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पहले किसानों को टरकाया अब कर रहे इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
Updated Mon, 16 May 2016 11:01 PM IST
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गेहूं
- फोटो : अमर उजाला
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गेहूं की आवक न होने से बंदी की कगार पर क्रय केंद्र
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार कम हुई खरीद
दो एजेंसियों ने बंद कर दी गेहूं की खरीद
जिले में किसानों से गेहूं खरीद के लिए खोले गए सरकारी क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसर गया है, क्योंकि इन केंद्रों पर गेहूं की आवक लगभग बंद हो गई है। शुरुआत में किसानों को टरकाने वाली सरकारी एजेंसियों को अब लक्ष्य के आसपास पहुंचने की चिंता सताने लगी है। जबकि दो एजेंसियों यूपीएसएस और नैकाफ ने पांच दिनों से खरीद बंद कर रखी है, जिसके पीछे आवक न होने की बात कही जा रही है। खास बात यह है कि पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष लक्ष्य अधिक रखा गया है, लेकिन खरीद काफी कम हुई है।
सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य 1525 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। जिले में दो लाख 16 हजार 500 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य तय किया गया है, जिसकी खरीद के लिए 137 क्रय केंद्र प्रस्तावित किए गए। हालांकि 120 क्रय केंद्र ही क्रियाशील हो सके। नौ एजेंसियों ने क्रय केंद्र के माध्यम से गेहूं खरीद शुरू की, लेकिन पहले मानक का हवाला देकर किसानों को शोषण की नीयत से टरकाया गया। नतीजतन पिछले वर्ष 14 मई तक 65 हजार मीट्रिक टन के सापेक्ष इस वर्ष 51,580 मीट्रिक टन ही गेहूं खरीद की जा सकी है। मई के पहले पखवाड़े में मंडी में आढ़तियों ने भी किसानों से 1510 से 1520 रुपये प्रति क्विंटल तक में गेहूं खरीद शुरू कर दी हैै, जिससे किसानों ने क्रय केंद्रों की ओर जाना ही बंद कर दिया है। हालात यह हो गए हैं कि यूपीएसएस और नैकाफ ने पांच दिनों से गेहूं खरीद बंद कर दी है। अन्य एजेंसियों के क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसर गया है।
इस वर्ष आढ़ती नहीं हुए शामिल
सरकारी गेहूं में पिछले वर्ष आढ़तियों को शामिल किया गया था, जिससे खरीद में तेजी आई थी। इस वर्ष सरकार ने अभी आढ़तियों को सरकारी खरीद में शामिल नहीं किया है।
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अफसरों में मची खलबली
क्रय केंद्रों पर गेहूं की आवक कम होने से अफसरों में खलबली मच गई हैै। सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग में खरीद की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने सरकारी लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश दिए। इसके लिए केंद्र प्रभारियों को गांव जाकर किसानों से संपर्क कर मोबाइल क्रय केंद्र की भांति खरीद करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
मंडी और खुले बाजार में किसानों को गेहूं का अच्छा रेट मिल रहा है, जिससे क्रय केंद्रों पर आवक कम हुई है। नैकाफ और यूपीएसएस के क्रय केंद्र बंद होने के संबंध में जानकारी नहीं दी गई है। अब गांवों में किसानों से संपर्क कर गेहूं खरीद करने के निर्देश क्रय केंद्र प्रभारियों को दिए गए हैं।
-अर्जुन प्रसाद पाठक, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
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पिछले वर्ष की तुलना में इस बार कम हुई खरीद
दो एजेंसियों ने बंद कर दी गेहूं की खरीद
जिले में किसानों से गेहूं खरीद के लिए खोले गए सरकारी क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसर गया है, क्योंकि इन केंद्रों पर गेहूं की आवक लगभग बंद हो गई है। शुरुआत में किसानों को टरकाने वाली सरकारी एजेंसियों को अब लक्ष्य के आसपास पहुंचने की चिंता सताने लगी है। जबकि दो एजेंसियों यूपीएसएस और नैकाफ ने पांच दिनों से खरीद बंद कर रखी है, जिसके पीछे आवक न होने की बात कही जा रही है। खास बात यह है कि पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष लक्ष्य अधिक रखा गया है, लेकिन खरीद काफी कम हुई है।
सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य 1525 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। जिले में दो लाख 16 हजार 500 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य तय किया गया है, जिसकी खरीद के लिए 137 क्रय केंद्र प्रस्तावित किए गए। हालांकि 120 क्रय केंद्र ही क्रियाशील हो सके। नौ एजेंसियों ने क्रय केंद्र के माध्यम से गेहूं खरीद शुरू की, लेकिन पहले मानक का हवाला देकर किसानों को शोषण की नीयत से टरकाया गया। नतीजतन पिछले वर्ष 14 मई तक 65 हजार मीट्रिक टन के सापेक्ष इस वर्ष 51,580 मीट्रिक टन ही गेहूं खरीद की जा सकी है। मई के पहले पखवाड़े में मंडी में आढ़तियों ने भी किसानों से 1510 से 1520 रुपये प्रति क्विंटल तक में गेहूं खरीद शुरू कर दी हैै, जिससे किसानों ने क्रय केंद्रों की ओर जाना ही बंद कर दिया है। हालात यह हो गए हैं कि यूपीएसएस और नैकाफ ने पांच दिनों से गेहूं खरीद बंद कर दी है। अन्य एजेंसियों के क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसर गया है।
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इस वर्ष आढ़ती नहीं हुए शामिल
सरकारी गेहूं में पिछले वर्ष आढ़तियों को शामिल किया गया था, जिससे खरीद में तेजी आई थी। इस वर्ष सरकार ने अभी आढ़तियों को सरकारी खरीद में शामिल नहीं किया है।
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अफसरों में मची खलबली
क्रय केंद्रों पर गेहूं की आवक कम होने से अफसरों में खलबली मच गई हैै। सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग में खरीद की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने सरकारी लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश दिए। इसके लिए केंद्र प्रभारियों को गांव जाकर किसानों से संपर्क कर मोबाइल क्रय केंद्र की भांति खरीद करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
मंडी और खुले बाजार में किसानों को गेहूं का अच्छा रेट मिल रहा है, जिससे क्रय केंद्रों पर आवक कम हुई है। नैकाफ और यूपीएसएस के क्रय केंद्र बंद होने के संबंध में जानकारी नहीं दी गई है। अब गांवों में किसानों से संपर्क कर गेहूं खरीद करने के निर्देश क्रय केंद्र प्रभारियों को दिए गए हैं।
-अर्जुन प्रसाद पाठक, जिला खाद्य विपणन अधिकारी