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गंदगी से पटी सड़कें और गलियां
बांकेगंज
Updated Mon, 07 Sep 2015 12:28 AM IST
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कस्बा के मोहल्लों सहित आसपास के गांवों में संक्रामक बीमारियां फैलने के पूरे इंतजाम हैं। आबादी के बीच लगे कूड़े के ढेर, गंदगी से अटी सड़कें, बजबजाती नालियां जगह- जगह जलभराव है। सफाई कर्मियों के न आने और लोगों के स्वच्छता के प्रति जागरूक न होने से संक्रामक बीमारियां पैर पसारने लगी हैं।
बरसात के मौसम के साथ ही कस्बे के मोहल्ला अमीननगर, कोठीपुर, श्यामपुर आदि सहित गांवों में संक्रामक बीमारियों के पैर पसारने के बाद जेई, वायरल बुखार आदि बीमारियां फैल रही हैं। क्षेत्र की एक चौथाई आबादी में लोग वायरल बुखार के प्रकोप से जूझ रहे है। बावजूद इसके स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर और कर्मचारी इससे बेखबर हैं। ग्रामीण मनोज जायसवाल, मनोज माहेश्वरी, पवन माहेश्वरी, कृष्ण कुमार, दिवाकर, किशोरीलाल, ध्रुव सिंह, केके मिश्र आदि ने आरोप लगाया कि संक्रामक बीमारियों से जूझ रहे लोग जब इलाज के लिए सीएचसी पहुंचते है तो उन्हें वहां न डॉक्टर मिलते हैं और न ही दवाई। इसके चलते लोगों को मजबूरन झोलाछाप डॉक्टरों की शरण लेनी पड़ती है या फिर सीधे जिला अस्पताल और निजी चिकित्सक से उपचार कराना पड़ता है।
सीएचसी में ग्रामीणों का हंगामा
कस्बा निवासी व्यापारी ओमप्रकाश की बेटी शनिवार की शाम अचानक बीमार हो गई। घरवाले उसको इलाज के लिए सीएचसी ले गए। अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं मिला। इस पर नाराज लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद वहां पहुंचे फार्मासिस्ट ने बालिका को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर स्लिप थमा दी।
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बरसात के मौसम के साथ ही कस्बे के मोहल्ला अमीननगर, कोठीपुर, श्यामपुर आदि सहित गांवों में संक्रामक बीमारियों के पैर पसारने के बाद जेई, वायरल बुखार आदि बीमारियां फैल रही हैं। क्षेत्र की एक चौथाई आबादी में लोग वायरल बुखार के प्रकोप से जूझ रहे है। बावजूद इसके स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर और कर्मचारी इससे बेखबर हैं। ग्रामीण मनोज जायसवाल, मनोज माहेश्वरी, पवन माहेश्वरी, कृष्ण कुमार, दिवाकर, किशोरीलाल, ध्रुव सिंह, केके मिश्र आदि ने आरोप लगाया कि संक्रामक बीमारियों से जूझ रहे लोग जब इलाज के लिए सीएचसी पहुंचते है तो उन्हें वहां न डॉक्टर मिलते हैं और न ही दवाई। इसके चलते लोगों को मजबूरन झोलाछाप डॉक्टरों की शरण लेनी पड़ती है या फिर सीधे जिला अस्पताल और निजी चिकित्सक से उपचार कराना पड़ता है।
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सीएचसी में ग्रामीणों का हंगामा
कस्बा निवासी व्यापारी ओमप्रकाश की बेटी शनिवार की शाम अचानक बीमार हो गई। घरवाले उसको इलाज के लिए सीएचसी ले गए। अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं मिला। इस पर नाराज लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद वहां पहुंचे फार्मासिस्ट ने बालिका को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर स्लिप थमा दी।
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