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राहत आयुक्त ने बाढ़ कटान को देखा
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर/ महेवागंज-खीरी।
Updated Sat, 13 Aug 2016 10:13 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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बाढ़, कटान से निपटने की तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा
प्रदेश के राजस्व सचिव एवं राहत आयुक्त दिनेश कुमार सिंह ने शनिवार को बाढ़ और कटान प्रभावित क्षेत्र को भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बाढ़ से निपटने की तैयारियों एवं बाढ़ कटान क्षेत्रों में वितरित राहत सामग्री एवं कटान रोकने के लिए किए जाने वाले कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
राहत आयुक्त सबसे पहले ब्लाक फूलबेहड़ के जंगल नंबर 11 करदहिया मानपुर बेड़हा सोतिया ग्राम पहुंचे। वहां मडपंप से मिट्टी से बालू उठाई जा रही थी और जीओ ट्यूब लगाया जा रहा था। संबंधित विभाग के अधिकारी ने बताया कि जीओ ट्यूब लगाए जाने से कटान को रोका जा सकता है। इसपर राहत आयुक्त ने कहा कि जिले में अन्य कटान प्रभावित इलाकों में भी इसी प्रकार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
राहत आयुक्त ने ग्रामीणों से प्रशासन द्वारा वितरित की जाने वाली राहत सामग्री के बारे में जानकारी की इस पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन की ओर से दोनों वक्त के लंच पैकेट मुहैया कराए जाने के साथ-साथ तिरपाल जरीकेन भी प्राप्त हुए हैं। उन्होनें ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि प्रशासन आपके साथ है। राहत आयुक्त जिला प्रशासन द्वारा की गयी व्यवस्थाओं से संतुष्ट दिखे। भ्रमण के दौरान उनके साथ एडीएम एसपी सिंह, एसडीएम सदर आलोक वर्मा, तहसीलदार रमेश बाबू, सीओ सहित राजस्व निरीक्षक लल्लूराम मौजूद रहे।
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निरीक्षण के बाद कलक्ट्रेट सभागार में राहत आयुक्त दिनेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। बैठक की अध्यक्षता करते हुए राहत आयुक्त ने बाढ़ कटान से प्रभावित क्षेत्रों के बारे में एसडीएम से जानकारी लेते हुए राहत सामग्री के वितरण की स्थिति के बारे में जानकारी हासिल की। उन्होंने सीएमओ जावेद अहमद से औषधियों की उपलब्धता एवं चिकित्सकों की ड्यूटी के बारे में जानकारी ली तथा निर्देश दिए कि सभी आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता एवं पशुओं की दवाओं की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली।
उन्होंने डीएसओ को निर्देश दिया कि बाढ़ कटान प्रभावित क्षेत्रों में केरोसिन, खाद्यान्न के वितरण की व्यवस्था सुचारु रूप से की जाए। इस मौके पर एडीएम एसपी सिंह ने बताया कि इस जिले में बाढ़ आने का मुख्य कारण बनबसा से पानी को छोड़ा जाना एवं अतिवृष्टि है। उन्होंने कहा कि बाढ़ राहत कार्यों में गति लाने के उद्देश्य से बाढ़ नियंत्रण कक्ष की स्थापना डीएम के कैंप कार्यालय पर की गई है। जिसमें आठ-आठ घंटे की तीन पालियों में तीन तीन कर्मचारियों ड्यूटी लगाई गई है।
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आला अफसरों तक पहुंची आवाज
शनिवार को राहत आयुक्त डीके सिंह मौके पर पहुंचे। कटान की स्थिति देख वह खुद दंग रह गए। उन्होंने कटान रोकने के किए जा रहे प्रयासों को देखा और इसमे तेजी लाने के निर्देश दिए। बाढ़ खंड के जेई अशोक द्विवेदी और मुकर्रम अली ने कटान पर कुछ हद तक काबू पा लेने की बात कही। आयुक्त ने विस्थापितों की पीड़ा जानी और उन्हे हर संभव मदद का आश्वासन दिया। करीब बीस मिनट तक आयुक्त ने निरीक्षण किया। मौके पर मौजूद एडीएम एसपी सिंह और एसडीएम सदर आलोक वर्मा को राहत मे तेजी लाने के निर्देश दिए। तहसीलदार सदर रमेश बाबू ने विस्थापितों को भोजन दिए जाने का दावा किया।
