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खाद खरीद पर किसान मुआवजे का हकदार
लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 11 Apr 2015 06:37 PM IST
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जिला स्तरीय जायद गोष्ठी में बीज, खाद, कृषि रक्षा रसायन तथा पारदर्शी किसान सेवा योजना के बारे में किसानों को विस्तार से जानकारी दी गई। उप कृषि निदेशक डॉ. शिवकुमार केसरी ने अनुदानित योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों को टोल फ्री नंबर 1800-200-1050 पर रजिस्ट्रेशन कराने का अनुरोध किया है। वहीं इफको द्वारा संचालित किसानों को राहत देने वाली योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई।
कलेक्ट्रेट सभागार में हुई गोष्ठी में पशुपालन विभाग के सीवीओ डॉ. एसपी सिंह ने जानवरों का समय से टीकाकरण और पशुधन बीमा की जानकारी दी। सहायक आयुक्त सहकारिता आरके सिंह ने संकट हरण बीमा तथा खाद के बारे में बताया। साथ ही किसानों को आश्वस्त किया कि जिले में यूरिया एवं फास्फेटिक खाद पर्याप्त है। नाबार्ड के जीएम पार्थमित्र सेन ने किसानों से किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने की अपील की। प्रबंधक इफको ने संकट हरण बीमा योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि खाद की प्रति बोरी खरीद पर चार हजार का बीमा लाभ किसानों को दिया जाता हैै, यदि किसी किसान की असामयिक अपंगता कृषि कार्य करते समय होती है, तो उसे दो हजार रुपये प्रति बोरी और मृत्यु होने पर चार हजार रुपये प्रति बोरी के हिसाब से अधिकतम एक लाख रुपये का लाभ बतौर जीवन बीमा देेय हैै। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. पीके बिसेन ने जायद से संबंधित फसलों तथा उनकी प्रजातियों के बारे में विस्तृत चर्चा की। वैज्ञानिक डॉ. एनके त्रिपाठी ने पशुओं से संबंधित बीमारियों के समाधान के लिए जानकारी दी।
बैठक में जिला उद्यान अधिकारी दिग्विजय भार्गव, कृषि रक्षा अधिकारी श्याम सुंदर, सहायक निदेशक रेशम रनवीर सिंह ने विभागीय योजनों के बारे में विस्तृत चर्चा की। अंत में उप कृषि निदेशक डॉ. शिव कुमार केसरी ने किसानों से अपील की है कि जिन क्षेत्रों में अधिक वर्षा एवं ओलावृष्टि से फसलें नष्ट हुई हैं, उन क्षेत्रों में उर्द, मूंग, मक्का, ज्वार तथा मूंगफली की फसलें ले सकते हैं।
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कलेक्ट्रेट सभागार में हुई गोष्ठी में पशुपालन विभाग के सीवीओ डॉ. एसपी सिंह ने जानवरों का समय से टीकाकरण और पशुधन बीमा की जानकारी दी। सहायक आयुक्त सहकारिता आरके सिंह ने संकट हरण बीमा तथा खाद के बारे में बताया। साथ ही किसानों को आश्वस्त किया कि जिले में यूरिया एवं फास्फेटिक खाद पर्याप्त है। नाबार्ड के जीएम पार्थमित्र सेन ने किसानों से किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने की अपील की। प्रबंधक इफको ने संकट हरण बीमा योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि खाद की प्रति बोरी खरीद पर चार हजार का बीमा लाभ किसानों को दिया जाता हैै, यदि किसी किसान की असामयिक अपंगता कृषि कार्य करते समय होती है, तो उसे दो हजार रुपये प्रति बोरी और मृत्यु होने पर चार हजार रुपये प्रति बोरी के हिसाब से अधिकतम एक लाख रुपये का लाभ बतौर जीवन बीमा देेय हैै। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. पीके बिसेन ने जायद से संबंधित फसलों तथा उनकी प्रजातियों के बारे में विस्तृत चर्चा की। वैज्ञानिक डॉ. एनके त्रिपाठी ने पशुओं से संबंधित बीमारियों के समाधान के लिए जानकारी दी।
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बैठक में जिला उद्यान अधिकारी दिग्विजय भार्गव, कृषि रक्षा अधिकारी श्याम सुंदर, सहायक निदेशक रेशम रनवीर सिंह ने विभागीय योजनों के बारे में विस्तृत चर्चा की। अंत में उप कृषि निदेशक डॉ. शिव कुमार केसरी ने किसानों से अपील की है कि जिन क्षेत्रों में अधिक वर्षा एवं ओलावृष्टि से फसलें नष्ट हुई हैं, उन क्षेत्रों में उर्द, मूंग, मक्का, ज्वार तथा मूंगफली की फसलें ले सकते हैं।
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