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लॉकडाउन में डिजिटल पाठ्य सामग्री से पढ़ेंगे बच्चे
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लखीमपुर। जिले में लॉकडाउन के दौरान प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर बेसिक विभाग भी अपने स्कूल के बच्चों को घर पर ही डिजिटल पाठ्य सामग्री मुहैय्या करा रहा है। एसआरजी और एआरपी के द्वारा ब्लॉकवार व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं। इन ग्रुपों में संबंधित स्कूल के एसएमसी सदस्यों, अभिभावकों, पंचो और प्रधानों को जोड़ा गया है।
अप्रैल से नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत हो चुकी है। कोरोना संकट के कारण देश में संपूर्ण लॉकडाउन की स्थित है। ऐसे में परिषदीय विद्यालयों में ताले लटक रहे हैं, जिससे बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही थी। ऐसे हालातों में बच्चों की शिक्षा बाधित न हो। इसके लिए राज्य परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद के निर्देश पर बीएसए बुद्धप्रिय सिंह और जिला समन्वयक प्रशिक्षण वीडी भार्गव के नेतृत्व में बच्चों को घर पर ही पाठय सामग्री मुहैया कराने का बीड़ा उठाया गया है। इसके लिए एसआरजी और एआरपी की मदद से ब्लॉकवार व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं। संबंधित ब्लॉक के एआरपी ने विद्यालयवार वहां के एसएमसी सदस्यों, अभिभावकों, प्रधानों और पंचों को जोड़कर व्हाट्सएप ग्रुप बना रहे हैं। ग्रुपों में वर्तमान में तीन हजार से ज्यादा लोगों को जोड़ा जा चुका है। विषय विशेषज्ञ एआरपी को शैक्षणिक सामग्री जुटाकर इन ग्रुपों में क्रमवार प्रसारित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बच्चों को घर पर ही पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराने की बेसिक विभाग खीरी की इस पहल की प्रदेश के कई ग्रुपों में सराहना की जा रही है।
लॉकडाउन के दौरान बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। कार्यक्रम को सफल बनाने में एसआरजी और एआरपी की भूमिका काफी अहम है। अभियान की सफलता के लिए पूरे प्रदेश में लखीमपुर की सराहना हो रही है।
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वीडी भार्गव, जिला समन्वयक प्रशिक्षण
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अप्रैल से नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत हो चुकी है। कोरोना संकट के कारण देश में संपूर्ण लॉकडाउन की स्थित है। ऐसे में परिषदीय विद्यालयों में ताले लटक रहे हैं, जिससे बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही थी। ऐसे हालातों में बच्चों की शिक्षा बाधित न हो। इसके लिए राज्य परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद के निर्देश पर बीएसए बुद्धप्रिय सिंह और जिला समन्वयक प्रशिक्षण वीडी भार्गव के नेतृत्व में बच्चों को घर पर ही पाठय सामग्री मुहैया कराने का बीड़ा उठाया गया है। इसके लिए एसआरजी और एआरपी की मदद से ब्लॉकवार व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं। संबंधित ब्लॉक के एआरपी ने विद्यालयवार वहां के एसएमसी सदस्यों, अभिभावकों, प्रधानों और पंचों को जोड़कर व्हाट्सएप ग्रुप बना रहे हैं। ग्रुपों में वर्तमान में तीन हजार से ज्यादा लोगों को जोड़ा जा चुका है। विषय विशेषज्ञ एआरपी को शैक्षणिक सामग्री जुटाकर इन ग्रुपों में क्रमवार प्रसारित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बच्चों को घर पर ही पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराने की बेसिक विभाग खीरी की इस पहल की प्रदेश के कई ग्रुपों में सराहना की जा रही है।
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लॉकडाउन के दौरान बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। कार्यक्रम को सफल बनाने में एसआरजी और एआरपी की भूमिका काफी अहम है। अभियान की सफलता के लिए पूरे प्रदेश में लखीमपुर की सराहना हो रही है।
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वीडी भार्गव, जिला समन्वयक प्रशिक्षण