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एक हेक्टेयर भूमि वाले किसान 850 क्विंटल ही कर सकेंगे गन्ना आपूर्ति
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sugar cane
- फोटो : amar ujala
ड्रिप इरीगेशन पद्घति से सिंचाई करने वाले किसानों को उपज बढ़ोतरी में मिलेगी प्राथमिकता
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11 से 30 सितंबर 2021 तक समिति स्तरीय सट्टा प्रदर्शन मेला
लखीमपुर खीरी। गन्ना पेराई सत्र 2021-22 में गन्ने के सट्टे एवं आपूर्ति के लिए गन्ना आयुक्त ने पालिसी जारी कर दी है, जिसमें किसानों को अधिक सुविधा देने के लिए कई बदलाव भी किए गए हैं। मुख्य रूप से भूमि क्रय-विक्रय के प्रकरणों में बेसिक कोटा हस्तांतरण, उत्तम गन्ना किसानों को उपज बढ़ोतरी के लिए निशुल्क प्रार्थना पत्र स्वीकार किए जाएंगे। यदि किसी सट्टाधारक किसान की मृत्यु पेराई सत्र के दौरान होती है तो उसका सट्टा चालू रखा जाएगा।
इस वर्ष की आपूर्ति नीति में एक हेक्टेयर भूमि वाले सीमांत किसान 850 क्विंटल ही गन्ना आपूर्ति कर सकेंगे। दो हेक्टेयर भूमि वाले लघु किसान 1700 क्विंटल गन्ना आपूर्ति कर सकेंगे। पांच हेक्टेयर भूमि वाले सामान्य किसान 4250 क्विंटल गन्ना सप्लाई कर पाएंगे। इसके अलावा उपज बढ़ोतरी होने पर कोटा बढ़ाया जा सकता है, जिससे सट्टे की अधिकतम सीमा क्रमश: 1350 क्विंटल, 2700 क्विंटल और 6750 क्विंटल निर्धारित की गई है।
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जिला गन्ना अधिकारी ब्रजेश कुमार पटेल ने बताया कि आपूर्तिकर्ता किसानों की अधिकतम गन्ना आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए पिछले दो वर्ष, तीन वर्ष एवं पांच वर्ष की औसत गन्ना आपूर्ति में से अधिकतम औसत गन्ना आपूर्ति को पेराई सत्र 2021-22 के लिए बेसिक कोटा माना जाएगा। साथ ही जो किसान पेराई सत्र 2020-21 में नए सदस्य बने हैं और एक वर्ष ही गन्ने की आपूर्ति की है, उनके एक वर्ष की गन्ना आपूर्ति को बेसिक कोटा माना जाएगा। जिन किसानों के पास गन्ने की उपज क्राप कटिंग प्रयोगों की औसत उपज से अधिक है, वे आवश्यकतानुसार उपज बढ़ोतरी के लिए अपने आवेदन पत्र निर्धारित शुल्क के साथ 30 सितंबर 2021 तक जमा कर सकते हैं।
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ड्रिप इरीगेशन पद्घति से सिंचाई करने वाले किसानों को अतिरिक्त सट्टे में प्राथमिकता दी जाएगी। हालांकि अस्वीकृत प्रजातियों को शामिल नहीं किया जाएगा। डीसीओ ने बताया कि ट्रेंच विधि से बुवाई, सहफसली खेती एवं ड्रिप के प्रयोग एक ही खेत पर शुरू करने वाले चयनित उत्तम गन्ना कृषकों से उपज बढ़ोतरी के प्रार्थना पत्र निशुल्क प्राप्त किए जाएंगे।
ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाएगा अंतिम कैलेंडर
