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पांच अंग्रेजी और दो देेशी दुकानों पर नहीं लगाया किसी ने दांव
लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 22 Feb 2015 07:26 PM IST
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आबकारी विभाग ने वर्ष 2015-16 के लिए दुकानों के व्यवस्थापन की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है, लेकिन सात दुकानों का व्यवस्थापन नहीं हो सका है। करीब एक महीने तक चली प्रक्रिया के दौरान सबसे ज्यादा घाटे वाली दुकानों को लेने के लिए किसी ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। जिनमें पांच अंग्रेजी और दो देशी दुकानें शामिल हैं। लिहाजा आबकारी विभाग ने डीएम को स्थिति से अवगत कराते हुए शासन से मार्गदर्शन मांगा है।
बता दें कि चालू वित्त वर्ष में कुल 403 दुकानें संचालित हैं, जो वर्ष 2015-16 में बढ़कर 410 हो जाएगी। क्योंकि सात नई दुकानें खोली जाएंगी, जिनका लाटरी सिस्टम से व्यवस्थापन किया गया है। तीन चरणों में दुकानों का व्यवस्थापन कराया गया, फिर भी सात दुकानों के भाग्य का फैसला नहीं हो सका है। विभाग के मुताबिक सर्किल एक में दो दुकानें अवशेष हैं, जिसमें घसियारी मंडी (देशी) और नई बस्ती (अंग्रेजी) की एक-एक दुकान है। सर्किल दो में तीन दुकानें अवशेष हैं, जिसमें मोहम्मदी नंबर दो (देशी), बरवर (अंग्रेजी) और मैगलगंज नंबर दो (अंग्रेजी) शामिल हैं। इसी तरह सर्किल चार में भानपुर खजुरिया और बमनगर स्थित अंग्रेजी शराब की दुकानें लेने की कोशिश भी किसी कारोबारी ने नहीं की है। इन दुकानों के व्यवस्थापन के लिए आबकारी विभाग पालिसी में बदलाव पर विचार कर रहा है। सूत्र बताते हैं कि इन दुकानों का बेसिक कोटा कुछ घटाकर आवंटन कराया जाएगा। वहीं घटाए गए कोटा की भरपाई करने के लिए उतने ही कोटे की नई दुकान सृजित की जा सकती है या फिर अन्य दुकानों में मर्ज किया जाएगा।
जिला आबकारी अधिकारी सुनील कुमार मिश्रा ने बताया कि अवशेष सात दुकानों के व्यवस्थापन को लेकर शासन से मार्गदर्शन मांगा गया है। निर्देश मिलते ही इन दुकानों के व्यवस्थापन की प्रक्रिया शुरू करा दी जाएगी।
जिले में कुल शराब दुकानें 410
देशी शराब की दुकानें 254
विदेशी शराब की दुकानें 90
बियर की दुकानें 66
माडल शाप 2
बार शाप 5
भांग की दुकानें 18
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बता दें कि चालू वित्त वर्ष में कुल 403 दुकानें संचालित हैं, जो वर्ष 2015-16 में बढ़कर 410 हो जाएगी। क्योंकि सात नई दुकानें खोली जाएंगी, जिनका लाटरी सिस्टम से व्यवस्थापन किया गया है। तीन चरणों में दुकानों का व्यवस्थापन कराया गया, फिर भी सात दुकानों के भाग्य का फैसला नहीं हो सका है। विभाग के मुताबिक सर्किल एक में दो दुकानें अवशेष हैं, जिसमें घसियारी मंडी (देशी) और नई बस्ती (अंग्रेजी) की एक-एक दुकान है। सर्किल दो में तीन दुकानें अवशेष हैं, जिसमें मोहम्मदी नंबर दो (देशी), बरवर (अंग्रेजी) और मैगलगंज नंबर दो (अंग्रेजी) शामिल हैं। इसी तरह सर्किल चार में भानपुर खजुरिया और बमनगर स्थित अंग्रेजी शराब की दुकानें लेने की कोशिश भी किसी कारोबारी ने नहीं की है। इन दुकानों के व्यवस्थापन के लिए आबकारी विभाग पालिसी में बदलाव पर विचार कर रहा है। सूत्र बताते हैं कि इन दुकानों का बेसिक कोटा कुछ घटाकर आवंटन कराया जाएगा। वहीं घटाए गए कोटा की भरपाई करने के लिए उतने ही कोटे की नई दुकान सृजित की जा सकती है या फिर अन्य दुकानों में मर्ज किया जाएगा।
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जिला आबकारी अधिकारी सुनील कुमार मिश्रा ने बताया कि अवशेष सात दुकानों के व्यवस्थापन को लेकर शासन से मार्गदर्शन मांगा गया है। निर्देश मिलते ही इन दुकानों के व्यवस्थापन की प्रक्रिया शुरू करा दी जाएगी।
जिले में कुल शराब दुकानें 410
देशी शराब की दुकानें 254
विदेशी शराब की दुकानें 90
बियर की दुकानें 66
माडल शाप 2
बार शाप 5
भांग की दुकानें 18