मौत के घाट उतारने के मामले में एडीजे शैलोज़ चंद्रा ने पिता-पुत्र सहित चार हमलावरों को दोषी पाते हुए सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उन पर बीस-बीस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
अभियोजन पक्ष ने बताया कि धौरहरा थाना क्षेत्र के ग्राम पहाड़ियापुर निवासी मिहीलाल के परिवार से गांव के ही अच्छे लाल यादव और जगदीश यादव के बीच रंजिश चली आ रही थी। 13 अक्टूबर 2011 को अपराह्न दो बजे मिहीलाल के लड़के विशंभर दयाल को मारा-पीटा गया, जिससे दोनों तरफ से कहासुनी बढ़ गई थी। तभी अच्छे लाल अपने भाई छोटे को लेकर, जगदीश अपने पुत्र कुलदीप को लेकर लाठी-डंडों से मिहीलाल के लड़के विशंभर को मारने लगे।
जब विशंभर का भाई केशवराम और बाबूराम बचाने आए तो हमलावरों ने उन्हें भी पीट दिया। गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल से लखनऊ रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान केशवराम की मौत हो गई। अदालत की सुनवाई के दौरान मिहीलाल और रामगुलाम सहित कई लोगों ने अपने बयान दर्ज कराया था।
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14 साल पुराने मुकदमे का फैसला करते हुए शुक्रवार को अदालत में चारों को हिरासत में लिया था। सरकारी वकील ने बताया कि सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद बुधवार को अदालत ने चारों हमलावरों को दोषी ठहराया है। उन्हें सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा हुई है। अदालत ने बीस-बीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
दामाद की हत्या में सास को उम्रकैद की सजा
- दौरान मुकदमा दो अभियुक्तों की मौत, साक्ष्यों के अभाव में तीन लोग किए गए बरी
संवाद न्यूज एजेंसी
लखीमपुर खीरी। दामाद की हत्या के मुकदमे में आरोप सिद्ध हो जाने पर एडीजे देवेंद्र नाथ सिंह ने दोषी सास को उम्रकैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष ने बताया की जिला सीतापुर के मोहल्ला सुदामापुरी निवासी वादी खलील अहमद का भाई अकील अहमद पीएससी कंपनी सीतापुर में मुख्य आरक्षी के पद पर तैनात था। अकील अहमद की शादी 26 अप्रैल 2005 को शाहीन उर्फ रिंकी निवासी सुंदरवाल थाना फूलबेहड़, जिला लखीमपुर के साथ हुई थी।
शादी के बाद से ही अकील अहमद की पत्नी व ससुराल वाले उस पर घर से अलग रहने का दबाव बनाते थे। छह फरवरी 2008 को ससुराल वालों ने सूचना दी कि उसकी पत्नी की तबीयत खराब है, तुरंत चले आओ। इस पर अकील अहमद अपनी ससुराल गया। वहां ससुराल वालों ने अकील अहमद को मारा पीटा और धमकी दी कि तलाक दे दो।
अकील अहमद ने अंतिम बार अपनी मां से बात की। कहा कि उसे बचा लें, उसे ससुराल वाले मार डालेंगे। उसी रात लगभग 12 बजे अकील अहमद के परिवार वालों को सूचना मिली कि उसकी ससुराल में मौत हो गई है। वादी मुकदमा खलील की तहरीर पर कोतवाली सदर लखीमपुर में शाहीन उर्फ रिंकी, एहतेशाम, निसार जहां, असलम उर्फ बबलू , जेबा, जावेद व नसरीन के विरुद्ध हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया।
विवेचना के बाद आरोपी एहतेशाम, निसार जहां, असलम उर्फ बबलू, जेबा, जावेद व नसरीन के विरुद्ध अदालत में आरोप पत्र दाखिल हुआ। मुकदमा एडीजे पंचम की अदालत में परीक्षण किया गया। अभियोजन पक्ष ने मुकदमे के समर्थन में वादी समेत कई गवाह पेश किए। आरोप सिद्ध हो जाने पर न्यायाधीश देवेंद्र नाथ सिंह ने मृतक की सास निसार जहां को उम्र कैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। दौरान मुकदमा अभियुक्त एहतेशाम व असलम की मौत हो गई, जबकि साक्ष्यों के अभाव में जेबा, जावेद व नसरीन बरी हो गए।
