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अपराध पर काबू के लिए पुलिस करती है टोटका
टीएन अवस्थी लखीमपुर खीरी।
Updated Sun, 01 Jan 2017 10:45 PM IST
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पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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- निरोधात्मक कार्रवाई से करती है जीडी की शुरुआत
- आठ, अट्ठारह, अट्ठाइस में आमद कराने से भी परहेज
यदि आप यह सोचते हैं कि पुलिस टोटकों के चक्कर में नहीं पड़ती तो यह आपकी भूल है। साल के पहले दिन पुलिस कई टोटके सिर्फ इसलिए अजमाती है, कि उसकी नौकरी आसानी से चलती रहे और अपराध पर अंकुश लग सके। यही वजह है कि जीडी की क्रम संख्या एक पर आईपीसी धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करने से पुलिस बचती है और जीडी की शुरुआत निरोधात्मक कार्रवाई से ही करती है। इतना ही नहीं तीन, तेरह और तेइस नंबर पर रवानगी कराने में भी परहेज करते हैं।
नए साल का पहले दिन लोग ऐेसा कोई काम करने से परहेज करते हैं, जिससे उनका साल खराब न हो। इस दिन को शुभ बनाने में पुलिस महकमा भी पीछे नहीं हैं। जीडी की शुरुआत किसी उपलब्धि से हो, इसके लिए पुलिस साल के पहले दिन किसी घटना की रिपोर्ट आईपीसी की धाराओं में दर्ज करने से बचती है। जीडी की शुरुआत इस दिन वह गैंगस्टर, शस्त्र अधिनियम, आबकारी अधिनियम, सीआरपीसी की धारा 110 जैसी निरोधात्मक कार्रवाई, गुंडा एक्ट, एमवी एक्ट आदि दर्ज कर जीडी की अपराध संख्या एक पर दर्ज कर शुरूआत करती है। इसके अलावा पुलिस जीडी लिखने में काली स्याही वाले पेन का इस्तेमाल न करना, विषम क्रम वाली संख्या जैसे तीन, तेरह, तेइस में रवानगी से बचना, आठ, 18 और 28 रपट नंबर पर आमद दर्ज कराने से परहेज आदि कई नुस्खे अजमाती है। भले ही इन टोटकों को अजमाने के पीछे कोई पुख्ता आधार भले न हो, लेकिन अशुभ मानकर पुलिस इसे लंबे समय से अजमा रही है। यही वजह है कि आईपीसी की धारा का जीडी के क्रम संख्या एक पर इस्तेमाल नहीं किया जाता है। जिले के सभी थानों में यह परंपरा निभाई गई।
... ताकि अच्छा बीते पूरा साल
सीओ सिटी निर्मल कुमार बिष्ट ने बताया कि जैसे आम लोग किसी काम की शुरुआत शुभ और शगुन के साथ करते हैं, वैसे ही पुलिस भी करती है। इसलिए रिपोर्ट दर्ज करने से कतराती है।
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ट्रैफिक गोष्ठी कर की नए साल की शुरुआत
डीजीपी ने नए साल की शुरूआत समाज को एक अच्छा संदेश देने के साथ करने के आदेश सभी जिले के पुलिस अधीक्षकों की दिए थे। इसी क्रम में सीओ सिटी निर्मल कुमार बिष्ट ने सदर कोतवाली में रिक्शा, टेंपो और टैक्सी चालकों आदि को बुलाकर एक गोष्ठी की और उन्हें यातायात नियमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जरा सी लापरवाही मेें हुई दुर्घटनाओं से लोगों की जान चली जाती है। पूरे-पूरे परिवार तबाह हो जाते हैं। यदि हम लोग यातायात नियमों का पालन करें तो खुद और दूसरों को भी दुर्घटना से बचाया जा सकता है। इस दौरान सदर कोतवाली के एसएसआई काली प्रसाद गौड़ मौजूद रहे।
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- आठ, अट्ठारह, अट्ठाइस में आमद कराने से भी परहेज
यदि आप यह सोचते हैं कि पुलिस टोटकों के चक्कर में नहीं पड़ती तो यह आपकी भूल है। साल के पहले दिन पुलिस कई टोटके सिर्फ इसलिए अजमाती है, कि उसकी नौकरी आसानी से चलती रहे और अपराध पर अंकुश लग सके। यही वजह है कि जीडी की क्रम संख्या एक पर आईपीसी धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करने से पुलिस बचती है और जीडी की शुरुआत निरोधात्मक कार्रवाई से ही करती है। इतना ही नहीं तीन, तेरह और तेइस नंबर पर रवानगी कराने में भी परहेज करते हैं।
नए साल का पहले दिन लोग ऐेसा कोई काम करने से परहेज करते हैं, जिससे उनका साल खराब न हो। इस दिन को शुभ बनाने में पुलिस महकमा भी पीछे नहीं हैं। जीडी की शुरुआत किसी उपलब्धि से हो, इसके लिए पुलिस साल के पहले दिन किसी घटना की रिपोर्ट आईपीसी की धाराओं में दर्ज करने से बचती है। जीडी की शुरुआत इस दिन वह गैंगस्टर, शस्त्र अधिनियम, आबकारी अधिनियम, सीआरपीसी की धारा 110 जैसी निरोधात्मक कार्रवाई, गुंडा एक्ट, एमवी एक्ट आदि दर्ज कर जीडी की अपराध संख्या एक पर दर्ज कर शुरूआत करती है। इसके अलावा पुलिस जीडी लिखने में काली स्याही वाले पेन का इस्तेमाल न करना, विषम क्रम वाली संख्या जैसे तीन, तेरह, तेइस में रवानगी से बचना, आठ, 18 और 28 रपट नंबर पर आमद दर्ज कराने से परहेज आदि कई नुस्खे अजमाती है। भले ही इन टोटकों को अजमाने के पीछे कोई पुख्ता आधार भले न हो, लेकिन अशुभ मानकर पुलिस इसे लंबे समय से अजमा रही है। यही वजह है कि आईपीसी की धारा का जीडी के क्रम संख्या एक पर इस्तेमाल नहीं किया जाता है। जिले के सभी थानों में यह परंपरा निभाई गई।
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... ताकि अच्छा बीते पूरा साल
सीओ सिटी निर्मल कुमार बिष्ट ने बताया कि जैसे आम लोग किसी काम की शुरुआत शुभ और शगुन के साथ करते हैं, वैसे ही पुलिस भी करती है। इसलिए रिपोर्ट दर्ज करने से कतराती है।
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ट्रैफिक गोष्ठी कर की नए साल की शुरुआत
डीजीपी ने नए साल की शुरूआत समाज को एक अच्छा संदेश देने के साथ करने के आदेश सभी जिले के पुलिस अधीक्षकों की दिए थे। इसी क्रम में सीओ सिटी निर्मल कुमार बिष्ट ने सदर कोतवाली में रिक्शा, टेंपो और टैक्सी चालकों आदि को बुलाकर एक गोष्ठी की और उन्हें यातायात नियमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जरा सी लापरवाही मेें हुई दुर्घटनाओं से लोगों की जान चली जाती है। पूरे-पूरे परिवार तबाह हो जाते हैं। यदि हम लोग यातायात नियमों का पालन करें तो खुद और दूसरों को भी दुर्घटना से बचाया जा सकता है। इस दौरान सदर कोतवाली के एसएसआई काली प्रसाद गौड़ मौजूद रहे।