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Lakhimpur Kheri News: किसान सहकारी समिति के कर्मचारियों पर धोखाधड़ी का लगाया गया आरोप
Mon, 17 Nov 2025 11:31 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 17 Nov 2025 11:31 PM IST
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बिजुआ। ग्राम रामनगर कलां निवासी शत्रोहन ने जिला सहकारी बैंक व बिजुआ बी पैक्स समिति के कर्मचारियों पर धोखाधड़ी, फर्जी सदस्यता तथा जबरन ऋण चढ़ाने का आरोप लगाया है। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
शत्रोहन का आरोप है कि जनवरी, 2024 में खाद वितरण के समय समिति के कर्मचारियों ने आधार खतौनी खसरा व बैंक में खाता खुलवाकर उसे सदस्य बनाने की बात कही। पांच फरवरी को उसे जिला सहकारी बैंक बुलाकर खाता खुलवाया गया। अगले ही दिन उसे बताया गया कि उसके नाम पर 2,50,000 रुपये का भुगतान हुआ है। इसकी शिकायत करने पर खाद के लगभग 1,79,000 रुपये रिकवरी कराने की संस्तुति की थी।
कुछ समय बाद कर्मचारियों ने कहा कि आपके नाम पर 20,000 रुपये का ऋण पास हो गया है, जब पीड़ित ने वास्तविक बकाया राशि पूछी तो अमीन ने बताया कि उसके नाम पर कुल लगभग तीन लाख रुपये का ऋण चढ़ा दिया गया है।
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शत्रोहन ने बताया कि उसके पास मात्र सात डिसमिल जमीन है। समिति के कर्मचारियों ने उसकी खतौनी एडिट कर फर्जी खतौनी बनाकर उसी खतौनी का रकबा पांच एकड़ बनाकर फर्जी बंधक व बारहसाला लगाकर तीन लाख रुपये निकाले हैं।
शत्रोहन ने पुलिस अधीक्षक तथा सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से न्यायिक जांच की मांग की। कोई कार्रवाई न होने पर उसने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना कराए जाने का आदेश किया है। थाना भीरा में समिति के सचिव विपिन बिहारी वाजपेई, सुरेश अवस्थी एवं निर्मला सिंह आंकिक, जिला सहकारी बैंक के पूर्व मैनेजर अमित मिश्र, कैशियर अज्ञात के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है।
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शत्रोहन का आरोप है कि जनवरी, 2024 में खाद वितरण के समय समिति के कर्मचारियों ने आधार खतौनी खसरा व बैंक में खाता खुलवाकर उसे सदस्य बनाने की बात कही। पांच फरवरी को उसे जिला सहकारी बैंक बुलाकर खाता खुलवाया गया। अगले ही दिन उसे बताया गया कि उसके नाम पर 2,50,000 रुपये का भुगतान हुआ है। इसकी शिकायत करने पर खाद के लगभग 1,79,000 रुपये रिकवरी कराने की संस्तुति की थी।
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कुछ समय बाद कर्मचारियों ने कहा कि आपके नाम पर 20,000 रुपये का ऋण पास हो गया है, जब पीड़ित ने वास्तविक बकाया राशि पूछी तो अमीन ने बताया कि उसके नाम पर कुल लगभग तीन लाख रुपये का ऋण चढ़ा दिया गया है।
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शत्रोहन ने बताया कि उसके पास मात्र सात डिसमिल जमीन है। समिति के कर्मचारियों ने उसकी खतौनी एडिट कर फर्जी खतौनी बनाकर उसी खतौनी का रकबा पांच एकड़ बनाकर फर्जी बंधक व बारहसाला लगाकर तीन लाख रुपये निकाले हैं।
शत्रोहन ने पुलिस अधीक्षक तथा सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से न्यायिक जांच की मांग की। कोई कार्रवाई न होने पर उसने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना कराए जाने का आदेश किया है। थाना भीरा में समिति के सचिव विपिन बिहारी वाजपेई, सुरेश अवस्थी एवं निर्मला सिंह आंकिक, जिला सहकारी बैंक के पूर्व मैनेजर अमित मिश्र, कैशियर अज्ञात के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है।