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सीतापुर-मैलानी के बीच जल्द दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक ट्रेनें
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लखीमपुर खीरी प्लेटफार्म पर पोल लगाने के लिए चल रहा कार्य। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
लखीमपुर खीरी। ऐशबाग सीतापुर के बाद अब मैलानी तक इलेक्ट्रिक ट्रेनें चलेंगी। इसके लिए रेलवे लाइन के विद्युतीकरण का काम भी शुरू हो गया है। सीतापुर-मैलानी के बीच पहले लखीमपुर तक और उसके बाद मैलानी के बीच ट्रेनें दौड़ेंगी। 500 मीटर लंबे रेलवे प्लेटफार्म पर करीब 25 खंभे लगेंगे।
ऐशबाग मैलानी का आमान परिवर्तन कराने के बाद रेलवे ने इस ट्रैक का विद्युतीकरण कराने की शुरुआत कर दी है। पहले चरण में ऐशबाग-सीतापुर के बीच काम पूरा हो चुका है और अब सीतापुर-लखीमपुर के बीच बिजली के खंभे लगाने का काम अंतिम दौर में हैं। कार्यदायी संस्था कल्पतरू पावर ट्रांसमिशन के लोग प्लेटफार्म पर विद्युत पोल लगाने के लिए फाउंडेशन तैयार करवा रहे हैं। बुधवार को फाउंडेेशन तैयार करने से लेकर स्टेशन पर गड्ढे खोदने का काम तेजी से होता रहा। कार्यदायी संस्था के लोगों का कहना है कि अक्तूबर-2020 तक काम पूरा करना है। इलेक्ट्रिक ट्रेनेेें कब चलेंगी, इस संबंध में रेलवे अधिकारी ही बता सकते हैं।
मार्च-21 के बाद दौड़ने की है उम्मीद
कार्यदायी संस्था के लोग बताते हैं मार्च- 2021 के बाद कभी भी इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ सकती हैं, क्योंकि रेलवे लाइन के विद्युतीकरण का काम अक्तूबर तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद रेलवे अधिकारियों और रेल संरक्षा आयुक्त का निरीक्षण होगा, जिसके बाद ट्रेन संचालन शुरू होगा। हालांकि यदि सब कुछ ठीकठाक रहा तो मार्च या फिर इसके एक दो माह बाद ऐशबाग-लखीमपुर के बीच इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ने लगेंगी।
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दूसरी शिफ्ट में होगा मैलानी लखीमपुर का विद्युतीकरण
सीतापुर लखीमपुर के बीच विद्युतीकरण का काम पूरा होने के बाद लखीमपुर मैलानी के बीच काम शुरू होगा। रेलवे के लोगों की यदि माने तो लखीमपुर मैलानी के बीच जनवरी-2021 में काम शुरू हो जाएगा। ट्रेनें वर्ष- 2022 में ही चल पाएंगी, क्योंकि गोला मैलानी के बीच जंगल ज्यादा है। ऐसे में रेल लाइन का विद्युतीकरण करने में भी दिक्कत आएगी।
सीतापुर से लखीमपुर दूरी- 45 किलोमीटर
सीतापुर लखीमपुर के बीच लगे विद्युत पोल- करीब 1200
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ऐशबाग मैलानी का आमान परिवर्तन कराने के बाद रेलवे ने इस ट्रैक का विद्युतीकरण कराने की शुरुआत कर दी है। पहले चरण में ऐशबाग-सीतापुर के बीच काम पूरा हो चुका है और अब सीतापुर-लखीमपुर के बीच बिजली के खंभे लगाने का काम अंतिम दौर में हैं। कार्यदायी संस्था कल्पतरू पावर ट्रांसमिशन के लोग प्लेटफार्म पर विद्युत पोल लगाने के लिए फाउंडेशन तैयार करवा रहे हैं। बुधवार को फाउंडेेशन तैयार करने से लेकर स्टेशन पर गड्ढे खोदने का काम तेजी से होता रहा। कार्यदायी संस्था के लोगों का कहना है कि अक्तूबर-2020 तक काम पूरा करना है। इलेक्ट्रिक ट्रेनेेें कब चलेंगी, इस संबंध में रेलवे अधिकारी ही बता सकते हैं।
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मार्च-21 के बाद दौड़ने की है उम्मीद
कार्यदायी संस्था के लोग बताते हैं मार्च- 2021 के बाद कभी भी इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ सकती हैं, क्योंकि रेलवे लाइन के विद्युतीकरण का काम अक्तूबर तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद रेलवे अधिकारियों और रेल संरक्षा आयुक्त का निरीक्षण होगा, जिसके बाद ट्रेन संचालन शुरू होगा। हालांकि यदि सब कुछ ठीकठाक रहा तो मार्च या फिर इसके एक दो माह बाद ऐशबाग-लखीमपुर के बीच इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ने लगेंगी।
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दूसरी शिफ्ट में होगा मैलानी लखीमपुर का विद्युतीकरण
सीतापुर लखीमपुर के बीच विद्युतीकरण का काम पूरा होने के बाद लखीमपुर मैलानी के बीच काम शुरू होगा। रेलवे के लोगों की यदि माने तो लखीमपुर मैलानी के बीच जनवरी-2021 में काम शुरू हो जाएगा। ट्रेनें वर्ष- 2022 में ही चल पाएंगी, क्योंकि गोला मैलानी के बीच जंगल ज्यादा है। ऐसे में रेल लाइन का विद्युतीकरण करने में भी दिक्कत आएगी।
सीतापुर से लखीमपुर दूरी- 45 किलोमीटर
सीतापुर लखीमपुर के बीच लगे विद्युत पोल- करीब 1200