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‘मत्स्य पालन को चलाएं जागरूकता अभियान’
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मत्स्य पालन के पटटा आवंटन को लेकर बैठक में विचार रखते सीडीओ अरविंद सिंह। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
लखीमपुर खीरी। मछुआ समुदाय और मत्स्य जीवी समितियों को मत्स्य पालन के लिए पट्टा आवंटित किए जाएंगे, जिसके लिए सीडीओ अरविंद सिंह ने गुरुवार को संबंधित अधिकारियों संग समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर मत्स्य पालन होने पर जनपद में बड़ा हब विकसित हो सकता है। सीडीओ ने निर्देश दिए कि 10 वर्षीय पट्टे दिलाने के लिए गांवों में प्रचार-प्रसार कराएं।
विकास भवन सभागार में 15 अक्तूबर और 16 अक्तूबर को अलग-अलग तहसीलों में तालाबों के 10 वर्षीय पट्टे आवंटित करने की रूपरेखा तय की गई। तहसील लखीमपुर, मितौली, मोहम्मदी में 15 अक्तूबर 2020 को और तहसील धौरहरा, गोला, निघासन, पलिया में 16 अक्तूबर को कैंप लगाए जाएंगे। सीडीओ ने कहा कि कैंप का प्रचार प्रसार कराएं और ज्यादा से ज्यादा मछुआ समुदाय के सदस्यों की उपस्थिति सुनिश्चित कराएं। उन्होंने कहा कि 1670 चयनित तालाबों का आवंटन तहसीलों में लगने वाले विशेष कैंप में ही करने पर जोर दिया जाए। इसमें मछुआ समुदाय/अनुसूचित जाति के व्यक्तियों एवं अन्य को राजस्व संहिता-2016 में वर्णित व्यवस्था के अनुसार मत्स्य पालन के लिए पट्टा दिया जाएगा। आवंटित मत्स्य पट्टाधारकों को मत्स्य पालन का प्रशिक्षण और उनका क्रेडिट कार्ड भी बनवाया जाएगा। इस अभियान से 1670 मत्स्य पालकों के एकमुश्त जुड़ने की संभावना है, जिससे मत्स्य पालक के परिवारों में औसतन पांच-पांच सदस्यों को रोजगार मिल सकेगा। सीडीओ ने कहा कि इनमें से 75 प्रतिशत तालाबों में सही ढंग से मत्स्य पालन होने लगे, तो जनपद में मत्स्य पालन के लिए हब बन सकता है। इसे कुटीर उद्योग के रूप में विकसित किया जा सकता है। संवाद
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विकास भवन सभागार में 15 अक्तूबर और 16 अक्तूबर को अलग-अलग तहसीलों में तालाबों के 10 वर्षीय पट्टे आवंटित करने की रूपरेखा तय की गई। तहसील लखीमपुर, मितौली, मोहम्मदी में 15 अक्तूबर 2020 को और तहसील धौरहरा, गोला, निघासन, पलिया में 16 अक्तूबर को कैंप लगाए जाएंगे। सीडीओ ने कहा कि कैंप का प्रचार प्रसार कराएं और ज्यादा से ज्यादा मछुआ समुदाय के सदस्यों की उपस्थिति सुनिश्चित कराएं। उन्होंने कहा कि 1670 चयनित तालाबों का आवंटन तहसीलों में लगने वाले विशेष कैंप में ही करने पर जोर दिया जाए। इसमें मछुआ समुदाय/अनुसूचित जाति के व्यक्तियों एवं अन्य को राजस्व संहिता-2016 में वर्णित व्यवस्था के अनुसार मत्स्य पालन के लिए पट्टा दिया जाएगा। आवंटित मत्स्य पट्टाधारकों को मत्स्य पालन का प्रशिक्षण और उनका क्रेडिट कार्ड भी बनवाया जाएगा। इस अभियान से 1670 मत्स्य पालकों के एकमुश्त जुड़ने की संभावना है, जिससे मत्स्य पालक के परिवारों में औसतन पांच-पांच सदस्यों को रोजगार मिल सकेगा। सीडीओ ने कहा कि इनमें से 75 प्रतिशत तालाबों में सही ढंग से मत्स्य पालन होने लगे, तो जनपद में मत्स्य पालन के लिए हब बन सकता है। इसे कुटीर उद्योग के रूप में विकसित किया जा सकता है। संवाद
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