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हाथियों के कुनबे में शामिल होंगे 12 और हाथी
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Wed, 30 Aug 2017 11:09 PM IST
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elephant
- फोटो : google
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हाथियों की जांच को विशेषज्ञों का दल कर्नाटक रवाना
अगले महीने कर्नाटक से दुधवा आ सकते हैं हाथी
दुधवा नेशनल पार्क के जंगल की पेट्रोलिंग और सैलानियों को सैर कराने के लिए पालतू हाथियों के बेड़े में जल्दी ही 12 और हाथी शामिल होंगे। यह हाथी कर्नाटक से मंगाए जा रहे हैं। कर्नाटक से दुधवा को हाथी हस्तांतरित करने की औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। यह हाथी दुधवा नेशनल पार्क में आने के बाद दुधवा के हाथी परिवार के सदस्यों की संख्या बढ़कर 24 हो जाएगी। इससे सैलानियों को भी सुविधा होगी।
दुधवा नेशनल पार्क में सैलानियों को सैर कराने के लिए मौजूदा समय में कुल 12 प्रशिक्षित हाथी हैं। इन्हीं से दुधवा के जंगल की पेट्रोलिंग भी की जाती है। दुधवा टाइगर रिजर्व के अलावा अन्य वन क्षेत्रों से बाघों के बाहर आने से इंसानों या बाघ के संकट में आने की स्थिति से निबटने के लिए दुधवा से ही प्रशिक्षित हाथियों को भेजा जाता है। दुधवा में सैलानियों की संख्या बढ़ने पर भी सैर कराने के लिए हाथियों की कमी हो जाती है। दुधवा नेशनल पार्क में हाथियों की जरूरत को देखते हुए दुधवा नेशनल पार्क प्रशासन ने कर्नाटक से 12 हाथी मंगाने का फैसला किया है। हाथियों के हस्तातंरण के संबंध में दोनों राज्यों में शासन स्तर पर सहमति हो चुकी है। दुधवा आने वाले हाथी चिह्नित भी किए जा चुके हैं। अब केवल इन हाथियों को दुधवा लाया जाना शेष है।
दुधवा नेशनल पार्क से हाथियों के हस्तांतरण के लिए एक टीम कर्नाटक रवाना हो चुकी है। इस टीम में हाथी विशेषज्ञों के अलावा पशु चिकित्सक और महावत भी शामिल हैं। पशु चिकित्सकों का दल हाथियों की सेहत की जांच कर यह पता लगाएंगे कि वे हाथी कर्नाटक से दुधवा तक का लंबा सफर तय करने लायक हैं भी कि नहीं। महावत और विशेषज्ञ हाथियों की अन्य बिंदुओं पर जांच कर अपनी रिपोर्ट देंगे। इसके बाद हाथियों को वाहनों के जरिए दुधवा लाया जाएगा। यदि सब कुछ ठीक रहा तो हाथियों का यह दल सितंबर माह में दुधवा के अपने नए घर में शिफ्ट हो जाएगा। कर्नाटक से दुधवा आने वाले हाथियों के यहां रखने के लिए आवास आदि की व्यवस्था कर ली गई है।
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अगले महीने कर्नाटक से दुधवा आ सकते हैं हाथी
दुधवा नेशनल पार्क के जंगल की पेट्रोलिंग और सैलानियों को सैर कराने के लिए पालतू हाथियों के बेड़े में जल्दी ही 12 और हाथी शामिल होंगे। यह हाथी कर्नाटक से मंगाए जा रहे हैं। कर्नाटक से दुधवा को हाथी हस्तांतरित करने की औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। यह हाथी दुधवा नेशनल पार्क में आने के बाद दुधवा के हाथी परिवार के सदस्यों की संख्या बढ़कर 24 हो जाएगी। इससे सैलानियों को भी सुविधा होगी।
दुधवा नेशनल पार्क में सैलानियों को सैर कराने के लिए मौजूदा समय में कुल 12 प्रशिक्षित हाथी हैं। इन्हीं से दुधवा के जंगल की पेट्रोलिंग भी की जाती है। दुधवा टाइगर रिजर्व के अलावा अन्य वन क्षेत्रों से बाघों के बाहर आने से इंसानों या बाघ के संकट में आने की स्थिति से निबटने के लिए दुधवा से ही प्रशिक्षित हाथियों को भेजा जाता है। दुधवा में सैलानियों की संख्या बढ़ने पर भी सैर कराने के लिए हाथियों की कमी हो जाती है। दुधवा नेशनल पार्क में हाथियों की जरूरत को देखते हुए दुधवा नेशनल पार्क प्रशासन ने कर्नाटक से 12 हाथी मंगाने का फैसला किया है। हाथियों के हस्तातंरण के संबंध में दोनों राज्यों में शासन स्तर पर सहमति हो चुकी है। दुधवा आने वाले हाथी चिह्नित भी किए जा चुके हैं। अब केवल इन हाथियों को दुधवा लाया जाना शेष है।
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दुधवा नेशनल पार्क से हाथियों के हस्तांतरण के लिए एक टीम कर्नाटक रवाना हो चुकी है। इस टीम में हाथी विशेषज्ञों के अलावा पशु चिकित्सक और महावत भी शामिल हैं। पशु चिकित्सकों का दल हाथियों की सेहत की जांच कर यह पता लगाएंगे कि वे हाथी कर्नाटक से दुधवा तक का लंबा सफर तय करने लायक हैं भी कि नहीं। महावत और विशेषज्ञ हाथियों की अन्य बिंदुओं पर जांच कर अपनी रिपोर्ट देंगे। इसके बाद हाथियों को वाहनों के जरिए दुधवा लाया जाएगा। यदि सब कुछ ठीक रहा तो हाथियों का यह दल सितंबर माह में दुधवा के अपने नए घर में शिफ्ट हो जाएगा। कर्नाटक से दुधवा आने वाले हाथियों के यहां रखने के लिए आवास आदि की व्यवस्था कर ली गई है।
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