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डॉक्टर नदारद, दो घंटे तक भटकते रहे मरीज

Sun, 29 May 2016 12:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो  लखीमपुर खीरी।
अमर उजाला ब्यूरो  लखीमपुर खीरी। Updated Sun, 29 May 2016 12:12 AM IST
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Doctor missing , wandered for two hours the patient
ज‌िला अस्पताल - फोटो : अमर उजाला
जिला अस्पताल का हाल: सुबह नौ बजे तक डॉक्टरों के कक्ष में पड़ा रहा ताला 
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डॉक्टरों के इंतजार में परेशान मरीज और तीमारदार

 जिला अस्पताल के डॉक्टरों की मनमानी के कारण जिले के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। शनिवार को अमर उजाला टीम ने जब जिला अस्पताल का जायजा लिया तो हकीकत सामने आ गई। सुबह नौ बजे तक अधिकतर डॉक्टरों के कक्षों के ताले नहीं खुले थे, जबकि कुछ कक्षों को 10 बजे के करीब खोला गया, जबकि मरीज आठ बजे से ही आने लगे थे। पर्चा काउंटर से लेकर डॉक्टरों के कक्ष के बाहर तक भीड़ लग गई थी। खास बात यह रही कि जिन कक्षों के ताले खुले थे, उनकी कुर्सी खाली पड़ी थी। सुबह साढ़े आठ बजे जब अमर उजाला की टीम अस्पताल पहुंची तो जिस कमरे में कुत्ते काटने के  इंजेक्शन लगने के लिए पर्चा बन रहा था। वहां पर काफी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी थी। पास में स्थित डॉ. राजीव कुमार वर्मा फिजीशियन का कक्ष खुला था, लेकिन उनकी कुर्सी खाली पड़ी थी। सर्जन, वरिष्ठ फिजीशियन, बाल रोग और नाक, कान और गला रोग विभाग के कक्ष में ताले लटक रहे थे। उमस भरी गर्मी ऊपर से डॉक्टरों के आने के इंतजार में मरीज और उनके तीमारदार परेशान थे। वहां पर यह तक कोई बताने वाला नहीं था कि डॉक्टर आएंगे भी या नहीं। टीम जब जनरल वार्ड और चिल्ड्रन वार्ड में पहुंची तो वहां वार्ड की साफ-सफाई हो रही थी। टीम करीब सवा नौ बजे जब चिल्ड्रन वार्ड के सामने स्थित अल्ट्रासाउंड और एक्सरे विभाग में पहुंची तो वहां ताला लटक रहा था। मरीज उसके खुलने के इंतजार में टकटकी लगाए बैठे थे।
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मुख्य गेट पर गंदगी ही गंदगी
जिला अस्पताल के गेट से प्रवेश करते ही साइकिल स्टेंड के पास लगे कूड़े के ढेर जिला अस्पताल की साफ-सफाई व्यवस्था की पोल खोल रहे थे। कैमरा मैन के फोटो खींचते ही वहां पर कर्मचारी पहुंच गया और उसने साफ-सफाई शुरू कर दी। 
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कुछ ये कहा मरीजों ने
सुबह साढ़े सात बजे एक्सरे कराने के लिए आ गया था। सवा नौ बज चुका है, लेकिन अब तक ताला नहीं खुला है। पूछने पर अस्पताल कर्मचारी भी सही ढंग से बात नहीं करते हैं। 
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-महेश कुमार कश्यप, गांव पहाड़पुर सरावन थाना भीरा 
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अल्ट्रासाउंड कराने के लिए मैं आठ बजे से बैठी हूं, आप खुद ही देख लीजिए अब तक ताला नहीं खुला है। अस्पताल का कर्मचारी भी कोई नहीं आया। देखें ताला कब खुलता है। 

-राजकुमारी, मोहल्ला अर्जुनपुरवा
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वर्जन...
डॉक्टर समय से आ जाते हैं, लेकिन उन्हें वार्डों में मरीजों को भी देखना पड़ता है। वार्डों का राउंड लेने के बाद अपने कक्ष में बैठते हैं। यदि मरीजों की संख्या अधिक होती है तो बीच में भी आकर रोगियों का परीक्षण करते हैं।
-वीके साहू, सीएमएस जिला अस्पताल 
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