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दिवाली आज, बाजार हुआ गुलजार
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Sat, 29 Oct 2016 10:23 PM IST
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दिवाली
- फोटो : अमर उजाला
गणेश लक्ष्मी की मूर्तियां और खूब बिकी मिठाइयां, खील-खिलौनों और मिट्टी के दीयों की जमकर बिक्री
दिवाली के लिए सजे बाजार में शनिवार को ग्राहकों की जबरदस्त भीड़ रही। लक्ष्मी गणेश की मूर्तियों के साथ-साथ, मिठाइयों, खील खिलौनों और मिट्टी के दीयों की खरीदारी को लोग उमड़ पड़े। शहर में अलाय-बलाय भी खूब बिके। शनिवार को बाजार ही नहीं शहर के गली मोहल्लों में भी लोगों ने घरों पर रोशनी की। इससे पूरी रात शहर जगमगाता रहा। दिवाली की पूर्व संध्या पर बच्चों ने उत्साह पूर्वक जमकर आतिशबाजी की।
दिवाली के लिए जगमगाते बाजार में शनिवार को भी लोगों ने गणेश लक्ष्मी की मूर्तियों की खरीदारी की। बाजार में इस बार एक से बढ़कर एक आकर्षक मूर्तियां उपलब्ध हैं। जिनकी कीमत 25 से लेकर 25000 रुपये तक हैं। मिट्टी से बनीं गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियों की मांग ज्यादा रही। इस बार मिट्टी के दीयों की बिक्री भी हर साल की अपेक्षा ज्यादा हुई। जगह-जगह सजी मिट्टी के बर्तनों और दीयों की दुकानों पर दिन भर भीड़ रही।
दिवाली पूजा में मिठाई का विशेष महत्व है। इसके चलते मिठाई विक्रेताओं ने अपनी दुकानों को आकर्षक ढंग से सजाया। दुकानों के सामने पंडाल लगाकर उनमें मिठाइयां सजाईं । दिवाली पर बाजार की भीड़ से बचने के लिए लोगों ने शनिवार को जरूरत के मुताबिक मिठाइयां खरीद ली हैं। उपहारों के आदान प्रदान के लिए ब्रांडेड डिब्बा बंद मिठाइयों की मांग ज्यादा रही।
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उधर राजकीय इंटर कॉलेज मैदान पर सजी आतिशबाजी की दुकानों पर युवाओं और बच्चों की खासी भीड़ रही। आतिशबाजी का सामान महंगा होने के बावजूद बच्चों ने अपनी पसंद की खूब खरीदारी की। बाजार में इस बार चायनीज उत्पादों के बहिष्कार की हवा का असर साफ दिखाई पड़ा। आतिशबाजी, पटाखे खरीदने में भी बच्चों और युवाओं ने पूरी सावधानी बरती।
दिवाली पर घर की बाधाएं और अलाय बलाय दूर करने के लिए जूट के पौधों की लकड़ी से बनी अलाय बलाय शहर में जगह-जगह पर बिकती नजर आई। लोग शनिवार को ही अलाय बलाय खरीदकर घरों को ले जाते दिखाई दिए। शहर के गली मुहल्लों में भी अलाय बलाय और मिट्टी के दीयों की खूब बिक्री हुई। दिवाली के लिए शनिवार को बाजार पूरी तरह गुलजार रहा।
दिवाली पूजन का शुभ मुहूर्त
लखीमपुर खीरी। इस बार दिवाली पूजन का शुभ मुहूर्त 30 अक्तूबर रविवार को गोधूलि के समय यानि शाम 06:16 बजे से 8:12 बजे के मध्य है। इस अवधि में महालक्ष्मी और भगवान गणेश की घरों में विधि-विधान से पूजा विशेष फलदायी होगी। पं. रामदेव शास्त्री ने बताया कि व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर महालक्ष्मी पूजन के दो मुहूर्त है। इसमें रविवार सुबह 07.31 बजे से 9.47 बजे तक और अपराह्न 01.37 बजे से 03.09 बजे तक शुभ मुहूर्त है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा व्यापारी सायंकाल घरों में किए जाने वाले दिवाली पूजन के मुहूर्त पर भी प्रतिष्ठानों पर पूजन कर सकते हैं।