इस वर्ष समिति स्तरीय सट्टा प्रदर्शन के दौरान प्राप्त आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम कैलेंडर ईआरपी की वेबसाइट केनयूपी डॉट इन एवं ई-गन्ना ऐप पर ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाएगा। किसानों के लिए अंतिम कैलेंडर का प्रदर्शन चीनी मिल चलने के एक सप्ताह पूर्व कर दिया जाएगा। किसानों की समस्याएं टोल फ्री नंबर 1800-121-3203 पर दर्ज की जाएंगी।
गन्ना आपूर्ति से संबंधित समय सारिणी
प्री कैलेंडर का ऑनलाइन वितरण एक सितंबर से 10 सितंबर 2021 तक होगा। समिति स्तरीय सट्टा प्रदर्शन 11 सितंबर से 30 सितंबर 2021 तक होगा। गन्ना समितियों के नए सदस्य की भर्ती 30 सितंबर 2021 तक होगी। कृषकवार सट्टे की मात्रा का आगणन 10 अक्तूबर 2021 तक किया जाएगा।
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11 से 30 सितंबर 2021 तक समिति स्तरीय सट्टा प्रदर्शन मेला लखीमपुर खीरी। गन्ना पेराई सत्र 2021-22 में गन्ने के सट्टे एवं आपूर्ति के लिए गन्ना आयुक्त ने पालिसी जारी कर दी है, जिसमें किसानों को अधिक सुविधा देने के लिए कई बदलाव भी किए गए हैं। मुख्य रूप से भूमि क्रय-विक्रय के प्रकरणों में बेसिक कोटा हस्तांतरण, उत्तम गन्ना किसानों को उपज बढ़ोतरी के लिए निशुल्क प्रार्थना पत्र स्वीकार किए जाएंगे। यदि किसी सट्टाधारक किसान की मृत्यु पेराई सत्र के दौरान होती है तो उसका सट्टा चालू रखा जाएगा।
इस वर्ष की आपूर्ति नीति में एक हेक्टेयर भूमि वाले सीमांत किसान 850 क्विंटल ही गन्ना आपूर्ति कर सकेंगे। दो हेक्टेयर भूमि वाले लघु किसान 1700 क्विंटल गन्ना आपूर्ति कर सकेंगे। पांच हेक्टेयर भूमि वाले सामान्य किसान 4250 क्विंटल गन्ना सप्लाई कर पाएंगे। इसके अलावा उपज बढ़ोतरी होने पर कोटा बढ़ाया जा सकता है, जिससे सट्टे की अधिकतम सीमा क्रमश: 1350 क्विंटल, 2700 क्विंटल और 6750 क्विंटल निर्धारित की गई है।
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जिला गन्ना अधिकारी ब्रजेश कुमार पटेल ने बताया कि आपूर्तिकर्ता किसानों की अधिकतम गन्ना आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए पिछले दो वर्ष, तीन वर्ष एवं पांच वर्ष की औसत गन्ना आपूर्ति में से अधिकतम औसत गन्ना आपूर्ति को पेराई सत्र 2021-22 के लिए बेसिक कोटा माना जाएगा। साथ ही जो किसान पेराई सत्र 2020-21 में नए सदस्य बने हैं और एक वर्ष ही गन्ने की आपूर्ति की है, उनके एक वर्ष की गन्ना आपूर्ति को बेसिक कोटा माना जाएगा। जिन किसानों के पास गन्ने की उपज क्राप कटिंग प्रयोगों की औसत उपज से अधिक है, वे आवश्यकतानुसार उपज बढ़ोतरी के लिए अपने आवेदन पत्र निर्धारित शुल्क के साथ 30 सितंबर 2021 तक जमा कर सकते हैं।
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ड्रिप इरीगेशन पद्घति से सिंचाई करने वाले किसानों को अतिरिक्त सट्टे में प्राथमिकता दी जाएगी। हालांकि अस्वीकृत प्रजातियों को शामिल नहीं किया जाएगा। डीसीओ ने बताया कि ट्रेंच विधि से बुवाई, सहफसली खेती एवं ड्रिप के प्रयोग एक ही खेत पर शुरू करने वाले चयनित उत्तम गन्ना कृषकों से उपज बढ़ोतरी के प्रार्थना पत्र निशुल्क प्राप्त किए जाएंगे।