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आसान नहीं खाद्य सुरक्षा कानून लागू करने की राह
लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 18 Apr 2015 06:53 PM IST
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खाद्य सुरक्षा कानून लागू करने की राह आसान नहीं है। इस अधिनियम के तहत पात्र गृहस्थियों के चयन का काम अभी पहले चरण में है। जिस गति से यह काम चल रहा है उससे एक साल तक इसके लागू होने की संभावना नहीं दिखती। पात्र गृहस्थियों के चयन में तेजी लाने के लिए अब पूर्ति विभाग शहरी क्षेत्र में पांच-पांच कोटा दुकानों पर एक शिविर लगाने जा रहा है।
खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 को लागू करने के लिए पात्र गृहस्थियों के चयन के लिए पिछले चार महीने से कवायद चल रही है। इस अवधि में 50 प्रतिशत पात्र गृहस्थियों के आवेदन भी नहीं आ पाए हैं। लोगों में जानकारी और जागरूकता की कमी के चलते इस काम में तेजी नहीं आ रही है। पिछले चार माह से नगर पालिका कर्मचारी उचित दर विक्रेता की दुकान पर बैठ कर पात्र गृहस्थियों के चयन के लिए आवेदन ले रहे थे, तमाम प्रयासों के बाद भी खाद्य सुरक्षा के आवेदन नहीं आ रहे हैं।
खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत शहरी क्षेत्र में 64.43 फीसदी और ग्रामीण क्षेत्र में 79.34 फीसदी गृहस्थियों का चयन किया जाना है। अधिकतर लोगों को न तो पात्रता की शर्तें मालूम हैं और न आवेदन का तरीका। कोटेदार और संबधित पालिका कर्मचारी भी उपभोक्ताओं को इसकी जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। यही कारण है पात्र गृहस्थियों के सूचना संकलन में दिक्कत आ रही है।
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सूचना संकलन करने को लगेंगे शिविर
खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्र गृहस्थियों के चयन के लिए पूर्ति विभाग 21 अप्रैल से पांच या छह उचित दर की दुकानों पर एक-एक शिविर लगाने जा रहा है। लखीमपुर और ओयल नगरों के शिविरों की तिथि और नामित अधिकारियों की घोषणा कर दी गई है। अन्य नगरीय क्षेत्रों में संबधित एसडीएम कार्यक्रम तय करेंगे। इन शिविरों में क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी, पूति निरीक्षक और कर्मचारी मौजूद रहेंगे।
जिला पूर्ति अधिकारी डॉ. राकेश तिवारी ने बताया कि खाद्य विभाग के लिए यह संक्रमण काल है। मैनुअल से कंप्यूटराइजेशन की ओर, लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली जनसामान्य वितरण प्रणाली की ओर बढ़ रही है। इस प्रक्रिया के पूरी होने में देर तो लगेगी लेकिन व्यवस्था अधिक पारदर्शी हो जाएगी।
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खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 को लागू करने के लिए पात्र गृहस्थियों के चयन के लिए पिछले चार महीने से कवायद चल रही है। इस अवधि में 50 प्रतिशत पात्र गृहस्थियों के आवेदन भी नहीं आ पाए हैं। लोगों में जानकारी और जागरूकता की कमी के चलते इस काम में तेजी नहीं आ रही है। पिछले चार माह से नगर पालिका कर्मचारी उचित दर विक्रेता की दुकान पर बैठ कर पात्र गृहस्थियों के चयन के लिए आवेदन ले रहे थे, तमाम प्रयासों के बाद भी खाद्य सुरक्षा के आवेदन नहीं आ रहे हैं।
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खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत शहरी क्षेत्र में 64.43 फीसदी और ग्रामीण क्षेत्र में 79.34 फीसदी गृहस्थियों का चयन किया जाना है। अधिकतर लोगों को न तो पात्रता की शर्तें मालूम हैं और न आवेदन का तरीका। कोटेदार और संबधित पालिका कर्मचारी भी उपभोक्ताओं को इसकी जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। यही कारण है पात्र गृहस्थियों के सूचना संकलन में दिक्कत आ रही है।
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सूचना संकलन करने को लगेंगे शिविर
खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्र गृहस्थियों के चयन के लिए पूर्ति विभाग 21 अप्रैल से पांच या छह उचित दर की दुकानों पर एक-एक शिविर लगाने जा रहा है। लखीमपुर और ओयल नगरों के शिविरों की तिथि और नामित अधिकारियों की घोषणा कर दी गई है। अन्य नगरीय क्षेत्रों में संबधित एसडीएम कार्यक्रम तय करेंगे। इन शिविरों में क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी, पूति निरीक्षक और कर्मचारी मौजूद रहेंगे।
जिला पूर्ति अधिकारी डॉ. राकेश तिवारी ने बताया कि खाद्य विभाग के लिए यह संक्रमण काल है। मैनुअल से कंप्यूटराइजेशन की ओर, लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली जनसामान्य वितरण प्रणाली की ओर बढ़ रही है। इस प्रक्रिया के पूरी होने में देर तो लगेगी लेकिन व्यवस्था अधिक पारदर्शी हो जाएगी।