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Lakhimpur Kheri News: नयापुरवा में तेज हुआ कटान, चार घर नदी में समाए
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नयापुरवा मे शारदानदी मे समाता मकान। संवाद
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बिजुआ। ग्राम पंचायत करसौर का एक और मजरा नयापुरवा नदी में समाने की कगार पर है। शुक्रवार की रात से फिर कटान शुरू हो गया है। चार घर शारदा नदी में समा गए। इसमें हरद्वारी, रामनरेश, फूलमती तथा रामकली के घर शामिल हैं। अन्य ग्रामीण ईंटें और सरिया निकालने के लिए खुद ही मकानों को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
कटान इतनी तेज रफ्तार से हो रहा है कि सभी मकान देखते ही देखते नदी की धारा में विलीन हो रहे हैं। जीवन भर की कमाई पल भर में खत्म हुई जा रही है। कृषि भूमि भी नदी के कटान में कट रही है। पिछले साल इसी ग्राम पंचायत के मजरा चकपुरवा में कटान में समाप्त हो गया है। चकपुरवा के कटान पीड़ित बंधे पर झोंपड़ी बनाकर खानाबदोश की जिंदगी गुजार रहे हैं।
लेखपाल अविनाश मिश्रा व ग्राम पंचायत विकास अधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि शनिवार की शाम तक पूरा गांव खाली हो गया। गांव में सिर्फ 18 घर बचे हैं। अगर ऐसे ही कटान जारी रहा तो दो चार दिन में नयापुरवा का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। सिंचाई विभाग के जेई शिवा वर्मा ने बताया कि नयापुरवा तक वाहन पहुंचना मुश्किल है। रास्ते में एक से डेढ़ मीटर पानी चल रहा है।
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ग्राम प्रधान से कह दिया है कि क्षेत्रीय विधायक से पेड़ों के लिए कह दें तो हम नदी में डलवाकर कटान रोकने का प्रयास करें। लेखपाल अविनाश मिश्रा ने बताया कि अभी तक किसी भी कटान पीड़ित ने बसने के लिए जमीन नहीं मांगी है। सभी पीड़ितों की लिस्ट बनाकर तहसील में दे दी गई है। जल्दी ही सभी लोगों के खातों में मुआवजे की धनराशि आ जाएगी।
बेलहा सिकटिहा में शुरू हुआ कटान रोधी काम
फोटो-58
बिजुआ। कटान प्रभावित गांव बेलहा सिकटिहा में शनिवार को कटानरोधी कार्य शुरू हो गया है। लगभग पांच दिन पहले जब कार्य चालू किया था तो ग्रामीणों तथा बाढ़ खंड के लोगों में विवाद हो गया था। इसमें नायब तहसीलदार गोला सरवेश कुमार यादव तथा बाढ़खंड के जेई कुंदनलाल के लगातार समझाने से ग्रामीण मान गए। युद्धस्तर पर कार्य चालू कर दिया है। बाढ़ खंड के जेई कुंदनलाल ने बताया कि विभाग कटान रोकने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। बंबूक्रेट में ईंट के रोड़े बोरियों में भरकर डाले जा रहे हैं। जिससे धार का रुख मोड़ा जा सके।
कटान इतनी तेज रफ्तार से हो रहा है कि सभी मकान देखते ही देखते नदी की धारा में विलीन हो रहे हैं। जीवन भर की कमाई पल भर में खत्म हुई जा रही है। कृषि भूमि भी नदी के कटान में कट रही है। पिछले साल इसी ग्राम पंचायत के मजरा चकपुरवा में कटान में समाप्त हो गया है। चकपुरवा के कटान पीड़ित बंधे पर झोंपड़ी बनाकर खानाबदोश की जिंदगी गुजार रहे हैं।
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लेखपाल अविनाश मिश्रा व ग्राम पंचायत विकास अधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि शनिवार की शाम तक पूरा गांव खाली हो गया। गांव में सिर्फ 18 घर बचे हैं। अगर ऐसे ही कटान जारी रहा तो दो चार दिन में नयापुरवा का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। सिंचाई विभाग के जेई शिवा वर्मा ने बताया कि नयापुरवा तक वाहन पहुंचना मुश्किल है। रास्ते में एक से डेढ़ मीटर पानी चल रहा है।
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ग्राम प्रधान से कह दिया है कि क्षेत्रीय विधायक से पेड़ों के लिए कह दें तो हम नदी में डलवाकर कटान रोकने का प्रयास करें। लेखपाल अविनाश मिश्रा ने बताया कि अभी तक किसी भी कटान पीड़ित ने बसने के लिए जमीन नहीं मांगी है। सभी पीड़ितों की लिस्ट बनाकर तहसील में दे दी गई है। जल्दी ही सभी लोगों के खातों में मुआवजे की धनराशि आ जाएगी।
बेलहा सिकटिहा में शुरू हुआ कटान रोधी काम
फोटो-58
बिजुआ। कटान प्रभावित गांव बेलहा सिकटिहा में शनिवार को कटानरोधी कार्य शुरू हो गया है। लगभग पांच दिन पहले जब कार्य चालू किया था तो ग्रामीणों तथा बाढ़ खंड के लोगों में विवाद हो गया था। इसमें नायब तहसीलदार गोला सरवेश कुमार यादव तथा बाढ़खंड के जेई कुंदनलाल के लगातार समझाने से ग्रामीण मान गए। युद्धस्तर पर कार्य चालू कर दिया है। बाढ़ खंड के जेई कुंदनलाल ने बताया कि विभाग कटान रोकने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। बंबूक्रेट में ईंट के रोड़े बोरियों में भरकर डाले जा रहे हैं। जिससे धार का रुख मोड़ा जा सके।

नयापुरवा मे शारदानदी मे समाता मकान। संवाद

नयापुरवा मे शारदानदी मे समाता मकान। संवाद