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लाखों किसान, योजनाओं का लाभ हजारों को
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Wed, 05 Jul 2017 11:31 PM IST
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farmer
- फोटो : अमर उजाला
सरकारी तंत्र की विफलता से बेबस हैं किसान, योजनाओं का जानकारी नहीं
छह लाख किसानों में से सिर्फ सात हजार को अनुदान
भले ही सरकार के एजेंडे में किसान का नंबर ऊपर है, लेकिन सरकारी योजनाओं का लाभ बहुत कम किसानों को मिल रहा है। कृषि यंत्र, बीज की खरीद पर अनुदान, प्रधानमंत्री फसल बीमा जैसी योजनाओं के लाभार्थियों की संख्या हजारों में है। जबकि जिले में लाखों किसान हैं।
पारदर्शी किसान सेवा योजना के तहत कुल 6.10 लाख के सापेक्ष 3.64 लाख किसानों का पंजीकरण कराया जा चुका है। सरकार ने फर्जीवाड़ा रोकने के लिए सरकार ने सीधे किसानों के खाते में अनुदान की धनराशि दिए जाने की व्यवस्था लागू है, जिसमें बीज और कृषि यंत्रों की खरीद पर अनुदान मिलता है। रबी सीजन 2016-17 में महज 7044 किसानों को ही बीज पर अनुदान का लाभ मिल सका है। जो कुल किसानों की संख्या से बेहद कम है। इसी तरह कृषि यंत्रों में पहले आओ पहले पाओ के आधार पर लाभ दिया जाता है, जिसमें लक्ष्य सीमित होने के चलते अधिकांश किसान लाभ से वंचित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसलों का बीमा कराने और नुकसान होने पर मुआवजा मिलने की प्रक्रिया काफी जटिल होने से किसानों का मोहभंग हुआ है। रबी 2016-17 में 56,702 किसानों द्वारा 49130.47 हेक्टेअर फसलों का बीमा कराया गया, जिसके लिए तीन करोड़ 93 लाख 81 हजार रुपये प्रीमियम एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी को अदा की गई। लेकिन अभी एक भी किसान को क्षतिपूर्ति हासिल नहीं हुई है।
नहीं मिला फसल बीमा योजना का लाभ
निघासन। बाढग़्रस्त क्षेत्र होने के दो साल पहले प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा कराया था। बाढ़ मेें फसल भी चौपट हो गई थी। बीमा के लिए क्लेम किया, लेकिन फसल बीमा का लाभ नहीं मिल सका।
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गोविंद सिंह, बजरंगगढ़
नहीं मिला बीजों पर अनुदान
कृषि यंत्र अनुदान योजना के तहत एक रोटावेट लिया था। इस पर छूट मिलनी थी, लेकिन एक साल से अधिक का समय हो गया है। अभी तक खाते में छूट का पैसा नहीं मिल सका है।
श्रीप्रकाश शुक्ला, पचपेड़ी
समय रहते नहीं मिलती जानकारी
बांकेगंज। सरकारी योजनाओं और छूट पाने के लिए किसानों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने के बाद भी लाभ नहीं मिलता है। जानकारी के अभाव और जटिलताओं के कारण काफी किसान पंजीकरण नहीं करा पाए हैं। लघु एवं सीमांत किसानों को योजनाओं की जानकारी समय रहते नहीं मिल पाती है।
कौशल किशोर मिश्र, बांकेगंज
योजनाओं का प्रचार नहीं हो रहा
किसानों के लिए लाभकारी योजनाएं चल रहीं हैं, लेकिन उसका प्रचार-प्रसार जहां होना चाहिए, वहां नहीं हो रहा है। अभी तक किसानों को इन योजनाओं की जानकारी ही नहीं है। इसलिए चल रही योजनाएं किसानों के काम नहीं आ पाती। कुछ चुनिंदा किसान सरकारी दफ्तरों में बैठकर छूट योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं।
राजकुमार, बांकेगंज
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छह लाख किसानों में से सिर्फ सात हजार को अनुदान
भले ही सरकार के एजेंडे में किसान का नंबर ऊपर है, लेकिन सरकारी योजनाओं का लाभ बहुत कम किसानों को मिल रहा है। कृषि यंत्र, बीज की खरीद पर अनुदान, प्रधानमंत्री फसल बीमा जैसी योजनाओं के लाभार्थियों की संख्या हजारों में है। जबकि जिले में लाखों किसान हैं।
पारदर्शी किसान सेवा योजना के तहत कुल 6.10 लाख के सापेक्ष 3.64 लाख किसानों का पंजीकरण कराया जा चुका है। सरकार ने फर्जीवाड़ा रोकने के लिए सरकार ने सीधे किसानों के खाते में अनुदान की धनराशि दिए जाने की व्यवस्था लागू है, जिसमें बीज और कृषि यंत्रों की खरीद पर अनुदान मिलता है। रबी सीजन 2016-17 में महज 7044 किसानों को ही बीज पर अनुदान का लाभ मिल सका है। जो कुल किसानों की संख्या से बेहद कम है। इसी तरह कृषि यंत्रों में पहले आओ पहले पाओ के आधार पर लाभ दिया जाता है, जिसमें लक्ष्य सीमित होने के चलते अधिकांश किसान लाभ से वंचित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसलों का बीमा कराने और नुकसान होने पर मुआवजा मिलने की प्रक्रिया काफी जटिल होने से किसानों का मोहभंग हुआ है। रबी 2016-17 में 56,702 किसानों द्वारा 49130.47 हेक्टेअर फसलों का बीमा कराया गया, जिसके लिए तीन करोड़ 93 लाख 81 हजार रुपये प्रीमियम एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी को अदा की गई। लेकिन अभी एक भी किसान को क्षतिपूर्ति हासिल नहीं हुई है।
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नहीं मिला फसल बीमा योजना का लाभ
निघासन। बाढग़्रस्त क्षेत्र होने के दो साल पहले प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा कराया था। बाढ़ मेें फसल भी चौपट हो गई थी। बीमा के लिए क्लेम किया, लेकिन फसल बीमा का लाभ नहीं मिल सका।
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गोविंद सिंह, बजरंगगढ़
नहीं मिला बीजों पर अनुदान
कृषि यंत्र अनुदान योजना के तहत एक रोटावेट लिया था। इस पर छूट मिलनी थी, लेकिन एक साल से अधिक का समय हो गया है। अभी तक खाते में छूट का पैसा नहीं मिल सका है।
श्रीप्रकाश शुक्ला, पचपेड़ी
समय रहते नहीं मिलती जानकारी
बांकेगंज। सरकारी योजनाओं और छूट पाने के लिए किसानों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने के बाद भी लाभ नहीं मिलता है। जानकारी के अभाव और जटिलताओं के कारण काफी किसान पंजीकरण नहीं करा पाए हैं। लघु एवं सीमांत किसानों को योजनाओं की जानकारी समय रहते नहीं मिल पाती है।
कौशल किशोर मिश्र, बांकेगंज
योजनाओं का प्रचार नहीं हो रहा
किसानों के लिए लाभकारी योजनाएं चल रहीं हैं, लेकिन उसका प्रचार-प्रसार जहां होना चाहिए, वहां नहीं हो रहा है। अभी तक किसानों को इन योजनाओं की जानकारी ही नहीं है। इसलिए चल रही योजनाएं किसानों के काम नहीं आ पाती। कुछ चुनिंदा किसान सरकारी दफ्तरों में बैठकर छूट योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं।
राजकुमार, बांकेगंज