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विदेशी पक्षियों को भाया दुधवा, नहीं वापस गए
अमर उजाला ब्यूरो/पलियाकलां।
Updated Mon, 13 Jun 2016 10:51 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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- प्रजनन का भी है समय, दुधवा के लिए शुभ माना जा रहा है यह
- नेशनल पार्क परिक्षेत्र और ताल तलैयों में जमाए हुए हैं डेरा
हर वर्ष दुधवा आकर प्रजनन से पूर्व लौट जाने वाले कई विदेशी पक्षी इस बार यहीं डेरा जमाए हुए हैं, जबकि उनके प्रजनन का समय भी आ गया है। इससे माना जाने लगा है कि उन्हें दुधवा का वातावरण खूब रास आ रहा है और यह दुधवा के लिए शुभ संकेत भी है।
यह वह समय है जब विदेशी पक्षी वापस लौट जाया करते थे पर इस बार हालात कुछ और हैं। पक्षी दुधवा नेशनल पार्क परिक्षेत्र, किशनपुर परिक्षेत्र के ताल तलैयों में डेरा जमाए हुए हैं और उनका जाने का इरादा भी नहीं दिखाई दे रहा है। यह समय इन पक्षियों के प्रजनन का भी होता है और वह इससे पूर्व ही लौट जाते थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। माना जाने लगा है कि वह प्रजनन काल भी यहीं निपटाएंगे और उनको दुधवा की आबोहवा रास आ गई है। वन्यजीव प्रेमी इसे दुधवा के लिए शुभ संकेत मान रहे हैं तो वहीं दुधवा पार्क प्रशासन में भी इसको लेकर खुशी का माहौल है। किशनपुर झादी ताल में यूरेजियन स्पून बिल नामक पक्षी 50-60 की तादाद में देखे जा रहे हैं। यह समय इन पक्षियों के यहां रुकने का नहीं होता है। हर साल दिसंबर के अंत तक ये पक्षी यहां आते थे और मार्च के शुरूआत में लौट जाया करते थे। बीएनएचएस के पक्षी विशेषज्ञ रोहित झा ने बताया कि जून का महीना प्रवासी पक्षियों के लिए अंडे देने का समय होता है। अगर वे दुधवा में है तो साफ है कि यहां अंडे देंगे और उनका कुनबा बढ़ता जाएगा। यह दुधवा की जैव विविधता के लिए बहुत अच्छे संकेत हैं। उनके अनुसार इस समय यहां यूरेजियन छस्पून बिल, यूरेजियन विगियोन, नार्थन पिनटे, नार्थन स्लोवलर, रेड क्रस्टेड पोचार्ड आदि प्रवासी पक्षी भी दिख रहे हैं।
दुधवा टाइगर रिजर्व की किशनपुर सेंचुरी में इस समय प्रवासी पक्षी अच्छी तादात में देखे जा रहे हैं। पहले सैलानियों ने बताया था, फिर कर्मियों ने भी उन्हें देखा और फोटो लिए। - एनके उपाध्याय, वार्डन, दुधवा
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- नेशनल पार्क परिक्षेत्र और ताल तलैयों में जमाए हुए हैं डेरा
हर वर्ष दुधवा आकर प्रजनन से पूर्व लौट जाने वाले कई विदेशी पक्षी इस बार यहीं डेरा जमाए हुए हैं, जबकि उनके प्रजनन का समय भी आ गया है। इससे माना जाने लगा है कि उन्हें दुधवा का वातावरण खूब रास आ रहा है और यह दुधवा के लिए शुभ संकेत भी है।
यह वह समय है जब विदेशी पक्षी वापस लौट जाया करते थे पर इस बार हालात कुछ और हैं। पक्षी दुधवा नेशनल पार्क परिक्षेत्र, किशनपुर परिक्षेत्र के ताल तलैयों में डेरा जमाए हुए हैं और उनका जाने का इरादा भी नहीं दिखाई दे रहा है। यह समय इन पक्षियों के प्रजनन का भी होता है और वह इससे पूर्व ही लौट जाते थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। माना जाने लगा है कि वह प्रजनन काल भी यहीं निपटाएंगे और उनको दुधवा की आबोहवा रास आ गई है। वन्यजीव प्रेमी इसे दुधवा के लिए शुभ संकेत मान रहे हैं तो वहीं दुधवा पार्क प्रशासन में भी इसको लेकर खुशी का माहौल है। किशनपुर झादी ताल में यूरेजियन स्पून बिल नामक पक्षी 50-60 की तादाद में देखे जा रहे हैं। यह समय इन पक्षियों के यहां रुकने का नहीं होता है। हर साल दिसंबर के अंत तक ये पक्षी यहां आते थे और मार्च के शुरूआत में लौट जाया करते थे। बीएनएचएस के पक्षी विशेषज्ञ रोहित झा ने बताया कि जून का महीना प्रवासी पक्षियों के लिए अंडे देने का समय होता है। अगर वे दुधवा में है तो साफ है कि यहां अंडे देंगे और उनका कुनबा बढ़ता जाएगा। यह दुधवा की जैव विविधता के लिए बहुत अच्छे संकेत हैं। उनके अनुसार इस समय यहां यूरेजियन छस्पून बिल, यूरेजियन विगियोन, नार्थन पिनटे, नार्थन स्लोवलर, रेड क्रस्टेड पोचार्ड आदि प्रवासी पक्षी भी दिख रहे हैं।
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दुधवा टाइगर रिजर्व की किशनपुर सेंचुरी में इस समय प्रवासी पक्षी अच्छी तादात में देखे जा रहे हैं। पहले सैलानियों ने बताया था, फिर कर्मियों ने भी उन्हें देखा और फोटो लिए। - एनके उपाध्याय, वार्डन, दुधवा
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