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कोरोना की तीसरी लहर का डर, लोग फिर भी बरत रहे लापरवाही
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बाजार में बिना मास्क लगाए घूमते लोग।
आज से लगेगा नाइट कर्फ्यू, सावधानी बरतने में फिर भी कोताही
लखीमपुर खीरी। कोरोना संक्रमण के मामले एक बार फिर बढ़ने शुरू हो गए हैं। इस बार ओमिक्रॉन के रूप में कोरोना वार कर रहा है। बाजार में भीड़ भाड़ के बीच लोग सामाजिक दूरी की अनदेखी कर रहे हैं। मास्क तक नहीं लगा रहे हैं। दुकानों पर भी सैनिटाइजर और सामाजिक दूरी के लिए बनाई गईं व्यवस्थाएं नदारद हैं। इन्हीं सब का संज्ञान लेते हुए सरकार एक बार फिर नाइट कर्फ्यू शनिवार रात से लागू करने जा रही है।
शुक्रवार को अपराह्न मेन रोड, अस्पताल रोड और खपरैल बाजार में लोग एक दूसरे से सटकर चल रहे थे। न लोगों को सामाजिक दूरी का ध्यान था, न ही मास्क पहनने का। बसों, ट्रेनों में भीड़ कम नहीं हुई है। बाजारों, मंदिरों, मस्जिदों यहां तक कि अस्पतालों में भी लोगों कोरोना प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर रहे हैं।
इन दिनों सामाजिक कार्यक्रमों के साथ राजनीतिक सभाओं का सिलसिला भी तेज हो गया है। इन भीड़ भाड़ वाले कार्यक्रमों में भी लोग कोरोना गाइड लाइन की अनदेखी कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यदि सावधानी न बरती गई तो यह लापरवाही लोगों पर भारी पड़ सकती है। नाइट कर्फ्यू एक अलर्ट भर है।
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नाइट कर्फ्यू पर क्या कहते हैं व्यापारी
नाइट कर्फ्यू बड़े शहरों के लिए तो ठीक है, लेकिन लखीमपुर जैसे शहर में रात 11 बजे के बाद वही लोग घर से बाहर निकलते हैं जिन्हें बहुत जरूरी होता है। लोगों को सावधानी बरतने के लिए प्रेरित करना चाहिए। नाइट कर्फ्यू से खास फायदा नहीं होने वाला। इससे लोगों की परेशानियां बढ़ेंगी।
- अजय गोयल, व्यापार मंडल पदाधिकारी
कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों को एक बार फिर सावधानी बरतनी होगी। हालांकि नाइट कर्फ्यू से व्यापार पर कोई प्रभाव पड़ने वाला नहीं हैं लेकिन आटो रिक्शा चालकों और मजदूरों को दिक्कतें हो सकती हैं। अब व्यापारियों को दिन में भी कोविड गाइडलाइन का पालन करने के लिए तैयार रहना चाहिए।
- देश दीपक अग्रवाल, आटो व्यवसाई
कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है। कोरोना के मामलों का बढ़ने से यह बात साबित हो गई है। ऐसे में सरकार द्वारा उठाए जा रहे एहतियाती कदमों का स्वागत करना चाहिए। अपने और समाज की सुरक्षा के लिए लोगों को खुद भी सावधानी बरतनी चाहिए। सामाजिक दूरी और मास्क जरूरी का पालन हर हाल में करना चाहिए।
- श्याम कुमार तिवारी, व्यापार मंडल पदाधिकारी
ओमीक्रॉन के बढ़ते खतरे के बीच सावधानी जरूरी है। समाज के हर व्यक्ति का दायित्व है कि वह कोरोना से बचाव के लिए स्वत: कड़ाई से कोरोना गाइडलाइन का पालन करें और दूसरे को भी प्रेरित करें। नाइट कर्फ्यू से खास असर नहीं पड़ेगा। भीड़ भाड़ कम से कम हो इसका प्रयास होना चाहिए।
