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Lakhimpur Kheri News: संसाधन नहीं, जगसड़ में बना स्पर्श दृष्टिबाधित बालिका विद्यालय का संचालन अटका
Thu, 14 Aug 2025 12:12 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 14 Aug 2025 12:12 AM IST
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स्पर्श राजकीय दृष्टिबाधित बालिका विद्यालय का भवन। स्रोत : ग्रामीण
- फोटो : सम्मानित एएनएम।
लखीमपुर खीरी। शहर से 12 किलोमीटर दूर नकहा ब्लाॅक के जगसड़ में स्पर्श राजकीय दृष्टिबाधित बालिका विद्यालय का भवन है, लेकिन आज तक यह शुरू नहीं हो सका। इस भवन का निर्माण पांच साल पहले कराया जा चुका है। इसका संचालन कब तक शुरू होगा, यह भी स्पष्ट नहीं हो पा रहा। बताते हैं कि फर्नीचर सहित अन्य संसाधनों के अभाव में इसका संचालन अटका है।
जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की ओर से कस्तूरबा गांधी की तर्ज पर स्पर्श राजकीय दृष्टिबाधित बालिका विद्यालय का निर्माण कराया गया था। दृष्टिबाधित छात्राओं को आवासीय शिक्षा देने के उद्देश्य से इस विद्यालय का निर्माण कराया गया है, जिसकी क्षमता 100 की है। इस विद्यालय का निर्माण पूरा हुए पांच साल से अधिक हो गए।
खास बात यह है कि विद्यालय में शिक्षा के लिए 63 से दृष्टिबाधित बालिकाओं का पंजीकरण हो चुका है। पढ़ाने के लिए शिक्षकों का चयन भी हो चुका है। शिक्षकों का वेतन भी निकल रहा है व शिक्षक उसी विद्यालय में ठहरते भी हैं। फिर भी इसके संचालन में लापरवाही बरती जा रही है।
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बताते हैं कि विद्यालय आवासीय है। इसमें फर्नीचर, रसोई सहित व सुरक्षा से संबंधित अन्य इंतजाम शासन स्तर से होने है, लेकिन अफसर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे। यह विद्यालय तत्कालीन जिलाधिकारी किंजल सिंह के प्रयासों से बना था। वर्ष 2018 में उन्होंने इसका प्रस्ताव भेजा था, जिसके बाद वर्ष 2020 में इसका निर्माण कराया गया।
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कोविड अस्पताल के नाम से जाना जाता है यह विद्यालय
-स्पर्श राजकीय दृष्टिबाधित बालिका विद्यालय का निर्माण 2020 में पूरा हो चुका था। उसी दौरान कोविड शुरू हो गया। शहर से दूर होने के चलते प्रशासन ने इस विद्यालय को कोविड अस्पताल बना दिया था, जो काफी दिनों तक चला। इस वजह से लोग अब इसको स्पर्श विद्यालय नहीं, बल्कि कोविड अस्पताल के नाम से जानते हैं। मौजूदा समय में इसे बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत शिविर के लिए चुना गया। पिछले दिनों मंत्री ने यहां पर बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री बांटी थी।
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वर्जन
फर्नीचर, रसोई, सुरक्षा सहित अन्य इंतजाम होने हैं। इसके बाद ही इस विद्यालय का संचालन शुरू हो जाएगा। शासन स्तर पर कई बार पत्र जारी किए जा चुके हैं। उम्मीद है जल्द कुछ न कुछ होगा।
-अभय कुमार सागर, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी
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जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की ओर से कस्तूरबा गांधी की तर्ज पर स्पर्श राजकीय दृष्टिबाधित बालिका विद्यालय का निर्माण कराया गया था। दृष्टिबाधित छात्राओं को आवासीय शिक्षा देने के उद्देश्य से इस विद्यालय का निर्माण कराया गया है, जिसकी क्षमता 100 की है। इस विद्यालय का निर्माण पूरा हुए पांच साल से अधिक हो गए।
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खास बात यह है कि विद्यालय में शिक्षा के लिए 63 से दृष्टिबाधित बालिकाओं का पंजीकरण हो चुका है। पढ़ाने के लिए शिक्षकों का चयन भी हो चुका है। शिक्षकों का वेतन भी निकल रहा है व शिक्षक उसी विद्यालय में ठहरते भी हैं। फिर भी इसके संचालन में लापरवाही बरती जा रही है।
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बताते हैं कि विद्यालय आवासीय है। इसमें फर्नीचर, रसोई सहित व सुरक्षा से संबंधित अन्य इंतजाम शासन स्तर से होने है, लेकिन अफसर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे। यह विद्यालय तत्कालीन जिलाधिकारी किंजल सिंह के प्रयासों से बना था। वर्ष 2018 में उन्होंने इसका प्रस्ताव भेजा था, जिसके बाद वर्ष 2020 में इसका निर्माण कराया गया।
कोविड अस्पताल के नाम से जाना जाता है यह विद्यालय
-स्पर्श राजकीय दृष्टिबाधित बालिका विद्यालय का निर्माण 2020 में पूरा हो चुका था। उसी दौरान कोविड शुरू हो गया। शहर से दूर होने के चलते प्रशासन ने इस विद्यालय को कोविड अस्पताल बना दिया था, जो काफी दिनों तक चला। इस वजह से लोग अब इसको स्पर्श विद्यालय नहीं, बल्कि कोविड अस्पताल के नाम से जानते हैं। मौजूदा समय में इसे बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत शिविर के लिए चुना गया। पिछले दिनों मंत्री ने यहां पर बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री बांटी थी।
वर्जन
फर्नीचर, रसोई, सुरक्षा सहित अन्य इंतजाम होने हैं। इसके बाद ही इस विद्यालय का संचालन शुरू हो जाएगा। शासन स्तर पर कई बार पत्र जारी किए जा चुके हैं। उम्मीद है जल्द कुछ न कुछ होगा।
-अभय कुमार सागर, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी