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Lakhimpur Kheri News: पांच करोड़ खर्च, समयावधि भी बीती, शुरू नहीं हो सका न्यू छाउछ उपकेंद्र
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निर्माणाधीन न्यू छाउछ बिजली उपकेंद्र का फाइल फोटो।
लखीमपुर खीरी। छाउछ स्थित बिजली उपकेंद्र का लोड कम करने के लिए 5.50 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया न्यू छाउछ उपकेंद्र समय अवधि पूरी होने के बाद भी शुरू नहीं हो सका. जबकि भीषण गर्मी में फीडरों पर लोड बढ़ने से फाॅल्ट भी बढ़ रहे हैं।
लखीमपुर डिवीजन में पांच बिजलीघर हैं। इसमें गढ़ी, नई बस्ती, कलक्ट्रेट, खीरी टाउन और छाउछ बिजलीघर हैं। सबसे ज्यादा लोड छाउछ उपपकेंद्र पर है। इस वजह से यहां सबसे ज्यादा फाॅल्ट होते हैं। गर्मी में इस क्षेत्र के उपभोक्ता काफी परेशान रहते हैं, जो आज भी हैं। छाउछ उपकेंद्र से भार कम करने के लिए विभागीय अफसरों ने सीतापुर हाईवे पर जल निगम के पीछे एक नया उपकेंद्र बनाने की योजना तैयार की। उपकेंद्र का नाम न्यू छाउछ रखा गया।
इसके निर्माण के लिए 5.50 करोड़ रुपये स्वीकृत कराए और करीब दो साल पहले निर्माण शुरू हो गया। हालांकि कुछ तकनीकी वजह से यह उपकेंद्र चालू नहीं हो सका। जबकि भीषण गर्मी शुरू हो चुकी है और गर्मी की बीच फाल्ट के मामले भी बढ़े हैं।
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इसलिए कार्य में हुई देरी
न्यू छाउछ उपकेंद्र की सप्लाई लखीमपुर से नहीं, बल्कि ओयल से ली गई है। ओयल से कई किलोमीटर दूरी होने की वजह से उपकेंद्र बनाए जाने में समय लगा। हालांकि विभागीय सूत्रों ने बताया कि ओयल से लाइन लेने का रास्ता पहले से ही तय था, लेकिन कार्यदायी संस्था ने सुस्त काम कराया, जिसके चलते काम लेट लतीफ रहा।
10 एमबीए की क्षमता वाला होगा यह उपकेंद्र
न्यू छाउछ उपकेंद्र 10 एमबीए की क्षमता वाला है, जिससे करीब चार से साढ़े चार हजार उपभोक्ताओं को आपूर्ति दी जाएगी। इस उपकेंद्र में कंट्रोलरूम, मैन पैनल, यार्ड आदि अधिकांश काम हो चुके हैं। यह उपकेंद्र चालू होने से लोड कम हो जाएगा। इससे फाॅल्ट सहित अन्य दिक्कतों से निजात मिलेगी।
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अप्रैल में शुरू होने का किया था दावा
वैसे तो यह उपकेंद्र गर्मी से पहले चालू हो जाना चाहिए था, लेकिन किसी कारणवश नहीं हो सका। विभागीय अफसरों ने इसको हर हाल में अप्रैल में शुरू कराने का दावा किया था, लेकिन फिर भी नहीं हो सका। अब अफसर जल्द ही इसको चालू कराने का दावा कर रहे हैं। इसी माह इसका उद्घाटन कराने की बात कह रहे हैं। कार्रवाई संस्था की लापरवाही के चलते इसके निर्माण में लेट-लतीफी हुई है। इसी वजह से यह समय पर चालू नहीं हो सका।
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भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती से जूझ रहे लोग
लखीमपुर। भीषण गर्मी के बीच बिजली फाल्ट के मामले बढ़ गए हैं। रविवार रात को शहर के कई मोहल्लों में दो से ढाई घंटे तक बिजली नहीं मिली। बहादुरनगर, महाराजनगर समेत कई मोहल्लों के लोग प्रभावित रहे। प्यारेपुर, हिदायत नगर, सुआगाड़ा, नौरंगाबाद, शास्त्रीनगर, छाउछ, गोटैयाबाग, मेला मैदान, संकटा देवी आदि मोहल्लों में बिजली का आना-जाना लगा रहा। सोमवार को गढ़ी पावर हाउस के टाउन नंबर दो की आपूर्ति भी बाधित रही। इसमें इमली चौराहा, दु:ख हरण नाथ मंदिर, मिश्राना चौकी, सब्जी मंडी आदि मोहल्ले प्रभावित रहे। मोहल्ला शास्त्री नगर में भी कुछ देर के लिए आपूर्ति बाधित रही।
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फाॅल्ट दुरुस्त होने में लग रहा समय
बिजली विभाग में संविदा कर्मचारियों की छंटनी कर दी गई है। अब विभाग में आधे से भी कम कर्मचारी बचे हैं, जिनसे काम लिया जा रहा। गर्मी में फॉल्ट के मामले बढ़े हैं, लेकिन कर्मचारियों की संख्या कम होने से फाल्ट दुरुस्त होने में कई घंटे लग जा रहे है। इसी वजह से गर्मी में लोग सबसे ज्यादा परेशान नजर आ रहे हैं।
