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हाथियों ने अब ऊंचाखेड़ा गांव में फसलें उजाड़ीं
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हाथियों द्वारा रौंदी फसल दिखाते किसान।
शोर मचाकर और आग जलाकर किसानों ने खदेड़ा
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बांकेगंज। किशनपुर सेंक्चुरी में मड़हा जंगल में डेरा डाले नेपाली हाथी रविवार की शाम को दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के मैलानी रेंज की महुरेना बीट में पहुंचे। यहां हाथियों ने जंगल से सटे ऊंचाखेड़ा गांव के खेतों में जमकर उत्पात मचाया।
रात करीब नौ बजे से लेकर सोमवार सुबह तक इन हाथियों ने किसान रामकिशुन, इतवारी, शिवजी, भूपेंद्र, चुन्ना आदि की साढ़े चार बीघा धान और गन्ने की फसल रौंद डाली। बाद में हाथी महुरेना बीट के जंगल में कुछ समय रुकने के बाद सुबह आठ बजे के करीब फिर किशनपुर सेंक्चुरी के मड़हा जंगल में आ गए। हाथियों के पैरों तले पककर तैयार खड़ी रौंदी जा रहीं फसलों को लेकर नाराज किसानों का कहना है दिन में हाथी जंगल में रुककर आराम करते हैं और शाम ढलते ही वे वहां से निकलकर खेतों में पहुंचकर उनकी फसलों को रौंद रहे हैं। हाथियों से फसलों की बर्बादी रोकने के लिए किसान पूरी रात जागकर रखवाली कर रहे हैं।
उधर, दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि हाथियों ने ऊंचाखेड़ा गांव के किसानों की धान, गन्ना फसल को नुकसान पहुंचाया है। वन विभाग की ओर से पीड़ित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
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मोहम्मदी रेंज की सहजनिया, देवीपुर, महेशपुर बीट के जंगल में पांच दिन डेरा जमाए रखने वाले जंगली हाथियों ने गंगापुर, सुंदरपुर, मौठी खेड़ा, शिवपुरी, मुल्लापुर, रोशन नगर, बाबरपुर, नरसिंहपुर, रायपुर, बिहारीपुर, फार्म निवासी कई किसानों के खेतों में खड़ी सैकड़ों बीघे गन्ना और धान की फसल रौंद कर बर्बाद कर डाली थी। किसानों का कहना है कि बर्बाद हुई फसलों का अभी सर्वे भी शुरू नहीं हो पाया है। हाथियों का झुंड फिर वापस भरिगवां जंगल में आ पहुंचा है। हाथी फिर मोहम्मदी रेंज के जंगल में प्रवेश ना करने पाएं। इसके लिए ग्रामीणों को पटाखे उपलब्ध कराए गए हैं। संवाद
रात करीब नौ बजे से लेकर सोमवार सुबह तक इन हाथियों ने किसान रामकिशुन, इतवारी, शिवजी, भूपेंद्र, चुन्ना आदि की साढ़े चार बीघा धान और गन्ने की फसल रौंद डाली। बाद में हाथी महुरेना बीट के जंगल में कुछ समय रुकने के बाद सुबह आठ बजे के करीब फिर किशनपुर सेंक्चुरी के मड़हा जंगल में आ गए। हाथियों के पैरों तले पककर तैयार खड़ी रौंदी जा रहीं फसलों को लेकर नाराज किसानों का कहना है दिन में हाथी जंगल में रुककर आराम करते हैं और शाम ढलते ही वे वहां से निकलकर खेतों में पहुंचकर उनकी फसलों को रौंद रहे हैं। हाथियों से फसलों की बर्बादी रोकने के लिए किसान पूरी रात जागकर रखवाली कर रहे हैं।
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उधर, दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि हाथियों ने ऊंचाखेड़ा गांव के किसानों की धान, गन्ना फसल को नुकसान पहुंचाया है। वन विभाग की ओर से पीड़ित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
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मोहम्मदी रेंज के जंगल में पहुंचा हाथियों का झुंड
ममरी। नेपाली हाथियों का झुंड फिर मोहम्मदी रेंज की सीमा से सटे मैलानी रेंज के भरिगवां जंगल में आने से वनकर्मियों और किसानों में अफरातफरी मच गई है।मोहम्मदी रेंज की सहजनिया, देवीपुर, महेशपुर बीट के जंगल में पांच दिन डेरा जमाए रखने वाले जंगली हाथियों ने गंगापुर, सुंदरपुर, मौठी खेड़ा, शिवपुरी, मुल्लापुर, रोशन नगर, बाबरपुर, नरसिंहपुर, रायपुर, बिहारीपुर, फार्म निवासी कई किसानों के खेतों में खड़ी सैकड़ों बीघे गन्ना और धान की फसल रौंद कर बर्बाद कर डाली थी। किसानों का कहना है कि बर्बाद हुई फसलों का अभी सर्वे भी शुरू नहीं हो पाया है। हाथियों का झुंड फिर वापस भरिगवां जंगल में आ पहुंचा है। हाथी फिर मोहम्मदी रेंज के जंगल में प्रवेश ना करने पाएं। इसके लिए ग्रामीणों को पटाखे उपलब्ध कराए गए हैं। संवाद