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Lakhimpur Kheri News: डीटीआर प्रशासन ने वाटरहोल के आसपास 40 कैमरे लगाए
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दुधवा के वाटरहोल में लगाया गया कैमरा। स्त्रोत्-वन विभाग।
बांकेगंज। वन्यजीवों की गतिविधियों और निगरानी के लिए दुधवा टाइगर रिजर्व (डीटीआर) प्रशासन ने वाटरहोल के आसपास 40 कैमरे लगवाए हैं। इनके जरिए बाघ, तेंदुआ, हाथी समेत विभिन्न वन्यजीवों की सामान्य गतिविधियों का अध्ययन किया जा रहा है।
नौतपा और भीषण गर्मी के चलते दुधवा नेशनल पार्क, किशनपुर सेंक्चुरी, दक्षिण सोनारीपुर रेंज आदि में स्वछंद विचरण करने वाले वन्यजीव वाटरहोल्स के इर्द-गिर्द सिमट गए हैं। उन्हें अपनी प्यास बुझाने के लिए कई बार यहां आना पड़ रहा है। इसकी वजह से उनकी सुरक्षा भी वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। जल स्रोतों के आसपास बढ़ी वन्यजीवों की गतिविधियों के मद्देनजर टाइगर रिजर्व प्रशासन ने 40 कैमरे लगवाए हैं। इन कैमरों के जरिए उनकी निगरानी की जा रही है।
कैमरों में कैद हो रहीं वन्यजीवों की जलविहार की तस्वीरें
दुधवा के जंगल में रहने वाले वन्यजीव गर्मी में प्यास बुझाने के साथ-साथ शरीर का तापमान करने के लिए पानी के अंदर गोते लगा रहे हैं और जलविहार कर रहे हैं। हाथियों और बाघों को अक्सर बड़े वाटरहोल्स में जलविहार करते देखा जा रहा है। ऐसी तस्वीरें कैमरों में खूब कैद हो रहीं हैं।
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गर्मी के कारण वाटरहोल्स पर वन्यजीवों की आवाजाही बढ़ गई है। इन वन्यजीवों पर नजर रखने और उनकी सुरक्षा के मद्देनजर वाटरहोल्स के इर्द-गिर्द 40 कैमरे लगवाए गए हैं। उनके माध्यम से लगातार नजर रखी जा रही है। - ललित कुमार वर्मा, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व
दुधवा के तालाब में जलविहार कर रहे गैंडे
बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व की दक्षिण सोनारीपुर रेंज में गैंडा पुनर्वासन योजना के तहत सौर ऊर्जा चालित बाड़ में स्वछंद विचरण कर रहे गैंडे गर्मी बर्दाश्त नहीं कर पा रहे। शरीर का तापमान कम करने के लिए गैंडे बांकेताल में जलविहार करते नजर आ रहे हैं। दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी ललित कुमार वर्मा ने बताया कि मंगलवार को गश्ती टीमों ने इस नजारे की तस्वीरें अपने कैमरे में कैद कीं। संवाद
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नौतपा और भीषण गर्मी के चलते दुधवा नेशनल पार्क, किशनपुर सेंक्चुरी, दक्षिण सोनारीपुर रेंज आदि में स्वछंद विचरण करने वाले वन्यजीव वाटरहोल्स के इर्द-गिर्द सिमट गए हैं। उन्हें अपनी प्यास बुझाने के लिए कई बार यहां आना पड़ रहा है। इसकी वजह से उनकी सुरक्षा भी वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। जल स्रोतों के आसपास बढ़ी वन्यजीवों की गतिविधियों के मद्देनजर टाइगर रिजर्व प्रशासन ने 40 कैमरे लगवाए हैं। इन कैमरों के जरिए उनकी निगरानी की जा रही है।
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कैमरों में कैद हो रहीं वन्यजीवों की जलविहार की तस्वीरें
दुधवा के जंगल में रहने वाले वन्यजीव गर्मी में प्यास बुझाने के साथ-साथ शरीर का तापमान करने के लिए पानी के अंदर गोते लगा रहे हैं और जलविहार कर रहे हैं। हाथियों और बाघों को अक्सर बड़े वाटरहोल्स में जलविहार करते देखा जा रहा है। ऐसी तस्वीरें कैमरों में खूब कैद हो रहीं हैं।
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गर्मी के कारण वाटरहोल्स पर वन्यजीवों की आवाजाही बढ़ गई है। इन वन्यजीवों पर नजर रखने और उनकी सुरक्षा के मद्देनजर वाटरहोल्स के इर्द-गिर्द 40 कैमरे लगवाए गए हैं। उनके माध्यम से लगातार नजर रखी जा रही है। - ललित कुमार वर्मा, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व
दुधवा के तालाब में जलविहार कर रहे गैंडे
बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व की दक्षिण सोनारीपुर रेंज में गैंडा पुनर्वासन योजना के तहत सौर ऊर्जा चालित बाड़ में स्वछंद विचरण कर रहे गैंडे गर्मी बर्दाश्त नहीं कर पा रहे। शरीर का तापमान कम करने के लिए गैंडे बांकेताल में जलविहार करते नजर आ रहे हैं। दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी ललित कुमार वर्मा ने बताया कि मंगलवार को गश्ती टीमों ने इस नजारे की तस्वीरें अपने कैमरे में कैद कीं। संवाद