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अच्छी खबरः पर्यावरण संरक्षण के लिए लखीमपुर तहसील को मिला आईएसओ 14001 सर्टिफिकेट
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लखीमपुर खीरी। पर्यावरण संरक्षण की मुहिम को बढ़ावा देने की प्रेरणा से लैस लखीमपुर तहसील को आईएसओ 14001 प्रमाण पत्र मिला है। जिससे यह प्रदेश में प्रमाण पत्र हासिल करने वाली पहली तहसील हो गई है। दो दिवसीय भ्रमण पर आए मंडलायुक्त मुकेश कुमार मेश्राम ने पहले सदर तहसील लखीमपुर का मुआयना किया, जिसमें सब कुछ ठीक मिलने पर उन्होंने आईएसओ 14001 प्रमाण पत्र एसडीएम सदर डॉ अरुण कुमार सिंह को प्रदान किया।
तहसील सभागार में एसडीएम सदर डॉ अरुण कुमार सिंह ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण सेवाएं देने के लिए पहले भी आईएसओ 9001 प्रमाण पत्र हासिल हो चुका है, जिसके बाद इसे पर्यावरण संरक्षण देने वाली तहसील के रूप में दर्जा दिलाने का प्रयास किया गया। जिसमें तालाब खोजो, तालाब बचाओ अभियान पर्यावरण और भूगर्भ जल के संरक्षण में मील का पत्थर साबित हो रहा है। आईएसओ 9001 के लिए तहसील की संपत्ति का नामांकन करके उसका रखरखाव सुनिश्चित करना, राजस्व कर्मी और किसानों के बैठने, पेयजल की उचित व्यवस्था करना, वाहन पार्किंग, राजस्व अभिलेखों के रखरखाव की समुचित व्यवस्था करना लक्ष्य में शामिल था। आईएसओ 14001 में पानी, बिजली और कागज की खपत कम करना लक्ष्य था। ऐसे में तहसील परिवार ने पानी की खपत का लक्ष्य निर्धारित करके पानी के पुनर्चक्रण और वर्षा जल के संचयन प्रणाली को अपनाया है। वहीं बिजली की खपत को कम करने के लिए एलईडी और बीईई स्टार रेटिंग वाले उपकरणों के प्रयोग पर बल दिया है। कागज की बचत के लिए आंकड़ों, दस्तावेजों और पत्रावलियों को डिजिटल किया गया है। ध्वनि और वायु प्रदूषण कम करने के लिए साइलेंट जनरेटर का उपयोग किया जाता है। इस दौरान कार्यक्रम में डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह, सीडीओ अरविंद सिंह, तहसीलदार उमाशंकर त्रिपाठी, नायब तहसीलदार ओपी मिश्रा उपस्थित रहे।
लखीमपुर खीरी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत गठित महिला स्वयं सहायता समूहों की दुग्ध व्यवसाय से जुड़ी महिलाओं को दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ की निष्क्रिय 11 दुग्ध समितियों से जोड़ दिया गया है। उन्हें स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए सीडीओ अरविन्द सिंह द्वारा किए गए प्रयासों की मंडलायुक्त मुकेश मेश्राम ने सराहना की। इन समितियों का शुभारंभ करते हुए मंडलायुक्त ने समूह की महिलाओं को दुग्ध केन, गुणवत्ता जांच के लिए उपकरण बांटे।
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विकास भवन सभागार में ब्लॉक निघासन की पुर्नगठित 11 दुग्ध समितियों की महिला सदस्य उपस्थित हुई। सीडीओ अरविंद सिंह ने बताया कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का अपनी मूल ग्राम पंचायतों से बाहर न जाकर अपने गांव में ही रहकर वर्ष के 365 दिन स्वरोजगार का अवसर मिलेगा। इन्हें बीएमसी का संचालन करने का अवसर दिया जाएगा। मंडलायुक्त मुकेश मेश्राम और डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने सीडीओ के इस अभिनव प्रयास की प्रशंसा की। इस योजना को अन्य ब्लॉकों में भी संचालित करने पर जोर दिया। कार्र्यक्रम का संचालन जिला विकास अधिकारी अरविंद कुमार ने किया। कार्यक्रम में अध्यक्ष दुग्ध संघ लखनऊ मंडल उमेश सिंह तोमर, क्षेत्रीय दुग्धशाला विकास अधिकारी एनके शुक्ल, महाप्रबंधक दुग्ध संघ मृत्युंजय सिंह, पीडी आरके चौधरी, डीसी मनरेगा राजनाथ भगत, उपदुग्धशाला विकास अधिकारी श्याम सुंदर, बीडीओ निघासन आलोक कुमार वर्मा मौजूद रहे।
