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भूमि अधिग्रहण का विरोध: 'जरूरत पड़ी तो जान दे देंगे, जमीन नहीं देंगे', दो गांवों के किसानों ने किया एलान

Wed, 14 Aug 2024 05:15 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Published by: मुकेश कुमार Updated Wed, 14 Aug 2024 05:15 PM IST
सार

लखीमपुर खीरी में भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे किसानों ने राजापुर भूमिधर किसान संगठन बनाया है। संगठन के पदाधिकारियों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। कहा है कि वे किसी भी हालत में आवास विकास परिषद को जमीन नहीं देंगे। 

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Farmers announce that if needed, they will give their lives but will not give their land
प्रदर्शन के दौरान की तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लखीमपुर खीरी में भूमि अधिग्रहण के विरोध में राजापुर और पिपरिया गांव के किसानों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। किसानों का कहना है कि जरूरत पड़ी तो जान भी दे देंगे, मगर जमीन हरगिज नहीं देंगे। आंदोलन को धार देने के लिए किसानों ने राजापुर भूमिधर किसान संगठन भी बनाया है।

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संगठन के पदाधिकारियों ने बृहस्पतिवार को प्रेसवार्ता की। इसमें संगठन के जिलाध्यक्ष गौरव सेठ ने बताया कि साल 2010 से राजापुर के किसान आवास विकास परिषद की एलआरपी मार्ग योजना में भूमि अधिग्रहण के विरोध में संघर्ष कर रहे हैं। परिषद किसानों को बर्बाद करने में लगा है। राजापुर गांव में पांच बार अधिग्रहण होने के बाद 70 प्रतिशत किसान भूमिहीन हो चुके हैं। छठी बार भी आवास विकास के अधिकारी भूमि अधिग्रहण कर प्रापर्टी डीलरों को फायदा पहुंचाने की जुगत में है।
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आर-पार की लड़ाई लड़ने का एलान 
आवास विकास जमीन का मुआवजा महज 17.91 रुपये प्रति वर्ग फीट के हिसाब से दे रहा है। इसमें नहर की भी जगह नहीं मिलेगी। कई बार अधिकारियों को आपत्तियां देने के बावजूद उन पर ध्यान नहीं दिया गया। इस बार संगठन किसानों के हित को देखते हुए आर-पार की लड़ाई लड़ेगा। उन्होंने कहा कि आवास विकास को जमीन तो नहीं देंगे, जमीन बचाने के लिए जरूरत पड़ी तो जान दे देंगे। 
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संगठन के उपाध्यक्ष सुबोध यादव ने कहा कि 2014 में बसपा सरकार के समय भूमि अधिग्रहण करने की नोटिफिकेशन आई थी। इसके बाद लड़ाई लड़ी जा रही है। सरकार बदलने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। आने वाले 10 से 15 दिनों में अगर कोई हल नहीं निकलता है तो विशाल धरना और आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर राहुल वर्मा, राजीव वर्मा, अशोक वर्मा, रमाकांत वर्मा, दिनेश वर्मा, संदीप वर्मा व कुणाल गुप्ता आदि मौजूद रहे।

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