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दिनभर हिरासत में रहे पूर्व विधायक
लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 04 Apr 2017 11:37 PM IST
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शाम को अंतरिम जमानत पर 13 अप्रैल तक छोड़ा
त्ता के चलते आए दिन विवादों में घिरे रहकर सुर्खियों में रहने वाले पूर्व विधायक सुनील लाला और उनके समर्थकों ने मंगलवार को एजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। साथ ही जमानत के लिए अर्जी दाखिल की। एजेएम अमित यादव ने सभी 11 आरोपियों को हिरासत में लेने के बाद उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी। इस पर पूर्व विधायक और उनके समर्थकों ने जिला जज कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की। इस पर सुनवाई के बाद अंतरिम जमानत पर 13 अप्रैल तक रिहा करने का आदेश दिया गया। इसी के चलते देरशाम जमानतें दाखिल होने पर फिलहाल इस शर्त पर उन्हें छोड़ा गया है कि 13 अप्रैल को फिर कोर्ट में सरेंडर करेंगे।
बताते चलें कि प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी के शासनकाल में मितौली कस्ता से विधायक सुनील कुमार उर्फ लाला अपने कार्यकाल के दौरान खासा सुर्खियों मे रहे थे, उनके खिलाफ ड्यूटी पर तैनात सब इंस्पेक्टर ने मारपीट,गाली-गलौज और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के साथ ही लूटपाट के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। तफ्तीश के बाद सत्ता में रहने के दौरान ही उन्हें दोषी पाया गया था और उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई थी। इसे दबंगई कहें या दबदबा लेकिन तल्ख हकीकत है कि कोर्ट के आदेश के बाद भी पूर्व सपा विधायक सुनील लाला और उनके साथी कोर्ट में हाजिर नहीं हुए थे।
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हाईकोर्ट ने भी खारिज की थी याचिका
इधर सरकार का तख्ता पलट होने के बाद उन्हें पुराने मुकदमे की याद आई तो उन्होंने 22 मार्च को हाईकोर्ट में रिट दाखिल करते हुए पुलिस की चार्जशीट को ही चुनौती दे डाली, और अपने खिलाफ पर्याप्त सबूत न होने की बात कहते हुए मुकदमा चलाए जाने को गलत बताया। इस पर कोर्ट ने पुलिस की तफ्तीश को सही बताया और चार्जशीट खारिज करने की मांग करने वाली वाली याचिका को ही खारिज कर दिया था साथ ही तीन सप्ताह के भीतर निचली अदालत में पेश होने को कहा था।
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हिरासत से छूटने के बाद ली राहत की सांस
सुबह कोर्ट में हाजिर होने के बाद जब एजेएम अमित यादव ने सपा के पूर्व विधायक सुनील लाला सहित सभी आरोपियों को कस्टडी में लेने के आदेश दिए तो सत्ता की हनक रखने वाले पूर्व विधायक के चेहरे पर भी परेशानी के भाव उस समय बढ़ गए जब कि कोर्ट ने उनके खिलाफ लगे आरोपों की गंभीरता की बात कहते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी, इधर जिला जज कोर्ट से फौरी राहत मिलने के बाद उन्हें कुछ राहत तो जरूर मिली लेकिन उन्हें देर शाम जब जमानतें दाखिल होने के बाद हिरासत से मुक्ति मिली तब उन्हें सुकून मिला।
जिला जज ने फिलहाल दी अंतरिम जमानत
जिला जज राजवीर की कोर्ट में पूर्व सपा विधायक सुनील लाला और उनके भाई रामखेलावन तथा गांव के रामचंद्र कोटेदार रामकिशोर सहित 11 लोगों ने निचली अदालत से जमानत अर्जी खारिज होने की बात कहते हुए जमानत याचिका दाखिल की तो जिला जज ने सुनवाई के लिए 13 अप्रैल की तिथि मुकर्रर कर दी, साथ ही इस दौरान इस शर्त पर 40-40 हजार रुपए की दो जमानतें दाखिल करने पर अंतरिम जमानत पर रिहा किया कि निश्चित तिथि को आरोपी कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण करेंगे।
हाईकोर्ट में गए थे 18, निचली कोर्ट पहुंचे 11
पूर्व सपा विधायक सुनील कुमार उर्फ सुशील कुमार के साथ ही 18 नामित हमलावरों ने चार्जशीट को चुनौती दी थी, जिस पर 24 मार्च को तीन सप्ताह के भीतर निचली कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया गया था, लेकिन मंगलवार को पहले चरण में केवल 11 लोगों ने सरेंडर किया है। इस तरह अभी सात आरोपी जल्द ही निचली कोर्ट में हाजिर हो सकें।