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प्रदेश के राजस्व सचिव एवं राहत आयुक्त दिनेश कुमार सिंह ने शनिवार को बाढ़ और कटान प्रभावित क्षेत्र को भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बाढ़ से निपटने की तैयारियों एवं बाढ़ कटान क्षेत्रों में वितरित राहत सामग्री एवं कटान रोकने के लिए किए जाने वाले कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
राहत आयुक्त सबसे पहले ब्लाक फूलबेहड़ के जंगल नंबर 11 करदहिया मानपुर बेड़हा सोतिया ग्राम पहुंचे। वहां मडपंप से मिट्टी से बालू उठाई जा रही थी और जीओ ट्यूब लगाया जा रहा था। संबंधित विभाग के अधिकारी ने बताया कि जीओ ट्यूब लगाए जाने से कटान को रोका जा सकता है। इसपर राहत आयुक्त ने कहा कि जिले में अन्य कटान प्रभावित इलाकों में भी इसी प्रकार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
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राहत आयुक्त ने ग्रामीणों से प्रशासन द्वारा वितरित की जाने वाली राहत सामग्री के बारे में जानकारी की इस पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन की ओर से दोनों वक्त के लंच पैकेट मुहैया कराए जाने के साथ-साथ तिरपाल जरीकेन भी प्राप्त हुए हैं। उन्होनें ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि प्रशासन आपके साथ है। राहत आयुक्त जिला प्रशासन द्वारा की गयी व्यवस्थाओं से संतुष्ट दिखे। भ्रमण के दौरान उनके साथ एडीएम एसपी सिंह, एसडीएम सदर आलोक वर्मा, तहसीलदार रमेश बाबू, सीओ सहित राजस्व निरीक्षक लल्लूराम मौजूद रहे।
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निरीक्षण के बाद कलक्ट्रेट सभागार में राहत आयुक्त दिनेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। बैठक की अध्यक्षता करते हुए राहत आयुक्त ने बाढ़ कटान से प्रभावित क्षेत्रों के बारे में एसडीएम से जानकारी लेते हुए राहत सामग्री के वितरण की स्थिति के बारे में जानकारी हासिल की। उन्होंने सीएमओ जावेद अहमद से औषधियों की उपलब्धता एवं चिकित्सकों की ड्यूटी के बारे में जानकारी ली तथा निर्देश दिए कि सभी आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता एवं पशुओं की दवाओं की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली।
उन्होंने डीएसओ को निर्देश दिया कि बाढ़ कटान प्रभावित क्षेत्रों में केरोसिन, खाद्यान्न के वितरण की व्यवस्था सुचारु रूप से की जाए। इस मौके पर एडीएम एसपी सिंह ने बताया कि इस जिले में बाढ़ आने का मुख्य कारण बनबसा से पानी को छोड़ा जाना एवं अतिवृष्टि है। उन्होंने कहा कि बाढ़ राहत कार्यों में गति लाने के उद्देश्य से बाढ़ नियंत्रण कक्ष की स्थापना डीएम के कैंप कार्यालय पर की गई है। जिसमें आठ-आठ घंटे की तीन पालियों में तीन तीन कर्मचारियों ड्यूटी लगाई गई है।
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आला अफसरों तक पहुंची आवाज
शनिवार को राहत आयुक्त डीके सिंह मौके पर पहुंचे। कटान की स्थिति देख वह खुद दंग रह गए। उन्होंने कटान रोकने के किए जा रहे प्रयासों को देखा और इसमे तेजी लाने के निर्देश दिए। बाढ़ खंड के जेई अशोक द्विवेदी और मुकर्रम अली ने कटान पर कुछ हद तक काबू पा लेने की बात कही। आयुक्त ने विस्थापितों की पीड़ा जानी और उन्हे हर संभव मदद का आश्वासन दिया। करीब बीस मिनट तक आयुक्त ने निरीक्षण किया। मौके पर मौजूद एडीएम एसपी सिंह और एसडीएम सदर आलोक वर्मा को राहत मे तेजी लाने के निर्देश दिए। तहसीलदार सदर रमेश बाबू ने विस्थापितों को भोजन दिए जाने का दावा किया।