{"_id":"3562831df6db3d252fc05d25f0d5213b","slug":"fishing-effort-to-increase-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मत्स्य पालन को बढ़ाना देने की कवायद ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मत्स्य पालन को बढ़ाना देने की कवायद
लखीमपुर खीरी।
Updated Tue, 07 Apr 2015 08:08 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए मत्स्य विभाग की ओर से कवायद शुरू कर दी गई है। इसके तहत राजापुर के स्वरोजगार प्रशिक्षण केंद्र में 26 लोगों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। छह दिवसीय प्रशिक्षण केे बाद इन्हें मत्स्य पालन विकास अभिकरण योजना के तहत धनराशि स्वीकृत कर निर्धारित अनुदान दिया जाएगा।
सहायक निदेशक मत्स्य अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि जिन लोगों को मछली पालन के लिए पट्टे आवंटित किए गए हैं, उन्हें ही प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें मछली पालन के तौर-तरीकों और उससे लाभ हासिल करने के गुर सिखाए जा रहे हैं। ताकि वह आत्मनिर्भर बन सकें। मछली पालन के लिए मछुआ समुदाय को प्रथम प्राथमिकता दी जा रही है। लेकिन मछुआ समुदाय को 20 फीसदी ही अनुदान दिया जाएगा। इसके मुकाबले एससीएसटी को 25 फीसदी अनुदान मिलेगा।
कामन कार्क मछली का बीज उपलब्ध
सहायक निदेशक ने बताया कि निजी और विभागीय प्रजनन केंद्रों पर कामन कर्क नामक मछली का बीज उपलब्ध है। सौ रुपये में एक हजार मछली का बीज दिया जा रहा है।
मत्स्य विभाग के पास हैं 23 तालाब
जिले में मत्स्य विभाग के पास कुल 23 तालाब हैं, जो मौजूदा समय में ठेके पर चलाए जा रहे हैं। वहीं विभाग निजी तालाबों की खुदाई और उनमें मत्स्य पालन के लिए भी बजट उपलब्ध करा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सहायक निदेशक मत्स्य अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि जिन लोगों को मछली पालन के लिए पट्टे आवंटित किए गए हैं, उन्हें ही प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें मछली पालन के तौर-तरीकों और उससे लाभ हासिल करने के गुर सिखाए जा रहे हैं। ताकि वह आत्मनिर्भर बन सकें। मछली पालन के लिए मछुआ समुदाय को प्रथम प्राथमिकता दी जा रही है। लेकिन मछुआ समुदाय को 20 फीसदी ही अनुदान दिया जाएगा। इसके मुकाबले एससीएसटी को 25 फीसदी अनुदान मिलेगा।
विज्ञापन
कामन कार्क मछली का बीज उपलब्ध
सहायक निदेशक ने बताया कि निजी और विभागीय प्रजनन केंद्रों पर कामन कर्क नामक मछली का बीज उपलब्ध है। सौ रुपये में एक हजार मछली का बीज दिया जा रहा है।
मत्स्य विभाग के पास हैं 23 तालाब
जिले में मत्स्य विभाग के पास कुल 23 तालाब हैं, जो मौजूदा समय में ठेके पर चलाए जा रहे हैं। वहीं विभाग निजी तालाबों की खुदाई और उनमें मत्स्य पालन के लिए भी बजट उपलब्ध करा रहा है।
विज्ञापन