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Lakhimpur Kheri News: एक माह बाद भी वन विभाग की पकड़ से दूर बाघ
Sun, 10 May 2026 12:59 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 10 May 2026 12:59 AM IST
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ममरी। गांव नंदलालपुर निवासी 23 वर्षीय युवक मनोज कुमार पर हमला कर उसे मौत के घाट उतारने वाला बाघ अब भी वन विभाग की पकड़ से बाहर है। 16 मार्च को खेत पर काम करने गए मनोज पर बाघ ने हमला कर दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। घटना के बाद बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग ने इलाके में दो पिंजरे और आठ कैमरे लगाए थे, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिल सकी है।
दो दिन पूर्व बाघ को कठिना नदी के किनारे झाड़ियों के आसपास घूमते हुए देखा गया। इसके बाद ग्रामीणों में डर बढ़ गया है। लोग खेतों की ओर जाने से घबरा रहे हैं। खेतों की देखभाल प्रभावित होने से खड़ी फसलें भी खराब हो रही हैं। पिंजरों के आसपास पेट्रोलिंग कर रहे वनकर्मियों का कहना है कि बाघ काफी चालाक है और पिंजरों के पास जाने से बच रहा है। रेंजर निर्भय प्रताप शाही ने बताया कि बाघ तेंदुए की तरह लुकाछिपी का खेल खेल रहा है। मृतक मनोज के पिता गजोधर लाल को पांच लाख रुपये की मुआवजा राशि दी जा चुकी है। संवाद
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दो दिन पूर्व बाघ को कठिना नदी के किनारे झाड़ियों के आसपास घूमते हुए देखा गया। इसके बाद ग्रामीणों में डर बढ़ गया है। लोग खेतों की ओर जाने से घबरा रहे हैं। खेतों की देखभाल प्रभावित होने से खड़ी फसलें भी खराब हो रही हैं। पिंजरों के आसपास पेट्रोलिंग कर रहे वनकर्मियों का कहना है कि बाघ काफी चालाक है और पिंजरों के पास जाने से बच रहा है। रेंजर निर्भय प्रताप शाही ने बताया कि बाघ तेंदुए की तरह लुकाछिपी का खेल खेल रहा है। मृतक मनोज के पिता गजोधर लाल को पांच लाख रुपये की मुआवजा राशि दी जा चुकी है। संवाद
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