फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Farms were scorching Puwal The fire officer unfazed

खेतों को झुलसा रही पुआल  की आग, अफसर बेफिक्र   

Wed, 09 Nov 2016 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी। Updated Wed, 09 Nov 2016 11:46 PM IST
विज्ञापन
Farms were scorching Puwal The fire officer unfazed
पर्यावरण - फोटो : अमर उजाला
किसानों तक नहीं पहुंच पाए कागजी निर्देश
विज्ञापन

खेतों में पुआल जलाने से जहां जमीन की उर्वरा शक्ति नष्ट होती हैं, वहीं पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है। इसकी रोकथाम के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने गाइड लाइन भी जारी की हैं, जिस पर कृषि विभाग ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश भी जारी किए थे। इसके बावजूद किसानों तक नियमों की जानकारी नहीं पहुंच सकी है। यही वजह है कि खेतों में अंधाधुंध पुआल जलाया जा रहा है। 
इस खेतों में धान की फसल कटाई का कार्य जोरों पर हैं। बड़े किसान ज्यादातर कंबाइन मशीन से धान कटा रहे हैं, जिसके बाद धान के अवशेष (पुआल) को खेतों में ही आग लगाकर नष्ट करते हैं। इसके पीछे किसानों की मंशा चाहे जो भी हो, लेकिन कृषि विशेषज्ञ इसे खतरनाक प्रवृत्ति मानते हैं। वजह यह है कि इससे खेतों की उर्वरा शक्ति को नुकसान पहुंचता है और पर्यावरण प्रदूषित होता है। पुआल के जलने से उठने वाले धुएं के गुबार बड़े शहरों में धुंध बनकर छाते हैं, जिससे नागरिक बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इसके अलावा पड़ोसी खेत की खड़ी फसलों में आग लगने की घटनाएं होने की संभावना बनी रहती है, जिसके कई मामले सामने भी आ चुके हैं। 
विज्ञापन

जिला कृषि अधिकारी सत्येंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पुआल को खेतों में पानी भरकर गला देना चाहिए, जो खाद का काम करेगी। उन्होंने बताया कि खेतों में पुआल न जलाने के संबंध में किसानों को गोष्ठियों के माध्यम से जागरुक किया जा रहा है। इसके लिए न्याय पंचायतों में तैनात किसान सहायकों को निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed