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Lakhimpur Kheri News: जिम्मेदारों की लापरवाही से भीग गई करोड़ों की खाद
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इफ्को गोदाम में रखी भीगी खाद की बोरियां
लखीमपुर खीरी। जिले के ग्रामीण इलाकों में सहकारी समितियों पर जहां खाद की किल्लत है, वहीं शहर के इफको गोदाम पर जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते करोड़ाें रुपयों की हजारों बोरी एनपीके खाद बारिश में भीग गई है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि पानी के संपर्क में आकर खाद खराब हो जाती है।
चार दिन पहले सीतापुर में खाद की रैक उतारी गई थी। जिसके बाद ट्रकों में लादकर खीरी भेजा गया था। इसी दौरान हुई बरसात में खाद की बाेरियां भीग गईं। हाल यह हुआ कि तीन दिनों से खड़े ट्रकों को अनलोड नहीं कराया गया। जिससे बोरी में भरी खाद खराब होने लगी। करोड़ों रुपयों की खाद बरसाती पानी में भीग जाने के बाद भी विभागीय अधिकारियों और गोदाम प्रभारी मामले को दबाने में लगे रहे।
एक ट्रक में 500 से लेकर 600 बोरियां लोड की जाती हैं। हकीकत जानने का प्रयास किया गया तो राज से पर्दा खुला। गोदाम में हजारों बोरियां भीगी पाई गईं। ज्यादा भीगी बोरी को स्टाक से अलग रखा जा रहा था। गोदाम में बोरियां रख रहे मजदूरों का कहना था कि जितनी भी बोरियां लगाई जा रही हैं, वह सब भीगी हैं।
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एआर कोआपरेटिव पीके शुक्ला का कहना था कि जानकारी मिलने के बाद निरीक्षण के लिए गया था। कुछ बोरियां आंशिक रूप से भीगी हैं, जिन्हें अलग रखवाया जा रहा है। बाकी बाद में देखा जाएगा। हालांकि, कितनी बोरियां भीगी है, इसका वह उत्तर नहीं दे सके।
1470 रुपये है एक बोरी खाद की कीमत
पहाड़ापुर में बने इफको के गोदाम में एनपीके खाद की बोरियों को स्टाक किया जा रहा है। उक्त एक बोरी खाद की कीमत 4500 रुपये है। सब्सिडी पर यह 1470 रुपये पर मिलती है। मौके पर देखा गया कि एक हजार से ज्यादा बोरियां स्टाक की जा चुकी थीं, जबकि आठ से दस ट्रक खाद से लदे खड़े थे। ऐसे में करोड़ों रुपयों की खाद बरसाती पानी से भीग कर खराब होने की आशंका है। ट्रक ड्राइवर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि खाद सीतापुर में ही भीग गई थी, फिर यहां भेज दिया गया। वहां काम करने वाले लोगों ने बताया कि भीगी खाद को सुखाकर समितियों पर भेजा जाएगा। लेकिन, इससे किसानों को शुद्ध खाद न मिल सकेगी।
खाद की बोरी पर हल्के पानी का कोई असर नहीं पड़ता है। यदि ज्यादा भीग जाए तो खाद की गुणवत्ता में 50 से लेकर 70 प्रतिशत तक की कमी आ जाती है। भीगी बोरियाें को बिल्कुल अलग रखवाया जा रहा है। सारे ट्रक अनलोड हो जाने के बाद समीक्षा की जाएगी।
- अरविंद कुमार चौधरी, जिला कृषि अधिकारी
बारिश में खाद भीगी है। बारिश को रोका नहीं जा सकता है। इसका जो भी नुकसान होगा, हम झेलेंगे। ठेकेदार पर पेनाल्टी डालेंगे।
एससी मिश्रा, एरिया मैनेजर, इफको
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चार दिन पहले सीतापुर में खाद की रैक उतारी गई थी। जिसके बाद ट्रकों में लादकर खीरी भेजा गया था। इसी दौरान हुई बरसात में खाद की बाेरियां भीग गईं। हाल यह हुआ कि तीन दिनों से खड़े ट्रकों को अनलोड नहीं कराया गया। जिससे बोरी में भरी खाद खराब होने लगी। करोड़ों रुपयों की खाद बरसाती पानी में भीग जाने के बाद भी विभागीय अधिकारियों और गोदाम प्रभारी मामले को दबाने में लगे रहे।
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एक ट्रक में 500 से लेकर 600 बोरियां लोड की जाती हैं। हकीकत जानने का प्रयास किया गया तो राज से पर्दा खुला। गोदाम में हजारों बोरियां भीगी पाई गईं। ज्यादा भीगी बोरी को स्टाक से अलग रखा जा रहा था। गोदाम में बोरियां रख रहे मजदूरों का कहना था कि जितनी भी बोरियां लगाई जा रही हैं, वह सब भीगी हैं।
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एआर कोआपरेटिव पीके शुक्ला का कहना था कि जानकारी मिलने के बाद निरीक्षण के लिए गया था। कुछ बोरियां आंशिक रूप से भीगी हैं, जिन्हें अलग रखवाया जा रहा है। बाकी बाद में देखा जाएगा। हालांकि, कितनी बोरियां भीगी है, इसका वह उत्तर नहीं दे सके।
1470 रुपये है एक बोरी खाद की कीमत
पहाड़ापुर में बने इफको के गोदाम में एनपीके खाद की बोरियों को स्टाक किया जा रहा है। उक्त एक बोरी खाद की कीमत 4500 रुपये है। सब्सिडी पर यह 1470 रुपये पर मिलती है। मौके पर देखा गया कि एक हजार से ज्यादा बोरियां स्टाक की जा चुकी थीं, जबकि आठ से दस ट्रक खाद से लदे खड़े थे। ऐसे में करोड़ों रुपयों की खाद बरसाती पानी से भीग कर खराब होने की आशंका है। ट्रक ड्राइवर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि खाद सीतापुर में ही भीग गई थी, फिर यहां भेज दिया गया। वहां काम करने वाले लोगों ने बताया कि भीगी खाद को सुखाकर समितियों पर भेजा जाएगा। लेकिन, इससे किसानों को शुद्ध खाद न मिल सकेगी।
खाद की बोरी पर हल्के पानी का कोई असर नहीं पड़ता है। यदि ज्यादा भीग जाए तो खाद की गुणवत्ता में 50 से लेकर 70 प्रतिशत तक की कमी आ जाती है। भीगी बोरियाें को बिल्कुल अलग रखवाया जा रहा है। सारे ट्रक अनलोड हो जाने के बाद समीक्षा की जाएगी।
- अरविंद कुमार चौधरी, जिला कृषि अधिकारी
बारिश में खाद भीगी है। बारिश को रोका नहीं जा सकता है। इसका जो भी नुकसान होगा, हम झेलेंगे। ठेकेदार पर पेनाल्टी डालेंगे।
एससी मिश्रा, एरिया मैनेजर, इफको

इफ्को गोदाम में रखी भीगी खाद की बोरियां