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न्यू छाउछ उपकेंद्र का काम पूरा हो चुका है। लाइन चार्ज की जा रही है। इसी हफ्ते चालू होने की उम्मीद है। इसके चालू होने से छाउछ उपकेंद्र का लोड कम जाएगा।
-एके चौरसिया, एसडीओ
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लखीमपुर डिवीजन में पांच बिजलीघर हैं। इसमें गढ़ी, नई बस्ती, कलक्ट्रेट, खीरी टाउन और छाउछ बिजलीघर हैं। सबसे ज्यादा लोड छाउछ उपपकेंद्र पर है। इस वजह से यहां सबसे ज्यादा फाॅल्ट होते हैं। गर्मी में इस क्षेत्र के उपभोक्ता काफी परेशान रहते हैं, जो आज भी हैं। छाउछ उपकेंद्र से भार कम करने के लिए विभागीय अफसरों ने सीतापुर हाईवे पर जल निगम के पीछे एक नया उपकेंद्र बनाने की योजना तैयार की। उपकेंद्र का नाम न्यू छाउछ रखा गया।
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इसके निर्माण के लिए 5.50 करोड़ रुपये स्वीकृत कराए और करीब दो साल पहले निर्माण शुरू हो गया। हालांकि कुछ तकनीकी वजह से यह उपकेंद्र चालू नहीं हो सका। जबकि भीषण गर्मी शुरू हो चुकी है और गर्मी की बीच फाल्ट के मामले भी बढ़े हैं।
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इसलिए कार्य में हुई देरी
न्यू छाउछ उपकेंद्र की सप्लाई लखीमपुर से नहीं, बल्कि ओयल से ली गई है। ओयल से कई किलोमीटर दूरी होने की वजह से उपकेंद्र बनाए जाने में समय लगा। हालांकि विभागीय सूत्रों ने बताया कि ओयल से लाइन लेने का रास्ता पहले से ही तय था, लेकिन कार्यदायी संस्था ने सुस्त काम कराया, जिसके चलते काम लेट लतीफ रहा।
10 एमबीए की क्षमता वाला होगा यह उपकेंद्र
न्यू छाउछ उपकेंद्र 10 एमबीए की क्षमता वाला है, जिससे करीब चार से साढ़े चार हजार उपभोक्ताओं को आपूर्ति दी जाएगी। इस उपकेंद्र में कंट्रोलरूम, मैन पैनल, यार्ड आदि अधिकांश काम हो चुके हैं। यह उपकेंद्र चालू होने से लोड कम हो जाएगा। इससे फाॅल्ट सहित अन्य दिक्कतों से निजात मिलेगी।
अप्रैल में शुरू होने का किया था दावा
वैसे तो यह उपकेंद्र गर्मी से पहले चालू हो जाना चाहिए था, लेकिन किसी कारणवश नहीं हो सका। विभागीय अफसरों ने इसको हर हाल में अप्रैल में शुरू कराने का दावा किया था, लेकिन फिर भी नहीं हो सका। अब अफसर जल्द ही इसको चालू कराने का दावा कर रहे हैं। इसी माह इसका उद्घाटन कराने की बात कह रहे हैं। कार्रवाई संस्था की लापरवाही के चलते इसके निर्माण में लेट-लतीफी हुई है। इसी वजह से यह समय पर चालू नहीं हो सका।
भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती से जूझ रहे लोग
लखीमपुर। भीषण गर्मी के बीच बिजली फाल्ट के मामले बढ़ गए हैं। रविवार रात को शहर के कई मोहल्लों में दो से ढाई घंटे तक बिजली नहीं मिली। बहादुरनगर, महाराजनगर समेत कई मोहल्लों के लोग प्रभावित रहे। प्यारेपुर, हिदायत नगर, सुआगाड़ा, नौरंगाबाद, शास्त्रीनगर, छाउछ, गोटैयाबाग, मेला मैदान, संकटा देवी आदि मोहल्लों में बिजली का आना-जाना लगा रहा। सोमवार को गढ़ी पावर हाउस के टाउन नंबर दो की आपूर्ति भी बाधित रही। इसमें इमली चौराहा, दु:ख हरण नाथ मंदिर, मिश्राना चौकी, सब्जी मंडी आदि मोहल्ले प्रभावित रहे। मोहल्ला शास्त्री नगर में भी कुछ देर के लिए आपूर्ति बाधित रही।
फाॅल्ट दुरुस्त होने में लग रहा समय
बिजली विभाग में संविदा कर्मचारियों की छंटनी कर दी गई है। अब विभाग में आधे से भी कम कर्मचारी बचे हैं, जिनसे काम लिया जा रहा। गर्मी में फॉल्ट के मामले बढ़े हैं, लेकिन कर्मचारियों की संख्या कम होने से फाल्ट दुरुस्त होने में कई घंटे लग जा रहे है। इसी वजह से गर्मी में लोग सबसे ज्यादा परेशान नजर आ रहे हैं।
न्यू छाउछ उपकेंद्र का काम पूरा हो चुका है। लाइन चार्ज की जा रही है। इसी हफ्ते चालू होने की उम्मीद है। इसके चालू होने से छाउछ उपकेंद्र का लोड कम जाएगा।
-एके चौरसिया, एसडीओ

निर्माणाधीन न्यू छाउछ बिजली उपकेंद्र का फाइल फोटो।