{"_id":"58c040d34f1c1b6d43dc6d5b","slug":"fines-of-millions-of-panchayat-land-holders","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंचायत की जमीन के कब्जेदारों पर लाखों का जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंचायत की जमीन के कब्जेदारों पर लाखों का जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो मितौली।
Updated Wed, 08 Mar 2017 11:07 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एसडीएम की कार्रवाई से आरोपियों में हड़कंप
मितौली ब्लाक की कस्ता ग्राम पंचायत का मामला
एसडीएम मंसाराम वर्मा ने कस्ता में पंचायत भवन की जमीन पर अवैध कब्जेदारी के आरोपों में पूर्व प्रधान सहित चार लोगों को नोटिस जारी किया है। अवैध कब्जेदारों पर लाखों रुपये जुर्माना लगाते हुए तहसील प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। इससे अवैध कब्जेदारों में हडकंप है।
बता दें कि कस्ता के मजरा भिखनापुर की रहने वाली किरन देवी ने एसडीएम मंसाराम वर्मा को प्रार्थना पत्र देकर ग्राम सभा की भूमि पर गांव के ही लोगों द्वारा अवैध कब्जेदारी की शिकायत की थी। कई बार शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने पर किरन देवी ने तहसील प्रशासन पर भी दबंग अवैध कब्जेदारों से मिली भगत के आरोप लगाते हुए डीएम से शिकायत की थी, जिसके बाद तहसील प्रशासन हरकत में आया। नायब तहसीलदार हर्षिता तिवारी की अगुवाई में 23 फरवरी को एक जांच टीम गठित की गई। इसके बाद नायब तहसीलदार अवैध निर्माण बंद कराते हुए पैमाइश कराई थी। इस मामले में अवैध कब्जेदारी के आरोपों में उमाशंकर शुक्ला पर करीब 68 लाख, श्याम किशोर पर करीब 19 लाख, मुन्ना पर करीब नौ लाख, उमाकांत और लक्ष्मीकांत पर दो-दो लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा कस्ता के पूर्व प्रधान उमाशंकर शुक्ला के खिलाफ पीपी एक्ट के तहत मुकदमा लिखाने की संस्तुति की गई है, जिसकी पत्रावली एसडीएम मंसाराम वर्मा को सौंपी गई है।
विज्ञापन
मितौली ब्लाक की कस्ता ग्राम पंचायत का मामला
एसडीएम मंसाराम वर्मा ने कस्ता में पंचायत भवन की जमीन पर अवैध कब्जेदारी के आरोपों में पूर्व प्रधान सहित चार लोगों को नोटिस जारी किया है। अवैध कब्जेदारों पर लाखों रुपये जुर्माना लगाते हुए तहसील प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। इससे अवैध कब्जेदारों में हडकंप है।
बता दें कि कस्ता के मजरा भिखनापुर की रहने वाली किरन देवी ने एसडीएम मंसाराम वर्मा को प्रार्थना पत्र देकर ग्राम सभा की भूमि पर गांव के ही लोगों द्वारा अवैध कब्जेदारी की शिकायत की थी। कई बार शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने पर किरन देवी ने तहसील प्रशासन पर भी दबंग अवैध कब्जेदारों से मिली भगत के आरोप लगाते हुए डीएम से शिकायत की थी, जिसके बाद तहसील प्रशासन हरकत में आया। नायब तहसीलदार हर्षिता तिवारी की अगुवाई में 23 फरवरी को एक जांच टीम गठित की गई। इसके बाद नायब तहसीलदार अवैध निर्माण बंद कराते हुए पैमाइश कराई थी। इस मामले में अवैध कब्जेदारी के आरोपों में उमाशंकर शुक्ला पर करीब 68 लाख, श्याम किशोर पर करीब 19 लाख, मुन्ना पर करीब नौ लाख, उमाकांत और लक्ष्मीकांत पर दो-दो लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा कस्ता के पूर्व प्रधान उमाशंकर शुक्ला के खिलाफ पीपी एक्ट के तहत मुकदमा लिखाने की संस्तुति की गई है, जिसकी पत्रावली एसडीएम मंसाराम वर्मा को सौंपी गई है।
विज्ञापन