फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Far from the gaps of GST If not

जीएसटी की खामियां दूर  न हुई तो होगा आंदोलन 

Thu, 18 May 2017 11:32 PM IST
लख्ाीमपुरख्ाीरी
लख्ाीमपुरख्ाीरी Updated Thu, 18 May 2017 11:32 PM IST
विज्ञापन

विज्ञापन

व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष ने ली बैठक
 उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की बैठक में मंडी शुल्क को जीएसटी में शामिल करने, जुर्माने की दरें व्यवहारिक बनाने और आयकर एवं जीएसटी में जेल का प्राविधान समाप्त कराने की मांग केंद्र सरकार से की गई। व्यापारियों ने कहा कि यदि जीएसटी की खामियां दूर न हुई तो आंदोलन होगा।      

चीनी मिल के गेस्ट हाउस में हुई बैठक में व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बनवारीलाल कंछल ने कहा कि जीएसटी में सात से आठ प्रकार के टैक्स शामिल किए गए हैं। जिसमें मंडी समिति को नहीं लिया गया है, जो अजीबो गरीब है। उप्र में मंडी शुल्क ढाई प्रतिशत लागू है जबकि दिल्ली, बिहार, मध्यप्रदेश में लागू नहीं है। इसलिए प्रदेश में मंडी शुल्क, थोक और फुटकर दवा व्यापारियों पर फार्मासिस्ट की अनिवार्यता समाप्त कराने के साथ कपड़ा और सराफा में टैक्स की दर एक प्रतिशत करने की सरकार से मांग की। उन्होंने कहा कि देश में अपराधों पर प्रतिबंध नहीं लगा है। इधर पिछले एक माह में मथुरा और इलाहाबाद में दो-दो, हाथरस में एक सहित कई व्यापारियों की हत्या की गई है। उन्होंने व्यापारियों के परिवार वालों को एक एक करोड़ रुपये मुआवजा दिलाने की मांग की। प्रदेश में संगठन का सदस्यता अभियान पूरा कर लिया गया है, साथ ही निर्णय लिया गया कि नगर पालिका के चुनाव के बाद गुप्त मतदान के जरिए संगठन के चुनाव कराए जाएंगे। इस मौके पर नानकचंद वर्मा, कैलाशचंद गुप्ता, द्वारिका प्रसाद रस्तोगी, पारस प्रसाद मिश्र, शिवगोपाल गुप्ता, राकेश तिवारी, बालकृष्ण गुप्ता, अनीस अहमद खां, गोपालकृष्ण शुक्ल, अतुल अग्रवाल, जितेंद्र गट्टानी, श्रवण माहेश्वरी, पंकज हालन आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed