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बांस-बल्लियों के सहारे आधे शहर की बिजली व्यवस्था
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काफी नीचे तक लटक रहे हैं बिजली के तार और केबल, इनमें उलझकर चोट खा रहे लोग
बारिश के इस मौसम में ऐसी व्यवस्था से हादसों का खतरा और भी बढ़ा
लखीमपुर खीरी। लखीमपुर में आधे शहर की बिजली आपूर्ति की व्यवस्था बांस-बल्लियों पर टिकी हुई है। खासकर शहर के चारों तरफ तेजी से विकसित हो रही नई कॉलोनियों में बांस बल्लियों के सहारे लटकते केबल और तारों को देखा जा सकता है। कहीं-कहीं तो तार इतना नीचे तक लटके हुए हैं कि बाइक से गुजरने वाले लोग इनमें उलझकर गिर जाते हैं। बारिश के इस मौसम में ऐसी व्यवस्था से हादसों का खतरा और भी बढ़ गया है।
लखीमपुर शहर का तेजी से विस्तार हो रहा है। आसपास के खेतों में प्लाटिंग कर दी गई है, जिनमें नई कॉलोनियां बसती जा रही हैं। इन बस्तियों में मानक की अनदेखी कर बिजली कनेक्शन दिए गए हैं। जिन घरों से बिजली पोल दूर हैं, उन घरों को बिजली कनेक्शन देने के लिए बीच-बीच में बांस-बल्ली लगाकर तार पहुंचाए गए हैं। लंबे समय से लगी लगे ये बांस-बल्ली आंधी-बारिश में काफी झुक गए हैं, जिससे तार काफी नीचे तक लटक गए हैं। कई जगह यह तार रास्ते को क्रॉस कर रहे हैं। नीचे तक लटकते तारों के कारण बड़े वाहन निकल पाना मुश्किल है। कई बाइक सवार इन लटकते तारों के कारण चोट खा चुके हैं।
शहर के इन बाहरी इलाकों का हाल बेहद खराब
शहर के बाहरी इलाके में सलेमपुर कोन, शमशेरनगर, प्यारेपुर, बेगमबाग, मोहब्बतनगर, रामनगर कॉलोनी, शरबती देवी कॉलोनी, निघासन रोड, ऐरा रोड, बेहजम रोड और गोला रोड के किनारे बसे नए मोहल्लों का कुछ यही हाल है। यहां लोग घरों में कनेक्शन के लिए खंभे से घर तक बांस-बल्लियों के सहारे बिजली के तार या केबल पहुंचा रहे हैं
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हमेशा हादसे का डर
इन दिनों बारिश का मौसम चल रहा है। कई मोहल्लों में जलभराव होने से बांस-बल्लियां नीचे से गल रही हैं। ऐसे में कभी भी इन बांस-बल्लियों के गिरने से बड़ा हादसा हो सकता है। केबल के कटने से बांस-बल्लियों और फिर उनके सहारे पानी में करंट उतरने का खतरा बढ़ जाता है। बावजूद इसके पावर कॉरपोरेशन के अधिकारी व्यवस्था सुधारने की दिशा में कोई कदम नहीं उठा रहे हैं।
...तो इस वजह से पैदा हुए यह हालात
बिजली विभाग की दलील है कि पोल से 40 मीटर की दूरी तक ही विभाग कनेक्शन देता है। इसके अधिक दूरी के कनेक्शन देने के लिए बिजली विभाग स्टीमेट बनाकर पोल लगाने और वहां तक तार बिछाने का खर्च उपभोक्ता से वसूलता है। इसमें काफी खर्च आने के कारण उपभोक्ता बिजली अधिकारियों पर राजनीतिक या अन्य तरह का दबाव बनाकर कनेक्शन ले लेता है। पोल से ज्यादा दूरी होने के कारण बीच में बांस या बल्ली लगानी पड़ती है। मौसम की मार से यह बांस-बल्लियां कभी बीच से टूट जाती हैं कभी नीचे झुक जाती हैं। इससे तार नीचे लटक जाते हैं और हादसा होने का डर रहता है।
यह सच है कि शहर के बाहरी हिस्सों में पोल से दूर-दूर कनेक्शन देने के लिए बांस बल्लियां लगाई गई हैं, जो गलत है। अब जो नए कनेक्शन हो रहे है, उनमें मानकों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। शहर के बाहरी हिस्सों में प्लाटिंग करने वाले लोगों को चाहिए कि वह प्लाटिंग करते समय मानक के अनुसार विद्युतीकरण की व्यवस्था करें।
- अनुराग शर्मा, एसडीओ सिटी लखीमपुर
तेज बारिश में गिरा खंभा बाल-बाल बचे ग्रामीण
पलियाकलां। इलाके के रिक्खीपुरवा गांव में बीती रात हुई तेज बारिश में एक खंभा गिर गया। खंभा एक ग्रामीण के घर के पास ही गिरा था। गनीमत रही कि बारिश के दौरान कोई रोड पर नहीं था वरना गंभीर हादसा हो सकता था। खंभा गिरने से पूरी रात गांव में बिजली सप्लाई बाधित रही।
ग्रामीणों ने बताया कि सीमेंटेड बिजली के खंभे गांव में लगे हुए हैं, कोई सहारा न होने के कारण कच्ची जमीन में खंभे लगे होने के कारण तेज बारिश में अक्सर खंभे गिर जाते हैं। संवाद
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बारिश के इस मौसम में ऐसी व्यवस्था से हादसों का खतरा और भी बढ़ा
लखीमपुर खीरी। लखीमपुर में आधे शहर की बिजली आपूर्ति की व्यवस्था बांस-बल्लियों पर टिकी हुई है। खासकर शहर के चारों तरफ तेजी से विकसित हो रही नई कॉलोनियों में बांस बल्लियों के सहारे लटकते केबल और तारों को देखा जा सकता है। कहीं-कहीं तो तार इतना नीचे तक लटके हुए हैं कि बाइक से गुजरने वाले लोग इनमें उलझकर गिर जाते हैं। बारिश के इस मौसम में ऐसी व्यवस्था से हादसों का खतरा और भी बढ़ गया है।
लखीमपुर शहर का तेजी से विस्तार हो रहा है। आसपास के खेतों में प्लाटिंग कर दी गई है, जिनमें नई कॉलोनियां बसती जा रही हैं। इन बस्तियों में मानक की अनदेखी कर बिजली कनेक्शन दिए गए हैं। जिन घरों से बिजली पोल दूर हैं, उन घरों को बिजली कनेक्शन देने के लिए बीच-बीच में बांस-बल्ली लगाकर तार पहुंचाए गए हैं। लंबे समय से लगी लगे ये बांस-बल्ली आंधी-बारिश में काफी झुक गए हैं, जिससे तार काफी नीचे तक लटक गए हैं। कई जगह यह तार रास्ते को क्रॉस कर रहे हैं। नीचे तक लटकते तारों के कारण बड़े वाहन निकल पाना मुश्किल है। कई बाइक सवार इन लटकते तारों के कारण चोट खा चुके हैं।
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शहर के इन बाहरी इलाकों का हाल बेहद खराब
शहर के बाहरी इलाके में सलेमपुर कोन, शमशेरनगर, प्यारेपुर, बेगमबाग, मोहब्बतनगर, रामनगर कॉलोनी, शरबती देवी कॉलोनी, निघासन रोड, ऐरा रोड, बेहजम रोड और गोला रोड के किनारे बसे नए मोहल्लों का कुछ यही हाल है। यहां लोग घरों में कनेक्शन के लिए खंभे से घर तक बांस-बल्लियों के सहारे बिजली के तार या केबल पहुंचा रहे हैं
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हमेशा हादसे का डर
इन दिनों बारिश का मौसम चल रहा है। कई मोहल्लों में जलभराव होने से बांस-बल्लियां नीचे से गल रही हैं। ऐसे में कभी भी इन बांस-बल्लियों के गिरने से बड़ा हादसा हो सकता है। केबल के कटने से बांस-बल्लियों और फिर उनके सहारे पानी में करंट उतरने का खतरा बढ़ जाता है। बावजूद इसके पावर कॉरपोरेशन के अधिकारी व्यवस्था सुधारने की दिशा में कोई कदम नहीं उठा रहे हैं।
...तो इस वजह से पैदा हुए यह हालात
बिजली विभाग की दलील है कि पोल से 40 मीटर की दूरी तक ही विभाग कनेक्शन देता है। इसके अधिक दूरी के कनेक्शन देने के लिए बिजली विभाग स्टीमेट बनाकर पोल लगाने और वहां तक तार बिछाने का खर्च उपभोक्ता से वसूलता है। इसमें काफी खर्च आने के कारण उपभोक्ता बिजली अधिकारियों पर राजनीतिक या अन्य तरह का दबाव बनाकर कनेक्शन ले लेता है। पोल से ज्यादा दूरी होने के कारण बीच में बांस या बल्ली लगानी पड़ती है। मौसम की मार से यह बांस-बल्लियां कभी बीच से टूट जाती हैं कभी नीचे झुक जाती हैं। इससे तार नीचे लटक जाते हैं और हादसा होने का डर रहता है।
यह सच है कि शहर के बाहरी हिस्सों में पोल से दूर-दूर कनेक्शन देने के लिए बांस बल्लियां लगाई गई हैं, जो गलत है। अब जो नए कनेक्शन हो रहे है, उनमें मानकों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। शहर के बाहरी हिस्सों में प्लाटिंग करने वाले लोगों को चाहिए कि वह प्लाटिंग करते समय मानक के अनुसार विद्युतीकरण की व्यवस्था करें।
- अनुराग शर्मा, एसडीओ सिटी लखीमपुर
तेज बारिश में गिरा खंभा बाल-बाल बचे ग्रामीण
पलियाकलां। इलाके के रिक्खीपुरवा गांव में बीती रात हुई तेज बारिश में एक खंभा गिर गया। खंभा एक ग्रामीण के घर के पास ही गिरा था। गनीमत रही कि बारिश के दौरान कोई रोड पर नहीं था वरना गंभीर हादसा हो सकता था। खंभा गिरने से पूरी रात गांव में बिजली सप्लाई बाधित रही।
ग्रामीणों ने बताया कि सीमेंटेड बिजली के खंभे गांव में लगे हुए हैं, कोई सहारा न होने के कारण कच्ची जमीन में खंभे लगे होने के कारण तेज बारिश में अक्सर खंभे गिर जाते हैं। संवाद