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Lakhimpur Kheri News: रातोंरात उजाड़ दी किसान की गन्ने की फसल
Sun, 17 May 2026 11:18 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 17 May 2026 11:18 PM IST
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उजड़ी गन्ने की फसल दिखाता किसान।संवाद
धौरहरा। गांव कफारा में कुछ लोगों पर किसान की खड़ी गन्ने की फसल ट्रैक्टर से जोतकर नष्ट करने का आरोप लगा है। पीड़ित किसान ने कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
गांव कफारा निवासी किसान रामलखन ने बताया कि उनकी 14 बीघा जमीन में गन्ने की फसल खड़ी थी। आरोप है कि शनिवार रात गांव के ही कुछ लोगों ने ट्रैक्टर से पूरी फसल जोत डाली। रविवार सुबह जब वह अपने बेटों के साथ खेत पहुंचे तो फसल उजड़ी देख उनके होश उड़ गए। किसान का आरोप है कि इस घटना से उसे करीब सात लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।
रामलखन के अनुसार, कफारा निवासी बांकेलाल ने वर्ष 1974 में खातेदार संत बहादुर से इस जमीन का बैनामा कराया था, तभी से उनका परिवार जमीन पर खेती करता आ रहा था। आरोप है कि बीते जनवरी में महिपाल, आदर्श, रोमी, कौशल और शत्रोहन ने संत बहादुर को अपना चाचा बताते हुए जमीन की वरासत अपने नाम करा ली।
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रामलखन का कहना है कि जानकारी होने पर उन्होंने एसडीएम न्यायालय में मुकदमा दायर किया था। मामला अभी न्यायालय में लंबित है। आरोप है कि इसी बीच शनिवार रात आरोपियों ने खेत में ट्रैक्टर चलाकर गन्ने की फसल नष्ट कर दी।
दूसरे पक्ष के शत्रोहन और महिपाल आदि का कहना है कि जमीन गलत तरीके से रामलखन के पिता के नाम दर्ज करा ली गई थी। उनका दावा है कि अब जमीन उनके नाम दर्ज है, इसलिए उन्होंने खेत जोत दिया।
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मामले की जांच की जा रही है। यदि फसल जोती गई है तो एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
-रवींद्र सोनकर, प्रभारी निरीक्षक, धौरहरा
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लंबित मामले में फसल जोतना अपराध की श्रेणी में आता है। मुकदमे के निस्तारण के बाद जिसके पक्ष में निर्णय होता है, राजस्व टीम स्वयं कब्जा दिलाती है।
-शशिकांत मणि, एसडीएम धौरहरा
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गांव कफारा निवासी किसान रामलखन ने बताया कि उनकी 14 बीघा जमीन में गन्ने की फसल खड़ी थी। आरोप है कि शनिवार रात गांव के ही कुछ लोगों ने ट्रैक्टर से पूरी फसल जोत डाली। रविवार सुबह जब वह अपने बेटों के साथ खेत पहुंचे तो फसल उजड़ी देख उनके होश उड़ गए। किसान का आरोप है कि इस घटना से उसे करीब सात लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।
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रामलखन के अनुसार, कफारा निवासी बांकेलाल ने वर्ष 1974 में खातेदार संत बहादुर से इस जमीन का बैनामा कराया था, तभी से उनका परिवार जमीन पर खेती करता आ रहा था। आरोप है कि बीते जनवरी में महिपाल, आदर्श, रोमी, कौशल और शत्रोहन ने संत बहादुर को अपना चाचा बताते हुए जमीन की वरासत अपने नाम करा ली।
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रामलखन का कहना है कि जानकारी होने पर उन्होंने एसडीएम न्यायालय में मुकदमा दायर किया था। मामला अभी न्यायालय में लंबित है। आरोप है कि इसी बीच शनिवार रात आरोपियों ने खेत में ट्रैक्टर चलाकर गन्ने की फसल नष्ट कर दी।
दूसरे पक्ष के शत्रोहन और महिपाल आदि का कहना है कि जमीन गलत तरीके से रामलखन के पिता के नाम दर्ज करा ली गई थी। उनका दावा है कि अब जमीन उनके नाम दर्ज है, इसलिए उन्होंने खेत जोत दिया।
मामले की जांच की जा रही है। यदि फसल जोती गई है तो एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
-रवींद्र सोनकर, प्रभारी निरीक्षक, धौरहरा
लंबित मामले में फसल जोतना अपराध की श्रेणी में आता है। मुकदमे के निस्तारण के बाद जिसके पक्ष में निर्णय होता है, राजस्व टीम स्वयं कब्जा दिलाती है।
-शशिकांत मणि, एसडीएम धौरहरा