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तराई में बाढ़: हाल जानने भी नहीं पहुंच रहे अफसर
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Mon, 14 Aug 2017 11:18 PM IST
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कहर जारी है
- फोटो : अमर उजाला
शारदा, घाघरा और मोहाना मचा रहीं तबाही
इमलिया व नानक फार्म मार्ग पर तीन से चार फिट पानी बह रहा
तराई में बसे खीरी जिले में नदियों का कहर जारी है। शारदा नदी पलिया, निघासन, घाघरा धौरहरा, ईसानगर तो भारत-नेपाल सीमा के मध्य बह रही मोहना चंदनचौकी और कोतवाली तिकुनियां इलाके में कहर बरपा रही है। बाढ़ प्रभावित गांवों में मदद तो दूर अफसर हालातों का जायजा लेने भी नहीं पहुंच रहे हैं।
धौरहरा खीरी। घाघरा नदी से धौरहरा तहसील के गांव लौकाही, मसूदपुर, पोखरा, यदौरा, दामोबेहड़, बुद्धापुरवा, मिलिक, माझा सुमाली, साइन पुरवा, कुटी पुरवा, चंदवापुर, गौड़ी आदि कई गांव बाढ़ से प्रभावित है। बाढ़ से पशुओं के लिए चारे की समस्या पैदा हो गई है। बाढ़ प्रभावित इन गांवों में अभी तक एक भी जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा, न ही कोई मदद मिली है। लोगों के घरों में पानी भरा है। खाना भी नहीं बना पा रहे हैं। एसडीएम घनश्याम त्रिपाठी ने बताया नायब तहसीलदार और हल्का लेखपाल को भेज कर हालत की जानकारी कराई जा रही है। बाढ़ से प्रभावित लोगों को ऊंचे स्थान पर पहुंचने के लिए कहा गया है ।
पलिया कलां। बनबसा बैराज से 87220 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद शारदा का जल स्तर 154.670 पहुंच गया है। नदी के विकराल रूप ने निचले गांवों को एक बार फिर अपनी चपेट में ले लिया। नदी तेजी से कटान भी कर रही है। मझगईं क्षेत्र के नयापुरवा, खालेपुरवा, दुबहा, कुंवरपुर कलां सहित भीरा क्षेत्र के दौलतापुर, मटैहिया, कचनारा, बोझवा, आजादनगर, श्रीनगर आदि गांव बाढ़ की चपेट में हैं। नयापुरवा, खालेपुरवा, चौरी, दुबहा, कुंवरपुर कलां आदि गांव जलमग्न है। इमलिया व नानक फार्म मार्ग पर तीन से चार फिट पानी बह रहा है। चीनी मिल के सामने नगला रोड पर भी दो फिट तक पानी है।
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बनबसा बैराज से 88 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा,
पलियाकलां। बनबसा बैराज कार्यालय के अनुसार 87220 क्यूसेक पानी बैराज से रविवार की रात करीब छोड़ा गया है। केंद्रीय जल आयोग के स्थानीय कार्यालय के अनुसार रविवार की रात से सोमवार की सुबह आठ बजे तक लगभग 88 एमएम वर्षा रिकार्ड की गई है, जिससे शारदा का जलस्तर बढ़कर 154.670 सेमी पर पहुंच गया है।
कोठिया का स्कूल बना तालाब
मझगईं। पानी निकास की व्यवस्था न होने से कोठिया का उच्च प्राथमिक विद्यालय तालाब बन गया है। स्कूल में पानी भरने से बच्चों की पढ़ाई भी चौपट हो रही है। अभिभावकों ने पानी निकास की व्यवस्था करने की मांग की है। तिकुनियां। शनिवार की रात मोहाना नदी के उफनाए जाने से जनकपुर टांडा गांव में पानी भर गया था। इसके अलावा फसलें भी जलमग्न हो गईं हैं। बाढ़ का पानी जसनगर, केंवटली की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इससे ग्रामीणों में दहशत है।
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इमलिया व नानक फार्म मार्ग पर तीन से चार फिट पानी बह रहा
तराई में बसे खीरी जिले में नदियों का कहर जारी है। शारदा नदी पलिया, निघासन, घाघरा धौरहरा, ईसानगर तो भारत-नेपाल सीमा के मध्य बह रही मोहना चंदनचौकी और कोतवाली तिकुनियां इलाके में कहर बरपा रही है। बाढ़ प्रभावित गांवों में मदद तो दूर अफसर हालातों का जायजा लेने भी नहीं पहुंच रहे हैं।
धौरहरा खीरी। घाघरा नदी से धौरहरा तहसील के गांव लौकाही, मसूदपुर, पोखरा, यदौरा, दामोबेहड़, बुद्धापुरवा, मिलिक, माझा सुमाली, साइन पुरवा, कुटी पुरवा, चंदवापुर, गौड़ी आदि कई गांव बाढ़ से प्रभावित है। बाढ़ से पशुओं के लिए चारे की समस्या पैदा हो गई है। बाढ़ प्रभावित इन गांवों में अभी तक एक भी जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा, न ही कोई मदद मिली है। लोगों के घरों में पानी भरा है। खाना भी नहीं बना पा रहे हैं। एसडीएम घनश्याम त्रिपाठी ने बताया नायब तहसीलदार और हल्का लेखपाल को भेज कर हालत की जानकारी कराई जा रही है। बाढ़ से प्रभावित लोगों को ऊंचे स्थान पर पहुंचने के लिए कहा गया है ।
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पलिया कलां। बनबसा बैराज से 87220 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद शारदा का जल स्तर 154.670 पहुंच गया है। नदी के विकराल रूप ने निचले गांवों को एक बार फिर अपनी चपेट में ले लिया। नदी तेजी से कटान भी कर रही है। मझगईं क्षेत्र के नयापुरवा, खालेपुरवा, दुबहा, कुंवरपुर कलां सहित भीरा क्षेत्र के दौलतापुर, मटैहिया, कचनारा, बोझवा, आजादनगर, श्रीनगर आदि गांव बाढ़ की चपेट में हैं। नयापुरवा, खालेपुरवा, चौरी, दुबहा, कुंवरपुर कलां आदि गांव जलमग्न है। इमलिया व नानक फार्म मार्ग पर तीन से चार फिट पानी बह रहा है। चीनी मिल के सामने नगला रोड पर भी दो फिट तक पानी है।
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बनबसा बैराज से 88 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा,
पलियाकलां। बनबसा बैराज कार्यालय के अनुसार 87220 क्यूसेक पानी बैराज से रविवार की रात करीब छोड़ा गया है। केंद्रीय जल आयोग के स्थानीय कार्यालय के अनुसार रविवार की रात से सोमवार की सुबह आठ बजे तक लगभग 88 एमएम वर्षा रिकार्ड की गई है, जिससे शारदा का जलस्तर बढ़कर 154.670 सेमी पर पहुंच गया है।
कोठिया का स्कूल बना तालाब
मझगईं। पानी निकास की व्यवस्था न होने से कोठिया का उच्च प्राथमिक विद्यालय तालाब बन गया है। स्कूल में पानी भरने से बच्चों की पढ़ाई भी चौपट हो रही है। अभिभावकों ने पानी निकास की व्यवस्था करने की मांग की है। तिकुनियां। शनिवार की रात मोहाना नदी के उफनाए जाने से जनकपुर टांडा गांव में पानी भर गया था। इसके अलावा फसलें भी जलमग्न हो गईं हैं। बाढ़ का पानी जसनगर, केंवटली की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इससे ग्रामीणों में दहशत है।