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Lakhimpur Kheri News: बोर्ड परीक्षा की निगरानी में लगे डॉक्टर, कर्मचारियों के सहारे मरीजों का इलाज

Fri, 01 Mar 2024 01:20 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 01 Mar 2024 01:20 AM IST
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Doctors engaged in monitoring board exams, treating patients with the help of staff
लखीमपुर खीरी। यूपी बोर्ड परीक्षा की निगरानी के लिए जनपद के कई होम्योपैथिक चिकित्साधिकारियों को स्टेटिक मजिस्ट्रेट बना दिया गया है। ऐसे में यह चिकित्साधिकारी मरीजों का इलाज छोड़ बोर्ड परीक्षा की निगरानी में जुट गए हैं। विभाग के पास पहले ही डॉक्टरों की भारी कमी है, ऊपर से परीक्षा में ड्यूटी लगने से मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है।
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झंडीराज के डॉ. विवेक, खमरिया के डॉ. धर्मराज, भल्लियाबुजुर्ग के डॉ. विवेक वर्मा, जेबीगंज के डॉ. शिव कुमार, लधपुरा के डॉ. हरीलाल, चंदनचौकी के डॉ. धीरज अनुरागी, नझाटा के डॉ. अभिषेक को बोर्ड परीक्षा में स्टेटिक मजिस्ट्रेट बनाया गया है। यह डॉक्टर बोर्ड परीक्षा की दोनों पालियों में स्टेटिक मजिस्ट्रेट की भूमिका निभा रहे हैं।
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जनपद में 28 होम्योपैथिक डॉक्टर होने चाहिए, लेकिन जैसे-तैसे 22 डॉक्टर से काम चलाया जा रहा है। स्टाफ कम होने की वजह से एक डॉक्टर के पास दो-दो अस्पतालों का चार्ज है। डॉक्टर एक जगह ड्यूटी करता है तो दूसरे अस्पताल के मरीजों को दवाएं नहीं मिल पाती हैं। अब बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी लगने से व्यवस्थाएं और चौपट हो गई हैं।
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फार्मासिस्ट भी नहीं, कैसे चलाए काम
डॉक्टर की गैर मौजूदगी में फार्मासिस्ट मरीजों को दवाएं देते हैं। विभाग के पास 28 फार्मासिस्ट होने चाहिए, लेकिन मात्र 16 ही तैनात हैं। जिले में कई ऐसे अस्पताल हैं, जहां फार्मासिस्ट तैनात नहीं है। विभाग में यह समस्या आज से नहीं, बल्कि पिछले काफी समय से चल रही है, लेकिन स्टाफ की भर्ती नहीं हो पा रही है।

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यूपी बोर्ड परीक्षा की निगरानी के लिए होम्योपैथिक विभाग के चिकित्साधिकारियों को स्टेटिक मजिस्ट्रेट बनाया गया है। ऐसे में कुछ दिक्कतें आ रही हैं। फिर भी कोशिश रहती है कि कोई भी मरीज बिना दवा के वापस न जाए। विभाग में पहले से ही डॉक्टर कम हैं। कुछ डॉक्टर छुट्टी पर भी हैं।
-डॉ. शैलेंद्र प्रताप सिंह, जिला होम्योपैथिक अधिकारी
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