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अभियोजन पक्ष ने बताया कि धौरहरा थाना क्षेत्र के ग्राम पहाड़ियापुर निवासी मिहीलाल के परिवार से गांव के ही अच्छे लाल यादव और जगदीश यादव के बीच रंजिश चली आ रही थी। 13 अक्टूबर 2011 को अपराह्न दो बजे मिहीलाल के लड़के विशंभर दयाल को मारा-पीटा गया, जिससे दोनों तरफ से कहासुनी बढ़ गई थी। तभी अच्छे लाल अपने भाई छोटे को लेकर, जगदीश अपने पुत्र कुलदीप को लेकर लाठी-डंडों से मिहीलाल के लड़के विशंभर को मारने लगे।
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जब विशंभर का भाई केशवराम और बाबूराम बचाने आए तो हमलावरों ने उन्हें भी पीट दिया। गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल से लखनऊ रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान केशवराम की मौत हो गई। अदालत की सुनवाई के दौरान मिहीलाल और रामगुलाम सहित कई लोगों ने अपने बयान दर्ज कराया था।
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14 साल पुराने मुकदमे का फैसला करते हुए शुक्रवार को अदालत में चारों को हिरासत में लिया था। सरकारी वकील ने बताया कि सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद बुधवार को अदालत ने चारों हमलावरों को दोषी ठहराया है। उन्हें सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा हुई है। अदालत ने बीस-बीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
दामाद की हत्या में सास को उम्रकैद की सजा
- दौरान मुकदमा दो अभियुक्तों की मौत, साक्ष्यों के अभाव में तीन लोग किए गए बरी
संवाद न्यूज एजेंसी
लखीमपुर खीरी। दामाद की हत्या के मुकदमे में आरोप सिद्ध हो जाने पर एडीजे देवेंद्र नाथ सिंह ने दोषी सास को उम्रकैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष ने बताया की जिला सीतापुर के मोहल्ला सुदामापुरी निवासी वादी खलील अहमद का भाई अकील अहमद पीएससी कंपनी सीतापुर में मुख्य आरक्षी के पद पर तैनात था। अकील अहमद की शादी 26 अप्रैल 2005 को शाहीन उर्फ रिंकी निवासी सुंदरवाल थाना फूलबेहड़, जिला लखीमपुर के साथ हुई थी।
शादी के बाद से ही अकील अहमद की पत्नी व ससुराल वाले उस पर घर से अलग रहने का दबाव बनाते थे। छह फरवरी 2008 को ससुराल वालों ने सूचना दी कि उसकी पत्नी की तबीयत खराब है, तुरंत चले आओ। इस पर अकील अहमद अपनी ससुराल गया। वहां ससुराल वालों ने अकील अहमद को मारा पीटा और धमकी दी कि तलाक दे दो।
अकील अहमद ने अंतिम बार अपनी मां से बात की। कहा कि उसे बचा लें, उसे ससुराल वाले मार डालेंगे। उसी रात लगभग 12 बजे अकील अहमद के परिवार वालों को सूचना मिली कि उसकी ससुराल में मौत हो गई है। वादी मुकदमा खलील की तहरीर पर कोतवाली सदर लखीमपुर में शाहीन उर्फ रिंकी, एहतेशाम, निसार जहां, असलम उर्फ बबलू , जेबा, जावेद व नसरीन के विरुद्ध हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया।
विवेचना के बाद आरोपी एहतेशाम, निसार जहां, असलम उर्फ बबलू, जेबा, जावेद व नसरीन के विरुद्ध अदालत में आरोप पत्र दाखिल हुआ। मुकदमा एडीजे पंचम की अदालत में परीक्षण किया गया। अभियोजन पक्ष ने मुकदमे के समर्थन में वादी समेत कई गवाह पेश किए। आरोप सिद्ध हो जाने पर न्यायाधीश देवेंद्र नाथ सिंह ने मृतक की सास निसार जहां को उम्र कैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। दौरान मुकदमा अभियुक्त एहतेशाम व असलम की मौत हो गई, जबकि साक्ष्यों के अभाव में जेबा, जावेद व नसरीन बरी हो गए।