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Lakhimpur Kheri News: गर्मी झेल नहीं पाई जिला अस्पताल की मशीन, 500 मरीज बिना जांच के लौटे

Mon, 08 May 2023 11:42 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 08 May 2023 11:42 PM IST
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District hospital machine could not withstand the heat, 500 patients returned without examination
जिला अस्पताल के पर्चा काउंटर के सामने लगी मरीजों की भीड़
लखीमपुर खीरी। सप्ताह के पहले दिन जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। पर्चा बनवाने से लेकर दवा लेने तक घंटों लाइन में लगकर इंतजार करना पड़ा। वहीं बढ़ती गर्मी के चलते पैथोलॉजी की अॉटोमेटिक बॉयोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन खराब हो गई। तब तक महज 250 जांचें ही हो पाई थीं और 500 जांचें पेडिंग थीं। मशीन खराब होने के बाद मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा।
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पैथालॉजी का एसी करीब एक माह से खराब है। इसे अब तक बनवाने की सुध नहीं ली गई। जबकि गर्मी बढ़ने के कारण मशीनें काम करना बंद कर रही हैं। विभागीय लोग बताते हैं कि ऑटोमेटिक मशीनें 30 डिग्री सेल्सियस तक तो ठीक तरह काम करती हैं, लेकिन जैसे ही इसके ऊपर तापमान बढ़ता है। यह हांफने लगती हैं। बायोकेमेस्ट्री एनेलाइजर मशीन का मोटर काफी बड़ा है, जो गर्मी बढ़ने पर हीट होने लगता है।
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ऐसे में मशीन काम करना बंद कर देती है। सोमवार को दिन का तापमान 36 डिग्री सेल्सियस रहा। तापमान बढ़ते ऑटोमेटिक बायोकेमेस्ट्री एनालाइजर मशीन बंद हो गई। इसके बंद होने से लीवर, किडनी, शुगर, हार्ट की लिपिड प्रोफाइल, अर्थराइटिस आदि सहित कई अन्य जांचें बंद हो गई। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, मशीन बंद होने से करीब 500 जांचें नहीं हो पाईं।
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पर्चा बनवाने से लेकर दवा लेने तक घंटों इंतजार
लखीमपुर खीरी/ओयल। जिला अस्पताल में सोमवार को 1398 लोगों ने पर्चा काउंटर पर और 82 मरीजों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया। इसके अलावा अन्य सैकड़ों मरीज भी पुराने पर्चे पर दवा लेने के लिए जिला अस्पताल पहुंचे थे। इससे ओपीडी से लेकर दवा वितरण काउंटर, पैथालॉजी के सामने मरीज और तीमारदारों की लाइन लग गईं। ओपीडी में मौजूद फिजिशियन, जीरियाट्रिक फिजिशियन, मानसिक रोग विशेषज्ञ, अस्थि रोग सर्जन से लेकर अन्य डॉक्टर मरीजों की जांच कर परामर्श देकर दवाएं लिखते रहे। मरीजों के सापेक्ष डॉक्टरों की सीमित संख्या के चलते दोपहर तक मरीजों की लाइनें लगी रहीं। कुछ ऐसा ही हाल दवा वितरण से लेकर पैथालॉजी में जांच कराने और रिपोर्ट पाने के लिए रहा। वहां भी यही हालात दिखाई दिए।

मरीजों के लिए मुसीबत बनी डॉक्टरों की कमी

जिला अस्पताल में डॉक्टरों के 26 पद स्वीकृत हैं, जबकि तैनात सिर्फ 15 हैं। डॉक्टरों की कमी का खामियाजा मरीज भुगत रहे हैं। पर्याप्त डॉक्टर न होने से मरीज घंटों लाइन में लगकर अपनी बारी आने की प्रतीक्षा करते हैं। वहीं, डॉक्टर भी मरीजों को उतना समय नहीं दे पाते, जितना बीमारी के बारे में जानकारी करने के लिए उन्हें देना चाहिए। डॉक्टर बताते हैं कि ओपीडी में अधिकतम 60 से 70 मरीज आसनी से देखे जा सकते हैं। मगर, जिला अस्पताल 150 से 200 मरीज देखे जा रहे हैं। ओपीडी के अलावा डॉक्टर ऑन कॉल से लेकर वार्ड में भर्ती मरीज तक देखने होते हैं।






तापमान में उतार-चढ़ाव से होने वाली मौसमी बीमारियों के मरीज इस समय सबसे ज्यादा आ रहे हैं। सोमवार को 1480 नए पर्चे बने। इसमें सर्वाधिक मरीज सर्दी, जुकाम बुखार व खांसी के थे। पैथालॉजी की एसी खराब है, जिससे बनवाने के लिए कह दिया गया है।
-डॉ.आईके राम चंदानी, प्रभारी सीएमएस

जिला अस्पताल के पर्चा काउंटर के सामने लगी मरीजों की भीड़

जिला अस्पताल के पर्चा काउंटर के सामने लगी मरीजों की भीड़

जिला अस्पताल के पर्चा काउंटर के सामने लगी मरीजों की भीड़

जिला अस्पताल के पर्चा काउंटर के सामने लगी मरीजों की भीड़

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