- शरद मेहरोत्रा, दवा व्यवसाई
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लखीमपुर खीरी। कोरोना संक्रमण के मामले एक बार फिर बढ़ने शुरू हो गए हैं। इस बार ओमिक्रॉन के रूप में कोरोना वार कर रहा है। बाजार में भीड़ भाड़ के बीच लोग सामाजिक दूरी की अनदेखी कर रहे हैं। मास्क तक नहीं लगा रहे हैं। दुकानों पर भी सैनिटाइजर और सामाजिक दूरी के लिए बनाई गईं व्यवस्थाएं नदारद हैं। इन्हीं सब का संज्ञान लेते हुए सरकार एक बार फिर नाइट कर्फ्यू शनिवार रात से लागू करने जा रही है।
शुक्रवार को अपराह्न मेन रोड, अस्पताल रोड और खपरैल बाजार में लोग एक दूसरे से सटकर चल रहे थे। न लोगों को सामाजिक दूरी का ध्यान था, न ही मास्क पहनने का। बसों, ट्रेनों में भीड़ कम नहीं हुई है। बाजारों, मंदिरों, मस्जिदों यहां तक कि अस्पतालों में भी लोगों कोरोना प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर रहे हैं।
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इन दिनों सामाजिक कार्यक्रमों के साथ राजनीतिक सभाओं का सिलसिला भी तेज हो गया है। इन भीड़ भाड़ वाले कार्यक्रमों में भी लोग कोरोना गाइड लाइन की अनदेखी कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यदि सावधानी न बरती गई तो यह लापरवाही लोगों पर भारी पड़ सकती है। नाइट कर्फ्यू एक अलर्ट भर है।
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नाइट कर्फ्यू पर क्या कहते हैं व्यापारी
नाइट कर्फ्यू बड़े शहरों के लिए तो ठीक है, लेकिन लखीमपुर जैसे शहर में रात 11 बजे के बाद वही लोग घर से बाहर निकलते हैं जिन्हें बहुत जरूरी होता है। लोगों को सावधानी बरतने के लिए प्रेरित करना चाहिए। नाइट कर्फ्यू से खास फायदा नहीं होने वाला। इससे लोगों की परेशानियां बढ़ेंगी।
- अजय गोयल, व्यापार मंडल पदाधिकारी
कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों को एक बार फिर सावधानी बरतनी होगी। हालांकि नाइट कर्फ्यू से व्यापार पर कोई प्रभाव पड़ने वाला नहीं हैं लेकिन आटो रिक्शा चालकों और मजदूरों को दिक्कतें हो सकती हैं। अब व्यापारियों को दिन में भी कोविड गाइडलाइन का पालन करने के लिए तैयार रहना चाहिए।
- देश दीपक अग्रवाल, आटो व्यवसाई
कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है। कोरोना के मामलों का बढ़ने से यह बात साबित हो गई है। ऐसे में सरकार द्वारा उठाए जा रहे एहतियाती कदमों का स्वागत करना चाहिए। अपने और समाज की सुरक्षा के लिए लोगों को खुद भी सावधानी बरतनी चाहिए। सामाजिक दूरी और मास्क जरूरी का पालन हर हाल में करना चाहिए।
- श्याम कुमार तिवारी, व्यापार मंडल पदाधिकारी
ओमीक्रॉन के बढ़ते खतरे के बीच सावधानी जरूरी है। समाज के हर व्यक्ति का दायित्व है कि वह कोरोना से बचाव के लिए स्वत: कड़ाई से कोरोना गाइडलाइन का पालन करें और दूसरे को भी प्रेरित करें। नाइट कर्फ्यू से खास असर नहीं पड़ेगा। भीड़ भाड़ कम से कम हो इसका प्रयास होना चाहिए।
- शरद मेहरोत्रा, दवा व्यवसाई