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दिवाली के लिए सजे बाजार में शनिवार को ग्राहकों की जबरदस्त भीड़ रही। लक्ष्मी गणेश की मूर्तियों के साथ-साथ, मिठाइयों, खील खिलौनों और मिट्टी के दीयों की खरीदारी को लोग उमड़ पड़े। शहर में अलाय-बलाय भी खूब बिके। शनिवार को बाजार ही नहीं शहर के गली मोहल्लों में भी लोगों ने घरों पर रोशनी की। इससे पूरी रात शहर जगमगाता रहा। दिवाली की पूर्व संध्या पर बच्चों ने उत्साह पूर्वक जमकर आतिशबाजी की।
दिवाली के लिए जगमगाते बाजार में शनिवार को भी लोगों ने गणेश लक्ष्मी की मूर्तियों की खरीदारी की। बाजार में इस बार एक से बढ़कर एक आकर्षक मूर्तियां उपलब्ध हैं। जिनकी कीमत 25 से लेकर 25000 रुपये तक हैं। मिट्टी से बनीं गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियों की मांग ज्यादा रही। इस बार मिट्टी के दीयों की बिक्री भी हर साल की अपेक्षा ज्यादा हुई। जगह-जगह सजी मिट्टी के बर्तनों और दीयों की दुकानों पर दिन भर भीड़ रही।
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दिवाली पूजा में मिठाई का विशेष महत्व है। इसके चलते मिठाई विक्रेताओं ने अपनी दुकानों को आकर्षक ढंग से सजाया। दुकानों के सामने पंडाल लगाकर उनमें मिठाइयां सजाईं । दिवाली पर बाजार की भीड़ से बचने के लिए लोगों ने शनिवार को जरूरत के मुताबिक मिठाइयां खरीद ली हैं। उपहारों के आदान प्रदान के लिए ब्रांडेड डिब्बा बंद मिठाइयों की मांग ज्यादा रही।
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उधर राजकीय इंटर कॉलेज मैदान पर सजी आतिशबाजी की दुकानों पर युवाओं और बच्चों की खासी भीड़ रही। आतिशबाजी का सामान महंगा होने के बावजूद बच्चों ने अपनी पसंद की खूब खरीदारी की। बाजार में इस बार चायनीज उत्पादों के बहिष्कार की हवा का असर साफ दिखाई पड़ा। आतिशबाजी, पटाखे खरीदने में भी बच्चों और युवाओं ने पूरी सावधानी बरती।
दिवाली पर घर की बाधाएं और अलाय बलाय दूर करने के लिए जूट के पौधों की लकड़ी से बनी अलाय बलाय शहर में जगह-जगह पर बिकती नजर आई। लोग शनिवार को ही अलाय बलाय खरीदकर घरों को ले जाते दिखाई दिए। शहर के गली मुहल्लों में भी अलाय बलाय और मिट्टी के दीयों की खूब बिक्री हुई। दिवाली के लिए शनिवार को बाजार पूरी तरह गुलजार रहा।
दिवाली पूजन का शुभ मुहूर्त
लखीमपुर खीरी। इस बार दिवाली पूजन का शुभ मुहूर्त 30 अक्तूबर रविवार को गोधूलि के समय यानि शाम 06:16 बजे से 8:12 बजे के मध्य है। इस अवधि में महालक्ष्मी और भगवान गणेश की घरों में विधि-विधान से पूजा विशेष फलदायी होगी। पं. रामदेव शास्त्री ने बताया कि व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर महालक्ष्मी पूजन के दो मुहूर्त है। इसमें रविवार सुबह 07.31 बजे से 9.47 बजे तक और अपराह्न 01.37 बजे से 03.09 बजे तक शुभ मुहूर्त है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा व्यापारी सायंकाल घरों में किए जाने वाले दिवाली पूजन के मुहूर्त पर भी प्रतिष्ठानों पर पूजन कर सकते हैं।