{"_id":"61a7c6f849e56d492a6bfe02","slug":"fci-team-from-delhi-filled-seven-samples-of-paddy-from-two-mandis-lakhimpur-news-bly467840527","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली से आई एफसीआई टीम ने दो मंडियों से धान के सात नमूने भरे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली से आई एफसीआई टीम ने दो मंडियों से धान के सात नमूने भरे
विज्ञापन
जांच की गुणवत्ता परखती दिल्ली से आई टीम।
धान के मानक में छूट की मांग किए जाने पर एफसीआई ने शुरू की जांच
लखीमपुर खीरी। अक्तूबर में बेमौसम हुई भारी बारिश से आई बाढ़ की चपेट में आकर धान की गुणवत्ता खराब होने के मामले में जांच करने के लिए एफसीआई दिल्ली से फूड एंड कंज्यूमर अफेयर्स की टीम बुधवार को खीरी पहुंची। टीम ने सबसे पहले लखीमपुर की राजापुर मंडी में जाकर धान के नमूने भरे, जिसके बाद तिकुनिया मंडी में धान के नमूने लिए। दोनों मंडियों से कुल सात नमूने भरे। इस दौरान तिकुनिया मंडी में कुछ लोगों ने अपना धान बिकवाने के लिए अधिकारियों पर दबाव बनाया, तो मामले की सूचना पर एडीएम संजय सिंह ने मौके पर पुलिस फोर्स भेजी।
बेमौसम बारिश व बाढ़ से धान की गुणवत्ता प्रभावित होने पर जिला प्रशासन ने धान की गुणवत्ता के मानकों में छूट देने की मांग केंद्र सरकार व एफसीआई से की थी। प्रदेश सरकार की ओर से भी केंद्र सरकार से धान की गुणवत्ता के मानकों में छूट देने की मांग की गई थी। इस पर केंद्र सरकार के निर्देश पर फूड डिपार्टमेंट भारत सरकार के सहायक रिजनल डायरेक्टर पीके सिंह की अगुवाई में एक टीम बुधवार को खीरी पहुंची। पहले राजापुर मंडी में जाकर धान के नमूने भरे। इस दौरान ने किसानों से बातचीत भी की। इसके बाद टीम सीधे तिकुनिया मंडी पहुंची, जहां पर आए धान की गुणवत्ता का निरीक्षण किया। इसके बाद धान के नमूने भरे। अधिकारियों को आया देखकर कुछ लोग/किसान अपना धान बिकवाने के लिए दबाव बनाने लगे। इससे टीम के अधिकारी खासे परेशान दिखे। टीम का आरोप है कि कुछ अराजक तत्वों ने अभद्रता के मूड में बातचीत की, जिससे मामले की सूचना एडीएम को दी गई। इसके बाद एडीएम के निर्देश पर पुलिस फोर्स तिकुनिया मंडी पहुंचा। तब जाकर टीम अपनी सैंपलिंग की कार्रवाई पूरी कर सकी। इस दौरान डिप्टी आरएमओ लालमणि पांडेय, एएमओ प्रमोद गुप्ता, एफसीआई के तकनीकी अधिकारी समेत सीतापुर व लखीमपुर एफसीआई के अधिकारी मौजूद रहे।
अक्तूबर में हुई बेमौसम बारिश से धान की गुणवत्ता खराब हुई है, जिसके लिए मानक में छूट देने की मांग की गई है। इसलिए एफसीआई की टीम धान के नमूने लेने आई थी। नमूनों की जांच के बाद मानकों में छूट संबंधी दिशा-निर्देश प्राप्त होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
- लालमणि पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। अक्तूबर में बेमौसम हुई भारी बारिश से आई बाढ़ की चपेट में आकर धान की गुणवत्ता खराब होने के मामले में जांच करने के लिए एफसीआई दिल्ली से फूड एंड कंज्यूमर अफेयर्स की टीम बुधवार को खीरी पहुंची। टीम ने सबसे पहले लखीमपुर की राजापुर मंडी में जाकर धान के नमूने भरे, जिसके बाद तिकुनिया मंडी में धान के नमूने लिए। दोनों मंडियों से कुल सात नमूने भरे। इस दौरान तिकुनिया मंडी में कुछ लोगों ने अपना धान बिकवाने के लिए अधिकारियों पर दबाव बनाया, तो मामले की सूचना पर एडीएम संजय सिंह ने मौके पर पुलिस फोर्स भेजी।
बेमौसम बारिश व बाढ़ से धान की गुणवत्ता प्रभावित होने पर जिला प्रशासन ने धान की गुणवत्ता के मानकों में छूट देने की मांग केंद्र सरकार व एफसीआई से की थी। प्रदेश सरकार की ओर से भी केंद्र सरकार से धान की गुणवत्ता के मानकों में छूट देने की मांग की गई थी। इस पर केंद्र सरकार के निर्देश पर फूड डिपार्टमेंट भारत सरकार के सहायक रिजनल डायरेक्टर पीके सिंह की अगुवाई में एक टीम बुधवार को खीरी पहुंची। पहले राजापुर मंडी में जाकर धान के नमूने भरे। इस दौरान ने किसानों से बातचीत भी की। इसके बाद टीम सीधे तिकुनिया मंडी पहुंची, जहां पर आए धान की गुणवत्ता का निरीक्षण किया। इसके बाद धान के नमूने भरे। अधिकारियों को आया देखकर कुछ लोग/किसान अपना धान बिकवाने के लिए दबाव बनाने लगे। इससे टीम के अधिकारी खासे परेशान दिखे। टीम का आरोप है कि कुछ अराजक तत्वों ने अभद्रता के मूड में बातचीत की, जिससे मामले की सूचना एडीएम को दी गई। इसके बाद एडीएम के निर्देश पर पुलिस फोर्स तिकुनिया मंडी पहुंचा। तब जाकर टीम अपनी सैंपलिंग की कार्रवाई पूरी कर सकी। इस दौरान डिप्टी आरएमओ लालमणि पांडेय, एएमओ प्रमोद गुप्ता, एफसीआई के तकनीकी अधिकारी समेत सीतापुर व लखीमपुर एफसीआई के अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
अक्तूबर में हुई बेमौसम बारिश से धान की गुणवत्ता खराब हुई है, जिसके लिए मानक में छूट देने की मांग की गई है। इसलिए एफसीआई की टीम धान के नमूने लेने आई थी। नमूनों की जांच के बाद मानकों में छूट संबंधी दिशा-निर्देश प्राप्त होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
- लालमणि पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी