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Lakhimpur Kheri News: वन विभाग ने नहीं पकड़ा मगरमच्छ, ग्रामीणों में दहशत
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फोटो- नकहा क्षेत्र के जहदी (सकेथू) गांव में इसी पानी में मगरमच्छ अभी तक रह रहा है।
लखीमपुर खीरी। शारदा नदी में जलस्तर बढ़ने के बाद नकहा क्षेत्र के जहदी (सकेथू) गांव में बाढ़ का पानी भले ही कम हो गय लेकिन ग्रामीण मगरमच्छ के हमला करने की दहशत में रह रहे हैं।
12 जुलाई की दोपहर बाढ़ के पानी में बहकर आए मगरमच्छ ने गांव किनारे 13 साल के कुलदीप को दबोच लिया और नाले में ले गया। हाथ चबाकर उसकी जान ले ली थी। कुलदीप की जान चली जाने के बाद भी वन विभाग ने मगरमच्छ को पकड़ने के कोई प्रयास नहीं किए। मगरमच्छ अभी तक नाले के आसपास पानी में रह रहा है।
साकेथू ग्राम पंचायत के माजरा जहदी के चारों तरफ पानी भरा हुआ है। मझरा आने-जाने का एकमात्र रास्ता सुकेथू होकर है। जिसमें रास्ते में नाला पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि कुलदीप (13) पुत्र रामधर नाले को पार करके जानवरों को चारा देने गया था। वापसी करते समय मगरमच्छ ने उसे अपना निवाला बनाने को पैर पकड़कर घसीट ले गया था, गांव के लोगों ने मगरमच्छ के पीछे कुलदीप को बचाने का प्रयास करते रहे।
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मगरमच्छ कुलदीप को दबोचकर नाले में ले गया था। बाद में कुलदीप की मौत हो गई थी। कुलदीप की मां रामरानी ने बताया कि बेटे की जान चली गई, लेकिन वन विभाग के अधिकारी पूछने तक नहीं आए। मगरमच्छ अभी तक नहीं पकड़ा गया है। आज तक वन विभाग की तरफ से कोई भी कर्मचारी नहीं आया है।
उधर राजस्व की टीम भी मौके पर नहीं पहुंची है। जहदी गांव के लोगों के घरों में भरा पानी कुछ कम हुआ है, लेकिन खाना बनाने के लिए छतों पर रहने को मजबूर हैं। बारिश में कीड़ों में सांप, बिच्छू जैसे जहरीले कीटों से बराबर भय बना रहता है।
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12 जुलाई की दोपहर बाढ़ के पानी में बहकर आए मगरमच्छ ने गांव किनारे 13 साल के कुलदीप को दबोच लिया और नाले में ले गया। हाथ चबाकर उसकी जान ले ली थी। कुलदीप की जान चली जाने के बाद भी वन विभाग ने मगरमच्छ को पकड़ने के कोई प्रयास नहीं किए। मगरमच्छ अभी तक नाले के आसपास पानी में रह रहा है।
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साकेथू ग्राम पंचायत के माजरा जहदी के चारों तरफ पानी भरा हुआ है। मझरा आने-जाने का एकमात्र रास्ता सुकेथू होकर है। जिसमें रास्ते में नाला पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि कुलदीप (13) पुत्र रामधर नाले को पार करके जानवरों को चारा देने गया था। वापसी करते समय मगरमच्छ ने उसे अपना निवाला बनाने को पैर पकड़कर घसीट ले गया था, गांव के लोगों ने मगरमच्छ के पीछे कुलदीप को बचाने का प्रयास करते रहे।
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मगरमच्छ कुलदीप को दबोचकर नाले में ले गया था। बाद में कुलदीप की मौत हो गई थी। कुलदीप की मां रामरानी ने बताया कि बेटे की जान चली गई, लेकिन वन विभाग के अधिकारी पूछने तक नहीं आए। मगरमच्छ अभी तक नहीं पकड़ा गया है। आज तक वन विभाग की तरफ से कोई भी कर्मचारी नहीं आया है।
उधर राजस्व की टीम भी मौके पर नहीं पहुंची है। जहदी गांव के लोगों के घरों में भरा पानी कुछ कम हुआ है, लेकिन खाना बनाने के लिए छतों पर रहने को मजबूर हैं। बारिश में कीड़ों में सांप, बिच्छू जैसे जहरीले कीटों से बराबर भय बना रहता है।

फोटो- नकहा क्षेत्र के जहदी (सकेथू) गांव में इसी पानी में मगरमच्छ अभी तक रह रहा है।