फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Dudhwa's forest wealth on target of forest mafia

वन माफिया के निशाने पर दुधवा की वन संपदा

Mon, 26 Jul 2021 12:19 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 26 Jul 2021 12:19 AM IST
विज्ञापन
Dudhwa's forest wealth on target of forest mafia
स्थानीय और नेपाली वनापराधी मिलकर संरक्षित जंगल से बेशकीमती पेड़ काटकर आरामशीनों पर करा रहे चिरान
विज्ञापन

लखीमपुर खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व के वन्यजीव जिस तरह शातिर शिकारियों के निशाने पर हैं, उसी तरह जंगल के साल सागौन के बेशकीमती पेड़ों पर भी वनापराधियों की नजर है। इन पेड़ों के अवैध कटान में स्थानीय से लेकर अंतरराष्ट्रीय वनमाफिया तक सक्रिय हैं। दुधवा टाइगर रिजर्व जैसे संरक्षित जंगल भी वनमाफिया से महफूज नहीं हैं। कई बार कटान के मामलों में पड़ोसी राष्ट्र नेपाल के वनमाफिया की संलिप्तता सामने आ चुकी है।
दुधवा टाइगर रिजर्व में सूखे और गिरे पड़े पेड़ों को काटने तक पर प्रतिबंध है। बावजूद इसके आए दिन इस संरक्षित जंगल से हरे भरे पेड़ों के कटान की बात सामने आती रहती है। ऐसी ही शिकायतों के चलते शासन ने दुधवा टाइगर रिजर्व में होने वाले पेड़ों के कटान और शिकार की एसआईटी जांच कराने का निर्णय लिया है। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय सीमा पर नेपाल के अंदर बड़ी संख्या में आरा मशीनें स्थापित हुई हैं। दुधवा टाइगर रिजर्व से पेड़ों का कटान कर इन्हीं आरा मशीनों के जरिए चिरान की हुई लकड़ी का कारोबार हो रहा है।
विज्ञापन

करीब तीन साल पहले दुधवा टाइगर रिजर्व के अंबरगढ़ से नेपाली वन माफिया बेशकीमती साखू के करीब 200 पेड़ काटकर नाव के जरिए सीमा पार कर नेपाल ले गए थे। सूचना पर जब वनकर्मी मौके पर पहुंचे तो वनमाफिया के साथ उनकी मुठभेड़ भी हुई और कुछ लकड़ी बरामद भी हुई थी। इस घटना के बाद वनमाफिया के अंतरराष्ट्रीय गठबंधन की बात उजागर हुई। कई बार दुधवा वन क्षेत्र में पेड़ कटान के मामलों में नेपाल के अपराधियों की बात सामने आई है। वन क्षेत्रों पर अब खास निगरानी हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

तीन-चार साल पहले ही उत्तर खीरी वन प्रभाग के संपूर्णानगर रेंज में बड़े पैमाने पर पेड़ों के कटान की बात सामने आई थी। उच्च स्तरीय जांच होने पर मामला सही पाया गया और रेंजर समेत पूरे फील्ड स्टाफ को निलंबित कर दिया गया। बाद में एसडीओ पर भी कार्रवाई हुई और तत्कालीन डीएफओ का तबादला किया गया।
हाल में हुई कटान की घटनाओं में दुधवा टाइगर रिजर्व में दक्षिण सोनारीपुर रेंज के भगवंतनगर में अवैध चिरान की लकड़ी बरामद हुई थी। इससे दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन ने एक लाख रुपये का जुर्माना वसूला था। इसी बीच पलिया नगर में भी अवैध लकड़ी पकड़ी गई, जिसमें दो लाख रुपये का जुर्माना वसूला था। दो साल पहले टाइगर्स डे के एक दिन पहले दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन से वन माफिया चार सागौन के पेड़ काटकर लकड़ी उठा ले गए। इसका खुलासा तब हुआ जब दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल पटेल लांगरूट पेट्रोलिंग के लिए वहां पहुंचे। बाद में इन पेड़ों की कुछ लकड़ी बरामद हुई और लकड़ी काटने वाले भी पकड़े गए। पेड़ों के कटान की ज्यादातर घटनाएं बरसात के मौसम में होती हैं।
वनकर्मियों की मिलीभगत भी उजागर
कुछ माह पहले मुखबिर की सूचना पर दुधवा टाइगर रिजर्व के किशनपुर सेंचुरी में रेंजर के आवास से बड़ी मात्रा में साल और सागौन की चिरान की हुई लकड़ी बरामद हुई थी। जब उनसे पूछताछ हुई तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। मामले की जांच हुई, जिसमें रेंजर दोषी पाए गए। इस पर उन्हें निलंबित कर दिया गया। इसी तरह किशनपुर सेंचुरी में ही एक वन्यजीव रक्षक के तारकोठी स्थित आवास पर छापा मारकार भारी मात्रा में अवैध चिरान की लकड़ी बरामद हुई। जांच में दोषी पाए जाने पर उसे भी निलंबित किया था। एक अन्य घटना में एक वन वाचर के भीरा स्थित आवास से अवैध लकड़ी बरामद की गई, लेकिन कार्रवाई के नाम पर उसे हटाकर उसके पुत्र को उसकी जगह नियुक्त कर दिया गया।
माफिया का साथ न देने पर हुई थी वनरक्षक की हत्या
दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन की मैलानी रेंज में 19/20 अक्टूबर 2019 की रात वनमाफिया के गुर्गो ने वन रक्षक सुखपाल सिंह की गश्त के दौरान कुल्हाड़ी से काट कर हत्या कर दी थी। उनकी हत्या महज इसलिए कर दी गई, क्योंकि उन्होंने पेड़ों का कटान करने वालों का साथ देने से इनकार कर दिया था।
दुधवा टाइगर रिजर्व में अवैध कटान और शिकार की घटनाओं को रोकने के लिए जंगल में लगातार गश्त होती है। परिणामस्वरूप अवैध कटान के कई मामले पकड़े भी गए और उन पर सख्त कार्रवाई भी हुई है। नेपाली वनमाफिया स्थानीय वनापराधियों के सहयोग से अपराध कर रहे हैं। यह बात पहले भी उजागर हो चुकी है।
- संजय पाठक, फील्ड डायरेक्टर दुधवा टाइगर रिजर्व
अवैध लकड़ी कटान मामले में दो लाख का जुर्माना वसूला
बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व की उड़न दस्ता टीम ने मुखबिर की सूचना पर रिक्खी पुरवा गांव में छापामारी कर एक घर में अवैध रूप से कटान कर रखी गई साल, सागौन और शीशम चिरान की लकड़ी बरामद की है। इस मामले में वन विभाग ने दो लाख रुपये जुुर्माना वसूला है।

दुधवा के उपनिदेशक मनोज सोनकर ने बताया कि हाल ही में पलिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत वन विभाग की उड़न दस्ता टीम ने रिक्खी पुरवा गांव में राम नहोरे अवस्थी के घर से साल, सागौन और शीशम की लकड़ी बरामद की थी। जांच में आरोपी के पास से कोई वैध कागज और ट्रांजिट परमिट नहीं मिला। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed