{"_id":"60ff04438ebc3ef75b30e868","slug":"elephants-from-jatpura-turned-towards-kishanpur-sanctuary-lakhimpur-news-bly45432004","type":"story","status":"publish","title_hn":"जटपुरा से हाथियों ने किशनपुर सेंक्चुरी की ओर किया रुख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जटपुरा से हाथियों ने किशनपुर सेंक्चुरी की ओर किया रुख
विज्ञापन
बांकेगंज। नेपाल से निकलकर हरीपुर जंगल और किशनपुर सेंक्चुरी होते हुए मैलानी रेंज की जटपुरा बीट पहुंचे हाथियों ने सोमवार को अपना ठिकाना बदल दिया। अब हाथियों ने किशनपुर सेंक्चुरी की ओर कूच किया है। इससे पहले रविवार रात हाथियों का झुंड सहजनिया बीट के जंगल से निकलकर गोला-खुटार-हाईवे होता हुआ सोमवार की सुबह मैलानी रेंज की महुरेना बीट में भी कुछ देर रुका था।
पिछले कई दिनों से नेपाल से आए 10-12 जंगली हाथियों का झुंड दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की जटपुरा बीट में डेरा डाले हुए है। शनिवार रात इन हाथियों ने मोहम्मदी रेंज की सहजनिया बीट में जाकर उत्पात मचाया और महुरेना में अपना नया ठिकाना बनाया था। निगरानी टीमों के मुताबिक, इन जंगली हाथियों ने मोहम्मदी रेंज की सहजनिया बीट में उत्पात मचाने के बाद सोमवार की सुबह गोला-खुटार हाईवे पार कर महुरेना जंगल होते हुए किशनपुर सेंक्चुरी की ओर रुख किया है।
हाथियों के किशनपुर सेंक्चुरी की ओर बढ़ने से अनुमान लगाया जा रहा है कि यह हाथी धीरे-धीरे नेपाल वापसी की ओर बढ़ रहे हैं। माना जा रहा है कि हाथी जिस रास्ते से आए थे उसी रास्ते से वापस जा सकते हैं। फिलहाल जटपुरा बीट जंगल के आसपास सोहनरा भूड़, पहाड़नगर, सलेमपुर, बूधरपुर, ग्रंट नंबर तीन, पूरनपुर, हरदुआ, जटपुरा आदि गांवों में बसे किसानों का डर अभी खत्म नहीं हुआ है। क्षेत्रीय किसानों का कहना है कि कई बार हाथी ठिकाना बदल-बदल कर खेतों पर हमला करते हैं।
विज्ञापन
नेपाल से आए जंगली हाथियों के सोमवार सवेरे मैलानी रेंज की महुरेना बीट के जंगल में पहुंचने की सूचना मिली है। निगरानी कर रहीं टीमों के अनुसार अब ये हाथी किशनपुर सेंक्चुरी की ओर रवाना हुए हैं।
- डॉ. अनिल कुमार पटेल, उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व, बफरजोन
गुर्जरपुर गांव में नेपाली हाथियों ने झोंपड़ी उजाड़ी, पंपिंग सेट तोड़ा
ममरी। रविवार की रात सहजनिया बीट के जंगल से सटे गुर्जरपुर गांव के समीप जा पहुंचे नेपाली हाथियों ने देवलरिया गांव निवासी राधेश्याम नंदराम का पंपिंग सेट तोड़ डाला और खेत में पड़ी झोंपड़ी उजाड़ दी। इसके अलावा हाथियों ने दो बीघा गन्ना और दो बीघा धान की फसल को बर्बाद कर दिया।
गुर्जरपुर की प्रेमा देवी, इटोवा की निर्मला देवी, प्रदीप कुमार, सर्वेश, श्रीपाल, मंगली, देवलरिया की माधुरी देवी, मस्तीपुर के अवतार सिंह के खेतों में खड़ी गन्ने की फसलों को रौंदकर काफी क्षति पहुंचाई। रेंजर मोबीन आरिफ, फॉरेस्टर जगदीश वर्मा ने बताया कि ग्रामीणों और वन कर्मियों के आग जलाने, पटाखे छोड़ने व शोर मचाने पर हाथी चिंघाड़ते हुए जंगल में घुसकर खुटार रोड पार करने के बाद महुरैना के जंगल में चले गए हैं। संवाद
विज्ञापन
पिछले कई दिनों से नेपाल से आए 10-12 जंगली हाथियों का झुंड दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की जटपुरा बीट में डेरा डाले हुए है। शनिवार रात इन हाथियों ने मोहम्मदी रेंज की सहजनिया बीट में जाकर उत्पात मचाया और महुरेना में अपना नया ठिकाना बनाया था। निगरानी टीमों के मुताबिक, इन जंगली हाथियों ने मोहम्मदी रेंज की सहजनिया बीट में उत्पात मचाने के बाद सोमवार की सुबह गोला-खुटार हाईवे पार कर महुरेना जंगल होते हुए किशनपुर सेंक्चुरी की ओर रुख किया है।
विज्ञापन
हाथियों के किशनपुर सेंक्चुरी की ओर बढ़ने से अनुमान लगाया जा रहा है कि यह हाथी धीरे-धीरे नेपाल वापसी की ओर बढ़ रहे हैं। माना जा रहा है कि हाथी जिस रास्ते से आए थे उसी रास्ते से वापस जा सकते हैं। फिलहाल जटपुरा बीट जंगल के आसपास सोहनरा भूड़, पहाड़नगर, सलेमपुर, बूधरपुर, ग्रंट नंबर तीन, पूरनपुर, हरदुआ, जटपुरा आदि गांवों में बसे किसानों का डर अभी खत्म नहीं हुआ है। क्षेत्रीय किसानों का कहना है कि कई बार हाथी ठिकाना बदल-बदल कर खेतों पर हमला करते हैं।
विज्ञापन
नेपाल से आए जंगली हाथियों के सोमवार सवेरे मैलानी रेंज की महुरेना बीट के जंगल में पहुंचने की सूचना मिली है। निगरानी कर रहीं टीमों के अनुसार अब ये हाथी किशनपुर सेंक्चुरी की ओर रवाना हुए हैं।
- डॉ. अनिल कुमार पटेल, उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व, बफरजोन
गुर्जरपुर गांव में नेपाली हाथियों ने झोंपड़ी उजाड़ी, पंपिंग सेट तोड़ा
ममरी। रविवार की रात सहजनिया बीट के जंगल से सटे गुर्जरपुर गांव के समीप जा पहुंचे नेपाली हाथियों ने देवलरिया गांव निवासी राधेश्याम नंदराम का पंपिंग सेट तोड़ डाला और खेत में पड़ी झोंपड़ी उजाड़ दी। इसके अलावा हाथियों ने दो बीघा गन्ना और दो बीघा धान की फसल को बर्बाद कर दिया।
गुर्जरपुर की प्रेमा देवी, इटोवा की निर्मला देवी, प्रदीप कुमार, सर्वेश, श्रीपाल, मंगली, देवलरिया की माधुरी देवी, मस्तीपुर के अवतार सिंह के खेतों में खड़ी गन्ने की फसलों को रौंदकर काफी क्षति पहुंचाई। रेंजर मोबीन आरिफ, फॉरेस्टर जगदीश वर्मा ने बताया कि ग्रामीणों और वन कर्मियों के आग जलाने, पटाखे छोड़ने व शोर मचाने पर हाथी चिंघाड़ते हुए जंगल में घुसकर खुटार रोड पार करने के बाद महुरैना के जंगल में चले गए हैं। संवाद