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Lakhimpur Kheri News: जौराहा नाले पर खनन का पट्टा होने से किसानों में आक्रोश
Mon, 08 Dec 2025 11:43 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 08 Dec 2025 11:43 PM IST
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खनन पट्टा के विरोध में कलक्ट्रेट पहुंचे किसान। संवाद
लखीमपुर खीरी। निघासन ब्लाॅक के ग्राम पंचायत मांझा के जौराहा नाले के पास बालू खनन का पट्टा कर दिया गया, इसका विरोध ग्रामीणों ने शुरू कर दिया। गांव के 10 से 15 किसान सोमवार को कलक्ट्रेट पहुंचे। डीएम को संबोधित ज्ञापन देकर कहा कि इससे उनका गांव तबाह हो सकता है।
किसानों ने कहा है कि जौराहा नाले पर पट्टा होने के बाद बड़े पैमाने पर रेत का खनन हो रहा है। इससे किसानों की भूमि कटने का खतरा है। घरों तक भी कटान पहुंच सकता है। पास में गुरुद्वारा भी है। किसानों ने बताया कि नाले का आकार बहुत छोटा है। अगर इसी प्रकार खनन होता रहा, तो ग्राम पंचायत की जमीनें, घर, गुरुद्वारा धार्मिक स्थल वह सब कटकर नाले में बह जाएंगे।
ग्राम पंचायत मांझा पूरी तरह से तबाह हो सकता है। जबकि ग्राम पंचायत राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र दुधवा टाइगर रिजर्व जाने में आता, जो सटा हुआ है। जबकि राष्ट्रीय उद्यानों और वन्य जीव अभ्यारणों से एक किलो मीटर दायरे में खनन पर रोक है, फिर भी यह पट्टा कर दिया गया। किसान लाभ सिंह, मुन्ना, मेंहदी, भजन सिंह, रंजीत सिंह आदि किसानों ने इस पट्टे को निरस्त करने की मांग की।
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किसानों ने कहा है कि जौराहा नाले पर पट्टा होने के बाद बड़े पैमाने पर रेत का खनन हो रहा है। इससे किसानों की भूमि कटने का खतरा है। घरों तक भी कटान पहुंच सकता है। पास में गुरुद्वारा भी है। किसानों ने बताया कि नाले का आकार बहुत छोटा है। अगर इसी प्रकार खनन होता रहा, तो ग्राम पंचायत की जमीनें, घर, गुरुद्वारा धार्मिक स्थल वह सब कटकर नाले में बह जाएंगे।
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ग्राम पंचायत मांझा पूरी तरह से तबाह हो सकता है। जबकि ग्राम पंचायत राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र दुधवा टाइगर रिजर्व जाने में आता, जो सटा हुआ है। जबकि राष्ट्रीय उद्यानों और वन्य जीव अभ्यारणों से एक किलो मीटर दायरे में खनन पर रोक है, फिर भी यह पट्टा कर दिया गया। किसान लाभ सिंह, मुन्ना, मेंहदी, भजन सिंह, रंजीत सिंह आदि किसानों ने इस पट्टे को निरस्त करने की मांग की।
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