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तहसील सभागार में एसडीएम सदर डॉ अरुण कुमार सिंह ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण सेवाएं देने के लिए पहले भी आईएसओ 9001 प्रमाण पत्र हासिल हो चुका है, जिसके बाद इसे पर्यावरण संरक्षण देने वाली तहसील के रूप में दर्जा दिलाने का प्रयास किया गया। जिसमें तालाब खोजो, तालाब बचाओ अभियान पर्यावरण और भूगर्भ जल के संरक्षण में मील का पत्थर साबित हो रहा है। आईएसओ 9001 के लिए तहसील की संपत्ति का नामांकन करके उसका रखरखाव सुनिश्चित करना, राजस्व कर्मी और किसानों के बैठने, पेयजल की उचित व्यवस्था करना, वाहन पार्किंग, राजस्व अभिलेखों के रखरखाव की समुचित व्यवस्था करना लक्ष्य में शामिल था। आईएसओ 14001 में पानी, बिजली और कागज की खपत कम करना लक्ष्य था। ऐसे में तहसील परिवार ने पानी की खपत का लक्ष्य निर्धारित करके पानी के पुनर्चक्रण और वर्षा जल के संचयन प्रणाली को अपनाया है। वहीं बिजली की खपत को कम करने के लिए एलईडी और बीईई स्टार रेटिंग वाले उपकरणों के प्रयोग पर बल दिया है। कागज की बचत के लिए आंकड़ों, दस्तावेजों और पत्रावलियों को डिजिटल किया गया है। ध्वनि और वायु प्रदूषण कम करने के लिए साइलेंट जनरेटर का उपयोग किया जाता है। इस दौरान कार्यक्रम में डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह, सीडीओ अरविंद सिंह, तहसीलदार उमाशंकर त्रिपाठी, नायब तहसीलदार ओपी मिश्रा उपस्थित रहे।
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लखीमपुर खीरी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत गठित महिला स्वयं सहायता समूहों की दुग्ध व्यवसाय से जुड़ी महिलाओं को दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ की निष्क्रिय 11 दुग्ध समितियों से जोड़ दिया गया है। उन्हें स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए सीडीओ अरविन्द सिंह द्वारा किए गए प्रयासों की मंडलायुक्त मुकेश मेश्राम ने सराहना की। इन समितियों का शुभारंभ करते हुए मंडलायुक्त ने समूह की महिलाओं को दुग्ध केन, गुणवत्ता जांच के लिए उपकरण बांटे।
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विकास भवन सभागार में ब्लॉक निघासन की पुर्नगठित 11 दुग्ध समितियों की महिला सदस्य उपस्थित हुई। सीडीओ अरविंद सिंह ने बताया कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का अपनी मूल ग्राम पंचायतों से बाहर न जाकर अपने गांव में ही रहकर वर्ष के 365 दिन स्वरोजगार का अवसर मिलेगा। इन्हें बीएमसी का संचालन करने का अवसर दिया जाएगा। मंडलायुक्त मुकेश मेश्राम और डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने सीडीओ के इस अभिनव प्रयास की प्रशंसा की। इस योजना को अन्य ब्लॉकों में भी संचालित करने पर जोर दिया। कार्र्यक्रम का संचालन जिला विकास अधिकारी अरविंद कुमार ने किया। कार्यक्रम में अध्यक्ष दुग्ध संघ लखनऊ मंडल उमेश सिंह तोमर, क्षेत्रीय दुग्धशाला विकास अधिकारी एनके शुक्ल, महाप्रबंधक दुग्ध संघ मृत्युंजय सिंह, पीडी आरके चौधरी, डीसी मनरेगा राजनाथ भगत, उपदुग्धशाला विकास अधिकारी श्याम सुंदर, बीडीओ निघासन आलोक कुमार वर्मा मौजूद रहे।