{"_id":"572f75994f1c1b01045cd9c6","slug":"dm-to-deal-with-flooding-the-action-plan-created","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाढ़ से निपटने को डीएम ने बनाई कार्ययोजना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाढ़ से निपटने को डीएम ने बनाई कार्ययोजना
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Sun, 08 May 2016 11:05 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
कहा-पहले से व्यवस्था करें चाक चौबंद, ताकि समय पर न मचे अफरातफरी
संभावित बाढ़ से निपटने के लिए रणनीति बनाने के लिए कलक्ट्रेट सभागार में बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता डीएम आकाशदीप ने की। डीएम ने कहा कि जिले मेें हर साल आने वाली बाढ़ से निपटने के लिए अभी से चाक चौबंद व्यवस्था किया जाना जरूरी है। सभी संबंधित अधिकारी अपने स्तर से व्यवस्था पूरी कर लें ताकि बाढ़ आने पर किसी को कोई कठिनाई का सामना न करना पड़े।
बाढ़ राहत कार्यों की विस्तार से समीक्षा करते हुए उन्होंने पिछले वर्षों में की गई व्यवस्थाओं और स्थापित की गई बाढ़ चौकियों की चर्चा करते हुए अधिकारियों से विंदुवार समीक्षा की। डीएम ने एसडीएम से कहा कि बाढ़ राहत केंद्रों और राहत शिविरों का चिह्नांकन कर व्यवस्थाएं दुरुस्त रखें। सीएमओ से कहा कि बाढ़ के दौरान लगने वाले चिकित्सा शिविरों के लिए पर्याप्त मात्रा में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
डीएम ने पिछले वर्षों में खरीदी गई नावों की स्थिति और नाविकों की उपलब्धता को निर्धारित प्रारूप में भरकर सूचना एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। एसडीएम से कहा, जिन तहसीलों में बाढ़ की समस्या आती है वह संभावित कटान के स्थल चिह्नित कर लें।
विज्ञापन
उन्होंने संभावित बाढ़ के दृष्टिगत राहत कैंपों का चिह्नीकरण करने और कार्ययोजना एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने को कहा। पशु चकित्साधिकारी को निर्देश दिया कि बाढ़ के दौरान पशुओं के चारा, भूसा आदि की व्यवस्था के लिए व्यापारियों से समन्वय कर स्टाक करा लें ताकि समय पर भूसे की उपलब्धता हो सके।
बैठक में एडीएम एसपी सिंह ने भी संभावित बाढ़ से निपटने के लिए बनाई गयी कार्ययोजना के बारे में संबंधित अधिकारियों से बिन्दुवार जानकारी लेते हुए कहा कि सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए अभी से कमर कस लें।
बैठक में एसडीएम पल्लवी मिश्रा, आलोक कुमार, शादाब असलम, विनोद गुप्ता और जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण, आपदा राहत समिति, स्वयं सेवी संस्थाएं और विभिन्न संगठन और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
संभावित बाढ़ से निपटने के लिए रणनीति बनाने के लिए कलक्ट्रेट सभागार में बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता डीएम आकाशदीप ने की। डीएम ने कहा कि जिले मेें हर साल आने वाली बाढ़ से निपटने के लिए अभी से चाक चौबंद व्यवस्था किया जाना जरूरी है। सभी संबंधित अधिकारी अपने स्तर से व्यवस्था पूरी कर लें ताकि बाढ़ आने पर किसी को कोई कठिनाई का सामना न करना पड़े।
बाढ़ राहत कार्यों की विस्तार से समीक्षा करते हुए उन्होंने पिछले वर्षों में की गई व्यवस्थाओं और स्थापित की गई बाढ़ चौकियों की चर्चा करते हुए अधिकारियों से विंदुवार समीक्षा की। डीएम ने एसडीएम से कहा कि बाढ़ राहत केंद्रों और राहत शिविरों का चिह्नांकन कर व्यवस्थाएं दुरुस्त रखें। सीएमओ से कहा कि बाढ़ के दौरान लगने वाले चिकित्सा शिविरों के लिए पर्याप्त मात्रा में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
विज्ञापन
डीएम ने पिछले वर्षों में खरीदी गई नावों की स्थिति और नाविकों की उपलब्धता को निर्धारित प्रारूप में भरकर सूचना एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। एसडीएम से कहा, जिन तहसीलों में बाढ़ की समस्या आती है वह संभावित कटान के स्थल चिह्नित कर लें।
विज्ञापन
उन्होंने संभावित बाढ़ के दृष्टिगत राहत कैंपों का चिह्नीकरण करने और कार्ययोजना एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने को कहा। पशु चकित्साधिकारी को निर्देश दिया कि बाढ़ के दौरान पशुओं के चारा, भूसा आदि की व्यवस्था के लिए व्यापारियों से समन्वय कर स्टाक करा लें ताकि समय पर भूसे की उपलब्धता हो सके।
बैठक में एडीएम एसपी सिंह ने भी संभावित बाढ़ से निपटने के लिए बनाई गयी कार्ययोजना के बारे में संबंधित अधिकारियों से बिन्दुवार जानकारी लेते हुए कहा कि सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए अभी से कमर कस लें।
बैठक में एसडीएम पल्लवी मिश्रा, आलोक कुमार, शादाब असलम, विनोद गुप्ता और जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण, आपदा राहत समिति, स्वयं सेवी संस्थाएं और विभिन्न संगठन और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।